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क्या होता है नासूर? जानें, इसके लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

By Anand Dubey October 25, 2021

क्या होता है नासूर?  जानें, इसके  लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

मुंह में छाले होना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति को मुंह में छाले बार-बार या कई दिनों तक रहते हैं, तो यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत देते हैं। जिनमें मौखिक स्वास्थ्य भी शामिल हैं। इसलिए शरीर के अलावा मुंह को स्वस्थ रखना भी ज़रूरी है। यदि किसी व्यक्ति को मुंह में छाले हो जाएं, तो उसका सीधा असर खान-पान एवं बात-चीत पर पड़ने लगता है। खासतौर पर यदि नासूर की समस्या हो। नासूर हो जाने पर व्यक्ति को खाने-पीने या बात करने में असुविधा होती हैं। यहां तक कि व्यक्ति को पानी का एक घूंट भी पीना बेहद मुश्किल और कष्टदायक होता है। क्योंकि यह काफी दर्दनाक होता है। नासूर अक्सर शरीर की गर्मी बढ़ने की वजह से होते हैं। जो घाव के रूप में दिखाई देते हैं। जिसे अंग्रेजी में कैंकर सोर (canker sores) कहा जाता है। जिसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

क्या होते हैं नासूर?

नासूर मुंह के कोमल उतकों और मसूड़ों पर होने वाला घाव होता है। जिसे एफथोउस अल्सर (Aphthous ulcers) भी कहते हैं। यह अल्सर पीले या सफेद रंग के और गोल या अंडाकार होते हैं। जिसमें घाव के किनारों पर लाल सीमा (Border) बनी होती है। यह अल्सर गाल के अंदर, जीभ या मसूड़ों के आसपास होते हैं। अल्सर या नासूर होने पर ज्यादा दर्द महसूस होता है। जिससे खाने, पीने और बोलने में परेशानी होती है। ज्यादातर नासूर के घाव 1 से 2 सप्ताह में ठीक हो जाते हैं। लेकिन जब यह घाव बड़े हो जाए तो इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

नासूर के प्रकार-

मामूली नासूर (Minor Canker sore)-

यह नासूर का सामान्य प्रकार है। जिसमें मुंह के घाव या अल्सर का आकार 2 मिलीमीटर से लेकर 8 मिलीमीटर तक होता है। इसके घाव बिना किसी निशान पड़े एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाते हैं।

गंभीर नासूर (Major Canker sore)-

इस प्रकार के नासूर मामूली नासूर से थोड़ा अधिक कष्टदायक होता है। गंभीर नासूर के आकार मामूली नासूर से बड़े और गहरे होते हैं। साथ ही यह घाव कुछ हफ़्तों तक रहता हैं। इनके ठीक हो जाने पर चेहरे पर निशान पड़ सकते हैं।

हर्पेटिफोर्म सोर (Herpetiform e sore)-

नासूर का यह प्रकार बहुत ही गंभीर और कष्टदायक होता है। इसके आकार लगभग 1 सेंटीमीटर के बराबर और 10 से 100 घावों के समूह में होते हैं। इस प्रकार के सोर यानी घाव से पीड़ित व्यक्ति को काफी दर्द का सामना करना पड़ता है। साथ ही यह दर्द किसी दवाई या क्रीम अदि से भी कम नहीं होता है।

नासूर के अन्य जोखिम लक्षण-

नासूर के लक्षण को इसके प्रकार के आधार पर उपरोक्त वर्गीकृत किया गया है। लेकिन इसके कुछ जोखिम लक्षण भी नजर आते हैं। आइए इस ब्लॉग के माध्यम से जानते हैं इन्हीं अन्य गंभीर लक्षणों के बारे में:

  • लिंफ नोड्स की सूजन होना।
  • मुंह के अंदरुनी हिस्सों में असहनीय दर्द होना।
  • मुंह की लाइनिंग पर उथले हुए घाव का दिखना।
  • नासूर के उभरने पर ज्यादा सिहरन का अहसास होना।
  • बुखार होना।
  • रैशेज पड़ना।
  • तेज सिर दर्द होना।

नासूर के कारण-

नासूर होने के पीछे अभी तक कोई वैज्ञानिक तर्क नहीं दिया गया है। लेकिन शोधकर्ताओं के अनुसार, नासूर होने के कुछ कारण निम्नलिखित बताए गए हैं-

  • मुंह में वायरल इंफेक्शन के कारण नासूर होता है। नासूर का दोबारा होने को रिकरंट ओरल एफथोउस अल्सर (aphthous ulcers) के नाम से जाना जाता है।
  • नासूर की समस्या कमजोर इम्यूनिटी, इनफ्लेमेटरी बाउल डिजीज, प्रतिरक्षा-तंत्र की समस्याएं, तनाव, चिंता या अवसाद के कारण भी होती है।
  • लिवर की किसी भी प्रकार की बीमारी और शराब के कारण होने वाला रोग लिवर के कार्यों में बाधा डालते हैं। जिससे मुंह में छाले या अल्सर होने लगते हैं।
  • यदि किसी व्यक्ति का पेट खराब रहता है। तो उसे नासूर होने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए ऐसे व्यक्ति को अपने खान-पान में हेल्थी डाइट अपनानी चाहिए।
  • यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में तंबाकू का सेवन करता है। ऐसे लोगों में भी नासूर होने की संभावना काफी अधिक रहती है।
  • हार्मोन्स में बदलाव की वजह से भी नासूर की परेशानी हो सकती है।
  • कभी-कभी नासूर की समस्या डेंडल इलाज कराने वाले लोगों में भी देखने को मिलते हैं।
  • शरीर में फोलिक एसिड, आयरन, विटामिन बी12 और जिंक की कमी के कारण नासूर की समस्या होती है।
  • कई बार नासूर होने का अन्य कारक जेनेटिक हिस्ट्री भी होती है।

