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बदन दर्द के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

बदन दर्द के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

20 September, 2022

आजकल बदन दर्द की समस्या बेहद आम हो गयी है। इतनी आम की बुजुर्गों की अपेक्षा यह समस्या युवाओं और बच्चों में अधिक देखने को मिलती है। इसका मुख्य कारण आधुनिक खान-पान, रोजमर्रा की भागती जिंदगी और गलत लाइफ स्टाइल को फॉलो करना होता है। कई बार यह समस्या थोड़ा आराम करने, मालिश कराने और कुछ अन्य घरेलू उपचार करने से ठीक हो जाती हैं। लेकिन कुछ समय बाद फिर यह उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में इसे नजर अंदाज न करें। क्योंकि इस स्थिति में इसे छोटी-मोटी बीमारी मानकर नजर अंदाज कर देना एक गंभीर समस्या का कारण बन सकतीहै।

बदन दर्द क्या है?

बदन दर्द को अंग्रेजी में बॉडी पेन (Body Pain) के नाम से जाना जाता है। यह एक आम समस्या है, जो किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। कुछ लोगों में यह समस्या अचानक देखने को मिलतीहै। साथ ही कुछ मामलों में यह गंभीर रूप का कारण बनता है। बदन दर्द शरीर में उपस्थित मेटाबोलिक रसायनों की कमी के कारण होता है। इसके अतिरिक्त बदन दर्द मुख्य रूप से हड्डियों, नसों, मांसपेशियों और स्नायुबंधन (ligaments) द्वारा मिलकर किए जाने वाले कार्य और उसके तरीके पर निर्भर करता है।

बदन दर्द के लक्षण क्या है?

  • बदन दर्द के सामान्य लक्षण निम्नलिखित है:
  • शरीर के किसी हिस्सों में खिंचाव और जकड़न होना।
  • लगातार पूरे शरीर में दर्द का बना रहना।
  • सुबह में जागते समय शरीर में जकड़न होना।
  • शरीर के ऊपरी या निचले हिस्सों में झनझनाहट या सुन्नता होना।
  • मांसपेशियों में तेज दर्द होना।
  • सोने में कठिनाई महसूस करना।
  • अनिद्रा होना।
  • अधिक शारीरिक कमजोरी महसूस करना।
  • शरीर के किसी हिस्से में सूजन होना।
  • चलने-फिरने में परेशानी होना।

बदन दर्द के कारण क्या है?

सामान्य कारण-

यूं तो बदन दर्द होने के पीछे कई कारण होते हैं। लेकिन उनमें से कुछ सामान्य कारण भी होते हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  • लगातार कई घंटो तक बैठकर या खड़े होकर काम करना।
  • शरीर में अत्याधिक कमजोरी होना।
  • नियमित रूप से व्यायाम न करना।
  • शरीर में विटामिन डी की कमी होना।
  • रक्त में आयरन की कमी का होना।
  • अधिक चिंता या तनाव रहना ।
  • त्वचा पर चकत्ते पड़ना।
  • लुपस होना।
  • थायरॉइड की समस्या होना।
  • किसी संक्रमण या इन्फ्लुएंजा से ग्रसित होना।
  • गठिया की समस्या रहना।
  • मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को अधिक रक्त स्राव होना।

जोखिम कारक-

  • भारी वजन उठाना।
  • अधिक देर तक स्ट्रेचिंग वाले व्यायाम करना।
  • गलत मुद्रा में सोना या बैठना।
  • रीढ़ की हड्डी में कमजोरी होना।
  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता।
  • ह्रदय रोग।
  • अन्तः स्त्रावी ग्रंथियां।

कैसे करें बदन दर्द से बचाव?

