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क्या होती है सेलेरी? जानें, इसके औषधीय गुण और फायदों के बारे में

क्या होती है सेलेरी? जानें, इसके औषधीय गुण और फायदों के बारे में

24 May, 2022

हम अपने दैनिक जीवन में कई तरह के पदार्थों का सेवन करते हैं। इसमें फल, फूल, मीट और शाक-सब्जी आदि चीजें शामिल हैं। इन्हीं खाद्य पदार्थों में से एक चीज है सेलेरी। जिसे अजमोद के नाम से भी जाना जाता है। सेलेरी में कई औषधीय गुण होते हैं। जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद और गंभीर समस्याओं से राहत दिलाने का काम करते हैं। यह वजन घटाने, रक्‍तचाप नियंत्रित करने, गठिया के दर्द को रोकने, कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर करने आदि में मदद करते हैं।

 

सेलेरी क्या है?

सेलेरी एक प्रकार का छोटा पौधा है। इसका ज्यादातर प्रयोग सलाद के रूप में किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल भोजन को सजाने, जूस या सूप बनाने के लिए भी किया जाता है। देखने में यह कुछ-कुछ धनिया जैसा होता है। यह मुख्य रूप से अमेरिका और मध्य-पूर्वी यूरोप में पाया जाता है। लेकिन इसके औषधीय गुणों के चलते आज पूरी दुनिया इसका उपयोग करने लगी है।

 

सेलेरी के औषधीय गुण-

विशेषज्ञों के अनुसार, सेलेरी में मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, सोडियम, विटामिन-ए, सी, ई, बी-6, बी-9, विटामिन-के, आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन पोषक तत्वों के अलावा सेलेरी में एंटीस्पास्मोडिक (मांसपेशियों में दर्द को ठीक करने वाला), सेडेटिव स्टीमुलेंट (दिमाग को शांत करने वाला), कार्मिनेटिव (गैस की समस्या से राहत दिलाने वाला), एंथेल्मिंटिक (परजीवी को नष्ट करने वाला), लैक्सेटिव (मल को ढीला करने वाला), ड्यूरेटिक (मूत्र को बढ़ाने वाला) जैसे औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। जो शरीर को तमाम बीमारियों से बचकर कई तरह से स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

 

सेलेरी के फायदे;

वजन कम करने के लिए-

सेलेरी में कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। जो वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। क्योंकि शरीर में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होने पर पेट भरा हुआ लगता है। कारणवश खाने की तीव्र इच्छा नहीं होती। जिससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

 

पाचन एवं कब्ज के लिए-

सेलेरी से संबंधित एक शोध में यह पाया गया है कि यह कब्ज की परेशानी को ठीक कर, पाचन स्वास्थ्य को बेहतर करने का काम करता है। क्योंकि सेलेरी में फाइबर और पानी पाया जाता है। जो पाचन क्रिया के लिए अच्छे होते हैं। इसलिए सेलेरी को पाचन एवं कब्ज के लिए कारगर औषधि माना जाता है।

 

बॉडी डिहाइड्रेशन के लिए-

चूंकि सेलेरी में भरपूर मात्रा में पानी पाया जाता है। जो शरीर को डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाने का काम करता है। इसलिए शरीर के डिहाइड्रेशन के सेलेरी का उपयोग एक सरल उपाय है।

 

प्रतिरोधक क्षमता के लिए-

विशेषज्ञों के अनुसार, सेलेरी में एल्कलॉइड, फिनोलिक, और फ्लेवोनोइड यौगिक होते हैं। जो शरीर में इम्यूनो स्टिमुलेटिंग (प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला) प्रभाव को प्रदर्शित करने का काम करते हैं। इसी वजह से सेलेरी को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अच्छा माना जाता है।

 

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण-

तमाम पोषक तत्वों की मौजूदगी की वजह से सेलेरी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है। जो उपापचय, श्वसन और हृदय रोगों के साथ मानसिक विकारों को दूर करने में मददगार साबित होता है।

 

ब्लड प्रेशर के लिए-

एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के अनुसार, सेलेरी के बीज में एंटी हाइपरटेंसिव प्रभाव मौजूद होता है। जो उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसलिए ब्लड प्रेशर की समस्या को कम करने के लिए सेलेरी को अच्छा माना जाता है।

 

