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आयुर्वेद में हिमालय साल्ट (सेंधा नमक) का महत्व और फायदे

By Anand Dubey July 30, 2021

आयुर्वेद में हिमालय साल्ट (सेंधा नमक) का महत्व और फायदे

सभी रसोई घरों में खाने के लिए नमक का इस्तेमाल किया जाता है। उन्हीं में से एक हिमालय साल्ट भी है। जिसे हिंदी में सेंधा नमक और अंग्रेजी में रॉक साल्ट कहतें हैं। ज्यादातर लोग इसका इस्तेमाल व्रत में साधारण नमक की जगह करते हैं। इसके अलावा हिमालय साल्ट अर्थात सेंधा नमक का प्रयोग घरो में मसाले, चूर्ण, काढ़े और पानी के रूप में किया जाता है।

हिमालय साल्ट एक प्रकार का खनिज है। जिसे नमक का शुद्ध रूप माना जाता है। क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार का मिलावट या केमिकल नहीं होता। इसके अल या केमिकल नहीं होती र केवा इसे खाने योग्य बनाने के लिए भी किसी तरह के रासायनिक प्रक्रिया (Chemical Process) से नहीं गुजरना पड़ता है। यह नमक पहाड़ों में पाया जाता है। जिसके कारण इसे प्राकृतिक औषधि के रूप में देखा जाता है। हिमालय साल्ट को सेंधा नमक, सिन्धा नमक, सैन्धव नमक, लाहौरी नमक आदि नामों से भी जाना जाता है। 

चूंकि सेंधा नमक को चट्टानों से निकाला जाता है। इसलिए इसे रॉक सॉल्ट भी कहते हैं। और चूंकि इसे हिमालय क्षेत्रों से प्राप्त किया जाता है। इसलिए इसे हिमालय साल्ट भी कहा जाता है। सेंधा नमक का सेवन सफेद नमक की अपेक्षा ज्यादा उपयोगी होता है। क्योंकि सेंधा नमक कृत्रिम रूप से आयोडीनाइज नहीं किया जाता है। सेंधा नमक को मराठी में शेंडे लोन और रासायनिक रूप से मैग्नीशियम सल्फेट भी कहा जाता है।

आयुर्वेद में हिमालय साल्ट (सेंधा नमक) का महत्व-

हल्के गुलाबी रंग के इस नमक में ऐसे कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो साधारण नमक की तुलना में इसे ज्यादा सेहतमंद बनाते हैं। हिमालय साल्ट यानी सेंधा नमक में मिनरल्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए इसके सेवन से आंखों और शरीर में सूजन जैसे दुष्प्रभाव भी कम होते हैं। इसके अलावा सेंधा नमक में आयरन की प्रचूर मात्रा पाई जाती है। जो सीने की जलन, सूजन और पेट फूलने की समस्या से निजात दिलाने में मदद करती है। साथ ही सेंधा नमक उच्च रक्तचाप एवं डायबिटीज के रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें मैग्नीशियम की अधिक मात्रा होती है। जिससे ब्लड शुगर एवं रक्तचाप बढ़ने का जोखिम कम हो जाता है। इसलिए आयुर्वेद में सेंधा नमक या हिमालय साल्ट को उत्तम दर्जे की औषधि माना गया है।

हिमालय साल्ट (सेंधा नमक) के फायदे-

मांसपेशियों के ऐंठन से राहत-

इलेक्ट्रोलाइट्स (कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम) की कमी मांसपेशियों में ऐंठन की वजह बनती है। लेकिन हिमालय साल्ट यानी सेंधा नमक में इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपूर मात्रा होती है। जो ऐंठन की समस्या को कम करने में सहायता करते हैं।

हड्डियों के लिए फायदेमंद-

मैग्नीशियम और कैल्शियम हड्डियों के निर्माण और उनकी सेहत को बनाए रखने के लिए जरूरी होते हैं। चूंकि सेंधा नमक को कैल्शियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसके लिए सेंधा नमक के पानी में कुछ देर के लिए पैर भिगोकर रखने से हड्डियों में मजबूती आती है। साथ ही ऐसा करने से जोड़ों के दर्द में भी आराम पहुंचता है। इसलिए सेंधा नमक का सेवन करना हड्डियों के लिए अच्छा होता है।

सूजन के लिए-

सेंधा नमक एंटीऑक्सीडेंट, अल्कलॉइड, फ्लेवोनोइड, फेनोलिक एसिड और सैपोनिन्स जैसे तत्वों से भरपूर होता है। जो सूजन और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा सेंधा नमक में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी का प्रभाव भी सूजन को कम करने और रोकने में सहायता करता है।