बदन दर्द से पीड़ित लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन लोग कुछ सावधानियों को बरतें तो वह बदन दर्द की रोकथाम कर सकते हैं;

  • जो लोग शारीरिक` गति विधियां अधिक करते हैं, वह अपने शरीर को आराम दें।
  • भारी वजन उठाने से बचें।
  • सोने और बैठने की सही मुद्रा अपनाएं।
  • ज्यादा देर तक एक जगह पर बैठकर या खड़े होकर काम न करें।
  • भरपूर पानी पीएं।
  • आयरन, कैल्शियम और विटामिन युक्त फलों एवं आहार का सेवन करें।
  • सभी लोग अपने वजन को नियंत्रित रखें। जिससे उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी न हो सकें।
  • नियमित रूप से व्यायाम एवं योग करें।
  • अपने मांसपेशियों को अच्छे से स्ट्रेच करें। ताकि शरीर में रक्त का संचार सुचारु रूप से हो सकें।

बदन दर्द के घरेलू उपाय-

  • कोल्ड और हीट थेरेपी अपनाएं-कोल्ड थेरेपी को क्रायोथेरेपी के नाम से भी जाना जाता है। इस थेरेपी में बर्फ का उपयोग प्रभावित अंगों पर किया जाता है। ऐसा करने से रक्त परिसंचरण कम होता है। जिससे दर्द एवं सूजन को दूर करने में मदद मिलती है। इसके अलावा बदन दर्द से छुटकारा पाने के लिए प्रभावित अंगों की सिकाई करना भी लाभप्रद होता है। जिसे हीट थेरेपी के नाम से जानते हैं। इसके अंतर्गत हीट पैक, पैराफिन वैक्स एवं हाइड्रो थेरेपी शामिल हैं।
  • सेंधा नमक-बदन दर्द को दूर करने के लिए सेंधा नमक एक प्राकृतिक उपचारक की तरह काम करता है। इसका प्रयोग करने से मांसपेशियों के ऊत्तकों की सूजन एवं दर्द से राहत मिलती है। इसके लिए एक कटोरी एप्सम साल्ट (सेंधा नमक) को हल्के गर्म पानी से भरे बाथटब में डालें। जबतक पानी की गर्माहट रहे तब तक बाथटब में बैठे रहें। ऐसा करने से बदन दर्द में आराम लगता है।
  • मालिश करें-बदन दर्द को दूर करने के लिए तेल की मालिश को कारगर उपाय माना जाता है। इसके लिए सरसों, लैवेंडर या ऑलिव ऑयल में से किसी भी ऑयल को हल्का गर्म करके पूरे शरीर की मालिश करें। ऐसा करने से बदन दर्द में शीघ्र ही आराम होता है।
  • हल्दी है फायदेमंद-हल्दी में सूजन रोधी गुण मौजूद है। साथ ही यह प्राकृतिक दर्द निवारक का काम करती है। इसके लिए एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पिएं। ऐसा करने से बदन दर्द से राहत मिलती है।
  • सेब का सिरका है फायदेमंद-सेब का सिरका बदन दर्द और सूजन को दूर करने में बेहद प्रभावी माना जाता है। इसके लिए दो कटोरी सेब के सिरके को हल्के गर्म पानी से भरे बाथटब में डालें। जब तक पानी की गर्माहट रहे तब तक बाथटब में बैठे रहें। ऐसा करने से बदन दर्द कम होता है।
  • दालचीनी का करें उपयोग-दालचीनी प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करती है। क्योंकि इसमें एंटी एनाल्जेसिक, एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह सभी गुण दर्द और सूजन से छुटकारा दिलाता है। इसके लिए एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच दालचीनी का चूर्ण और शहद मिलाकर पिएं। इसके अलावा इसके पेस्ट को प्रभावित अंगों पर लगाना भी फायदेमंद होता है।
  • लाल मिर्च है फायदेमंद-मांसपेशियों या बदन दर्द को ठीक करने के लिए लाल मिर्च का इस्तेमाल अच्छा उपाय माना जाता है। दरअसल लाल मिर्च में पाए जाने वाला एंटी एनाल्जेसिक और सूजन रोधी गुण शरीर के किसी भी अंगों के दर्द एवं सूजन को कम करता हैं। इसके लिए एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर को दो चम्मच जैतून के तेल में मिलाकर मिश्रण बना लें। अब इस मिश्रण को प्रभावित अंगों पर लगाकर कपड़ें से बांध लें। फिर उसे रात भर के लिए छोड़ दें। अगली सुबह कपड़ें खोलकर अंगों को अच्छी तरह धोएं।

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