आंखों के लिए-

सेलेरी बढ़ती उम्र के कारण होने वाली आंखों की परेशानियों से छुटकारा दिलवाने में मदद करती है। दरअसल सेलेरी में मौजूद विटामिन-सी, ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन जैसे खनिज पदार्थ पाए जाते हैं। जो बढ़ती उम्र के कारण होने वाले मैक्यूलर डीजेनरेशन (नेत्र रोग, जो अंधापन का कारण बन सकता है) को रोकने का काम करते हैं। इसलिए आंखों के स्वास्थ्य के लिए सेलेरी को कारगर औषधि माना जाता है।

 

कोलेस्ट्रॉल के लिए-

सेलेरी में 3-एन-ब्यूटिफ्थाथाइड नाम का एक रासायनिक यौगिक पाया जाता है। जो रक्त शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल को भी संतुलित करने का काम करता है। इस आधार पर सेलेरी का इस्तेमाल करना, कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में सहायता करता है।

 

गठिया और जोड़ों के दर्द के लिए-

सेलरी में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव मौजूद होता है। जो जोड़ों की सूजन और दर्द जैसी परेशानियों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। इस आधार पर कहा जाता है कि सेलरी का उपयोग गठिया और जोड़ों से संबंधित विकारों में मददगार साबित होता है।

 

अस्थमा के लिए-

सेलेरी में विटामिन और मिनरल्स के अलावा कई एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं। जो कई रोगों के इलाज में एक औषधि का काम करते हैं। जिसमें एक रोग अस्थमा भी है अर्थात सेलेरी में मौजूद तत्व अस्थमा के उपचार में मदद करने का काम करते हैं। इसलिए अस्थमा की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए सेलेरी को एक अच्छा उपाय माना जाता है।

 

यौन क्षमता के लिए-

यौन क्षमता और सेलेरी के संबंध में किए गए एक शोध में पाया गया है कि सेलेरी में भरपूर मात्रा में पुरुष हार्मोन एंड्रोस्टेरोन मौजूद होता है। जो पुरुषों में उत्तेजना को बढ़ाने और उनके पसीने द्वारा हार्मोन फेरोमोन को निकालने का काम करता है। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, फेरोमोन महिलाओं में भी कामोत्तेजना को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए सेलेरी को महिला और पुरुष दोनों में यौन क्षमता बढ़ाने के लिए कारगर माना जाता है।

 

दिल के लिए-

एक रिसर्च के आधार पर, सेलेरी में फाइबर, प्रोटीन, तमाम विटामिन और फाइटोकेमिकल्स आदि मौजूद होते हैं। जो हृदय के स्वास्थ्य को लंबे समय तक अच्छा रखने का काम करते हैं इसलिए सेलेरी का इस्तेमाल दिल से संबंधित रोगों के लिए एक बेहतर विकल्प है।

 

बालों के लिए-

सेलेरी में सिनर्जेटिक और एंटी हेयरलॉस प्रभाव पाया जाता है। जो बालों को टूटने और झड़ने से बचाने के साथ उनकी जड़ों को मजबूत करने का काम करता है। इसलिए सेलेरी को बालों के लिए भी अच्छा माना जाता है।

 

त्वचा के लिए-

सेलेरी में मौजूद पानी और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को निखारने का काम करते हैं। वहीं, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल को खत्म कर, त्वचा की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं। पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को कम करने और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाले में मदद करता है। इसके अतिरिक्त सेलेरी के बीजों का इस्तेमाल सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। वहीं, इसके एसेंशियल ऑयल में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होता है। जो त्वचा को बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने में मदद करता है।

 

कैंसर के लिए-

विशेषज्ञों के अनुसार, सेलेरी में अपीजेनिन नामक तत्व होता है। जो कैंसर से बचाव एवं इलाज के लिए जाना जाता है। इस आधार पर सेलेरी को कैंसर के खतरों को कम करने के लिए अच्छा माना जाता है।

 

सेलेरी के नुकसान-

  • सेलेरी के जूस का अधिक सेवन करने से फोटो टॉक्सिसिटी यानी त्वचा संबंधी एलर्जी या अन्य परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
  • बाजार में मिलने वाला सेलेरी पाउडर का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। क्योंकि इस पाउडर में कई अनावश्यक और हानिकारक पदार्थ हो सकते हैं। जो सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं।
  • डायबिटीज पेशेंट्स को इसका इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए क्योंकि सेलेरी के बीज में ब्लड शुगर को कम करने की क्षमता पाई जाती है। इसलिए इसकी अधिकता शरीर में ब्लड शुगर को अधिक कम भी कर सकती है।

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