नासूर से बचाव के उपाय-

  • मौखिक स्वास्थ्य बनाए रखें।
  • चिंता, तनाव और अवसाद से बचें।
  • अच्छे व संतुलित भोजन का सेवन करें।
  • पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ और पानी पिएं।
  • अधिक गर्म या ठंडे खाद्य और पेय पदार्थों के प्रति सतर्क रहें।
  • तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें।
  • धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।
  • तले-भुने एवं जंक फूड के सेवन से बचें।
  • भोजन को चबाकर खाएं।
  • भोजन चबाते समय किसी से बात न करें।
  • भोजन करते समय पानी न पिएं।

नासूर के घरेलू उपाय-

फाइबर युक्त भोजन-

ज्यादातर नासूर यानी मुंह के अल्सर होने की मुख्य वजह पाचन तंत्र का खराब होना होता है। इसलिए पाचन तंत्र को ठीक करने के लिए फाइबर वाली चीजों का सेवन करना चाहिए। वहीं, नासूर के दौरान मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे में फल-सब्जियां एवं साबुत अनाज आदि चीजों का सेवन ज्यादा करना चाहिए।

नमकयुक्त गुनगुने पानी से करें गरारे-

नासूर होने पर नमकयुक्त गुनगुने पानी से गरारे करना फायदेमंद होता है। गरारे करने से नासूर की सूजन एवं दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा गर्म पानी में बेकिंग सोडा या फिटकरी डाल कर प्रभावित हिस्से की सिकाई करने से नासूर की समस्या से निजात मिलती है।

बर्फ से करें सिकाई-

दिन में लगभग तीन से चार बार प्रभावित जगह पर बर्फ का टुकड़ा लगाएं। ऐसा करने से दर्द और सूजन दोनों से जल्द आराम मिलता है।

तुलसी है फायदेमंद-

तुलसी की पत्तियां घावों पर प्रभावी रूप से काम करते हैं। इसके पत्ते अल्सर से राहत दिलाने के साथ-साथ उसे दोबारा उभरने से भी रोकते हैं। इसलिए घावों से छुटकारा पाने के लिए, प्रतिदिन 4-5 तुलसी के पत्तियों को चबाएं।

हल्दी-

हल्दी नासूर से राहत दिलाने का एक प्रभावी प्राकृतिक उपाय है। क्योंकि यह एंटीसेप्टिक और एंटी इंफ्लेमेंटरी गुणों से समृद्ध होती है। इसके लिए हल्दी पाउडर में पानी मिलाकर पेस्ट बनाकर घावों पर लगाएं। इसके अलावा हल्दी पेस्ट में ग्लिसरीन मिलाकर घावों पर लगाने से भी फायदा होता है।

शहद-

शहद में एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेंटरी गुण पाए जाते हैं। जो बैक्टीरिया का खात्मा करते हैं। साथ ही यह दर्द और सूजन से छुटकारा दिलाने में सहायक होते हैं। वर्ष 2016 में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहद मुंह के अल्सर के दर्द के अलावा दाग को भी खत्म करता है। इसलिए शहद को नियमित रूप से रोजाना कम से कम 4 बार प्रभावित जगह पर लगाएं।

लहसुन-

लहसुन एंटी बायोटिक गुण से समृद्ध है। यह नासूर को ठीक करने में मदद करता है। इसके लिए 4-5 लहसुन की कलियों को लेकर पेस्ट बनाकर प्रभावित स्थानों पर लगाएं। करीब 10-15 मिनट के बाद इसे साफ पानी से धो लें। ऐसा करने से दर्द एवं सूजन दोनों से राहत मिलती हैं।

एलोवेरा जेल-

एलोवेरा में एंटी इंफ्लेमेंटरी गुण के अलावा कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं। जो दर्द से राहत दिलाने के साथ कैंकर सोर को खत्म करने में मदद करते हैं। इसके लिए एलोवेरा जेल को कैंकर सोर वाली जगहों पर लगाएं।

नारियल तेल-

कई रिसर्च के मुताबिक, नारियल तेल भी मुंह के नासूर या घावों से छुटकारा दिलाने में कारगर साबित होते हैं। क्योंकि इसमें एंटी माइक्रोबियल और एंटी इंफ्लेमेंटरी गुण पाए जाते हैं। जो घावों के दर्द से भी छुटकारा दिलाते हैं। इसके लिए दिन में 2-3 बार नारियल तेल को नासूर वाली जगहों पर लगाएं।

 


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