उच्च रक्तचाप के लिए फायदेमंद-

जिन लोगों को उच्च रक्तचाप की समस्या होती है। उन्हें डॉक्टर्स ज्यादा नमक न खाने की सलाह देते हैं। लेकिन हिमालय साल्ट बीपी में भी मदद करता है। क्योंकि इसमें आयरन की मात्रा प्रचुर पाई जाती है। जो ब्लड प्रेशर के लिए जरूरी होता है। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को भी सही करता है। जिससे रक्तचाप नियंत्रित होता है। इसके अलावा खाने में सेंधा नमक का इस्तेमाल करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम होता है। जिससे हार्ट संबंधी तमाम परेशानियां दूर होती हैं।

मस्तिष्क विकास के लिए-

सेंधा नमक में मौजूद न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण दिमाग का विकास कर, उससे जुड़ी तमाम बीमारियों को दूर करने में मदद करते हैं। इसके अलावा सेंधा नमक के सेवन से ऑक्सीजन का संचारण बढ़ता है। जिससे ब्रेन एक्टिव होता है। साथ ही दिमाग की याददाश्त भी बढ़ती है और न्यूरोनल कोशिकाओं की रक्षा भी होती है।

तनाव और चिंता के लिए-

सेंधा नमक में न्यूरो प्रोटेक्शन गुण पाए जाते हैं। जो दिमाग को शांत कर, ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से लड़ने का काम करते हैं। इसलिए इसका सेवन चिंता और तनाव को दूर करने में सक्षम होता है। इसके अलावा सेंधा नमक के पानी में पैर भिगोकर रखने से तनाव और दर्द की समस्या दूर होती है। परिणामस्वरूप रात को अच्छी नींद आती है।

त्वचा के लिए-

सेंधा नमक कई प्राकृतिक खनिजों से समृद्ध होता है। इसलिए इसे स्क्रब और स्पा की तरह उपयोग करने से मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद मिलती है। सेंधा नमक त्वचा की कोशिकाओं को पुनर्जीवित (स्किन रिजुवनेशन) करने का काम करता है। साथ ही यह त्वचा की प्राकृतिक बनावट को सुरक्षित रखकर चमक प्रदान करता है। इसके अलावा सेंधा नमक में क्लींजिंग प्रॉपर्टीज भी होती हैं। जो त्वचा की गंदगी को साफ करने का काम करती हैं। इसके लिए सेंधा नमक को गुनगुने पानी में डालकर नहाने से त्वचा की गंदगी साफ हो जाती है।

मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने में मददगार-

सेंधा नमक के पानी में पैर भिगोकर रखने से त्वचा की देखभाल के अलावा यह मेटाबॉलिज्म को सुचारू रूप से ठीक रखने में कारगर होता है। क्योंकि ऐसा करने से शरीर और मस्तिष्क दोनों को आराम मिलता है। जिसका मेटाबॉलिज्म पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मौखिक स्वास्थ्य के लिए-

मुंह से जुड़ी तमाम परेशानियों को दूर करने में भी हिमालय साल्ट लाभकारी सिद्ध होता है। इसके लिए सेंधा नमक युक्त गुनगुने पानी से कुल्ला करने से मुंह की दुर्गंध खत्म हो जाती है। वहीं, ऐसा करने से बलगम की समस्या एवं गले की खराश भी दूर होती है।

बालों के लिए-

सेंधा नमक यानी हिमालय साल्ट में क्लींजिंग और एक्सफोलिएटिंग दोनों गुण मौजूद होते हैं। जो स्कैल्प और बालों को साफ करने का काम करते हैं। इसके अलावा सेंधा नमक युक्त पानी से बाल धोने पर बालों की कंडीशनिंग भी होती है।

हिमालय साल्ट का उपयोग-

  • हिमालय साल्ट को साधारण नमक की जगह पर सब्जी बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • नींबू पानी और शिकंजी बनाने के लिए भी सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है।
  • दातों और मसूड़ों के लिए टूथपेस्ट या माउथवाश के रूप में हिमालय साल्ट का उपयोग किया जाता है।
  • नहाने या थेरेपी के दौरान इसका उपयोग किया जाता है।
  • दही वड़ा, रायता और पानी पुरी में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • पुदीने की चटनी बनाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • चाट मसाला और पाव भाजी में भी सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है।

हिमालय साल्ट के सेवन हेतु बरतें यह सावधानियां-

  • जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है या उन्हें किसी भी प्रकार का स्किन इन्फेक्शन है। तो उन्हें हिमालय साल्ट का उपयोग त्वचा पर नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से त्वचा पर सूजन या दाने हो सकते हैं।
  • अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे पेट में दर्द, दस्त, उल्टी आदि हो सकती है।
  • सेंधा नमक का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे दिल को खतरा हो सकता है।
  • सेंधा नमक से स्नान करते समय ध्यान रखें कि शरीर पर कोई चोट या घाव न हो। अन्यथा परेशानी बढ़ सकती है।
  • गर्भवती महिलाओं को हिमालय साल्ट का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
  • किडनी की बिमारियों से गुजर रहे लोग इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • छोटे बच्चे को हिमालय साल्ट यानी सेंधा नमक का सेवन नहीं करवाना चाहिए।

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