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कार्डियोमायोपैथी के प्रकार, कारण और उपचार

कार्डियोमायोपैथी के प्रकार, कारण और उपचार

13 July, 2022

कार्डियोमायोपैथी है क्या ?

कार्डियोमायोपैथी एक ऐसी बीमारी है जो हृदय की मांसपेशियों को प्रभावित करती है। इस स्थिति में हृदय शरीर में रक्त का संचार ठीक प्रकार से नहीं कर पाता है। जिसके कारण शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें मुख्य रूप से हर समय थकान महसूस करना, सांस लेने में समस्या होना और दिल की धड़कन तेज होना आदि शामिल हैं। जिसे नजर अंदाज कर देना या समय रहते इलाज न करवानेपर इसकी स्थिति दिन पर दिन खराब होती जाती है। ज्यादातर मामलों में यह समस्या इतनी जटिल हो जाती है कि दिल के दौरेका कारण बन जाती है।

कार्डियोमायोपैथी के प्रकार

  • डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी कार्डियोमायोपैथी के इस प्रकार में हृदय के प्राथमिक पंपिंग कक्ष अर्थात बाएं वेंट्रिकल आकार में बड़ा और मांसपेशियां पतली यानी कमजोर हो जाती हैं। जिसके कारण शरीर में रक्त के परिसंचरण में दिक्कत होती है। इस स्थिति में जैसे-जैसे हृदय कक्ष (लेफ्ट वेंट्रिकल) फैलता है, हृदय की मांसपेशी सामान्य रूप से सिकुड़ नही पाती। इस स्थिति को बढ़ा हुआदिल भी कहा जाता है। जिसके कारण हृदय रक्त को ठीक से पंप नहीं कर पाता । परिणामस्वरूप कई जटिल समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। आमतौर पर यह प्रकार कोरोनरी धमनी रोग के कारण होता है। इसे आगे वर्गीकृत किया गया है।
  • अल्कोहलिक कार्डियोमायोपैथीब यह लंबे समय तक अधिक शराब पीने के कारण होता है। यह हृदय को कमजोर करता है, जिससे आगे चलकर हृदय रक्त को प्रभावी ढंग से पंप करने में असमर्थ हो जाता है। इससे हृदय का आकार बढ़ जाता है। यह एक प्रकार का पतला कार्डियोमायोपैथी है।
  • हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथीहाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी हृदय की मांसपेशियों की असामान्य वृद्धि का कारण बनती है जिससे रक्त पंप करना मुश्किल हो जाता है। यह आमतौर पर हृदय के मुख्य पंपिंग कक्ष (बाएं वेंट्रिकल) की मांसपेशियों को प्रभावित करता है। यह मधुमेह या थायराइड विकार के कारण भी हो सकता है।
  • सिरदर्द के लिएसिरदर्द से राहत पाने के लिए कटेरी का प्रयोग सालों से किया जाता रहा है। इसके लिए कटेरी का काढ़ा बनाकर पी लें। ऐसा करने से सिर दर्द की समस्या से तुरंत राहत मिलती है। इसके अलावा कटेरी के फल के रस को माथे पर लेप की तरह लगाने से भी दर्द से राहत मिलती है।
  • प्रतिबंधात्मक कार्डियोमायोपैथीयह बीमारी का सबसे आम प्रकार होता है। इसका कोई मुख्य कारण नहीं होता है। यह किसी कारण (अज्ञातहेतु) के विभिन्न तरीकों से विकसित होती है। इसके अलावा यह शरीर के अंदर किसी स्थिति के कारण हो सकती है जो हृदय को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए एमाइलॉयडोसिस।
  • एर्रीथेमोजेनिक राइट वेंट्रिकुलर डिसप्लेसिया (एआरवीडी)यह कार्डियोमायोपैथी का एक दुर्लभ प्रकार होता है। यह स्थिति तब होता है, जब फैट और टिश्यू ह्रदय के दाएं वेंट्रिकल में मांसपेशियों को प्रतिस्थापित कर देते हैं। जो हृदय के लिए समस्या पैदा कर सकता है। यह आमतौर पर आनुवंशिक परिवर्तनों के कारण होता है।
  • पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथीपेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी बच्चे के जन्म के दौरान या बाद में हो सकती है। यह दुर्लभ स्थिति तब होती है जब प्रसव के बाद पहले पांच महीनों के अंदर या गर्भावस्था के आखिरी महीने में दिल कमजोर हो जाता है। यदि यह प्रसव के बाद होता है, तो इसे अक्सर प्रसवोत्तर कार्डियोमायोपैथी कहा जाता है। यह एक प्रकार का फैला हुआ कार्डियोमायोपैथी है। इसका कोई खास वजह नहीं है।
  • इस्केमिक कार्डियोमायोपैथीइस्केमिक कार्डियोमायोपैथी कोरोनरी धमनी की बीमारी के कारण होती है। जो हृदय वाहिकाओं को रक्त की पूर्ती करने वाले रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण करनेका कारण बनती है। जिससे हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। परिणामस्वरूप दिल का दौरा पड़ सकता है। जिसके कारण व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।
  • नॉन कंपैशन कार्डियोमायोपैथी-इसे स्पॉन्गी फॉर्म कार्डियोमायोपैथी के रूप में भी जाना जाता है। यह एक दुर्लभ स्थिति है जो गर्भ में होती है। यह गर्भ में हृदय की मांसपेशियों की असामान्य वृद्धि के कारण होता है।

कार्डियोमायोपैथी के कारण

कुछ चिकित्सीय स्थितियों या व्यवहार जो कार्डियोमायोपैथी को जन्म दे सकते हैं। वह निम्नलिखित हैं

  • लंबे समय तक उच्च रक्तचाप।
  • हार्ट अटैक के रूप में दिल के ऊतकों को नुकसान।
  • लंबे समय से हृदय गति का तेज होना।
  • हृदय वाल्व की समस्या होने पर।
  • कोविड -19 संक्रमण।
  • कुछ विशेष संक्रमण, जो हृदय में सूजन का कारण बनते हैं।
  • चयापचय संबंधी विकार, जैसे थायराइड रोग, मोटापा, या मधुमेह।
  • दैनिक आहार में महत्वपूर्ण खनिजों या विटामिनों की कमी होना।
  • गर्भावस्था की जटिलताएं।
  • हृदय की मांसपेशियों में आयरन का निर्माण (हेमोक्रोमैटोसिस) होने पर।
  • फेफड़े और हृदय (सारकॉइडोसिस) या शरीर के किसी आतंरिक हिस्सों में सूजन या कोशिकाओं (ग्रैनुलोमा) मेंछोटी गांठों का बनना।
  • अंगों के अंदर असामान्य प्रोटीन का संचय (एमाइलॉयडोसिस) होना।
  • संयोजी ऊतक विकार।
  • लंबे समय तक अधिक शराब का सेवन।
  • एम्फ़ैटेमिन, कोकीन या एनाबॉलिक स्टेरॉयड का उपयोग।
  • कैंसर से लड़ने के लिए कुछ कीमोथेरेपी दवाओं के साथ-साथ विकिरण का उपयोग।

कार्डियोमायोपैथी के लक्षण

आमतौर पर कार्डियोमायोपैथी के सभी प्रकार के लक्षण समान होते हैं। सभी मामलों में, हृदय मानव शरीर के अंदर अंगों और ऊतकों को रक्त प्रवाह प्रदान करने में सक्षम नहीं होता है। जिसके कारण कई अन्य लक्षण देखने को मिलते हैं। जो निम्नलिखित है

  • लगातार अधिक थकान और कमजोरी होना।
  • सांस फूलना, विशेष रूप से परिश्रम या व्यायाम के दौरान।
  • चक्कर आना।
  • छाती में तेज दर्द होना।
  • दिल की घबराहट होना।
  • उच्च रक्त चाप होना।
  • बेहोशी का दौरा पड़ना।
  • टखनों, पैरों और घुटनों की सूजन।

कार्डियोमायोपैथी के लिए उपचार

कार्डियोमायोपैथी का उपचार इसके लक्षणों के कारण हृदय और शरीर को हुए नुकसान की डिग्री पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को लक्षण प्रकट होने तक उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। जिन लोगों को सांस फूलने लगती है या सीने में दर्द होने लगता है, उन्हें अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव या घरेलू उपचार करके ठीक किया जा सकता है।

कार्डियोमायोपैथी से कैसे उबरें?

यह स्थिति इलाज योग्य नहीं है, हालांकि, उपचार के साथ, लक्षणों को कम किया जा सकता है।

कब जाएं डॉक्टर के पास?

यदि आप कार्डियोमायोपैथी से संबंधित एक या अधिक लक्षणों या संकेतों से पीड़ित हैं, तो तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श लें।

  • स्वस्थ्य ह्रदय के लिए जीवन शैली में परिवर्तन पर्याप्त नींद लें। विभिन्न प्रकार के पौष्टिक युक्त फलों, सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन करें।
  • दवाइयां उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं लें। जल प्रतिधारण को रोकें, हृदय को स्वस्थ्य बनाए रखें, रक्त के थक्कों और सूजन को रोकें।
  • शल्य चिकित्सा द्वारा प्रत्यारोपित उपकरणइम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर-डिफाइब्रिलेटर (ICD), वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (VAD) और पेसमेकर को हृदय के कार्यों में सुधार के लिए शल्य चिकित्सा द्वारा हृदय में प्रत्यारोपित किया जा सकता है।
  • हृदय प्रत्यारोपणहृदय प्रत्यारोपण का उद्देश्य हृदय को यथासंभव कुशल बनाने में मदद करना है। साथ ही किसी और क्षति या कार्यक्षमता के नुकसान को रोकना होता है।
  • घरेलू उपचारशराब का सेवन कम करें या स्वस्थ विकल्पों पर स्विच करें। शराब या तंबाकू से छुटकारा पाने के लिए पानी में पुदीना और नींबू मिलाकर सेवन करें।
  • उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखनासोडियम का सेवन कम करके और अधिक पौष्टिक खाद्य पदार्थ जैसे लीन मीट, ग्रिल्ड सब्जियोंका सेवन करें।
  • कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करें।गैर-संतृप्त वसा (जैतून का तेल और एवोकाडो, नट्स) के लिए संतृप्त वसा (डेयरी उत्पाद, बिस्कुट, आदि) को स्विच करके कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम किया जा सकता है।
  • तनाव कम करने की कोशिश करेंमन को केन्द्रित करें। साथ ही आराम करने के लिए समय निकालें । जिससे तनाव कम करने में मदद मिलती है।
  • नियमित व्यायाम करेंरोजाना एक घंटा पैदल चलें और लिफ्ट लेने की बजाय सीढ़ियों का सहारा लें।

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