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क्या होता है लोबान का तेल? जानें इसके फायदे और सावधानियां

क्या होता है लोबान का तेल? जानें इसके फायदे और सावधानियां

24 May, 2022

कुछ लोग लोबान को लोहबान भी कहते हैं। लोबान का अधिकांश प्रयोग पूजा, अनुष्ठान, हवन, यज्ञ आदि में किया जाता है। लोबान को हिंदू धर्म में पवित्र माना गया है। पूजा-पाठ के लिए इस्तेमाल की जाने वाली हवन सामग्री में भी लोबान का विशेष महत्व है। लेकिन लोबान का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ में ही नहीं बल्कि कई आयुर्वेदिक औषधियों में भी किया जाता है। खासकर “लोबान के तेल” के रूप में। जिसे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। आम बोलचाल की भाषा में लोबान तेल को लोहबान तेल के नाम से भी जाना जाता है। लोबान को संस्कृत में लोहबाण, श्यामधूप और फारसी में हस्न लब (Hasn lub) कहा जाता है। लेकिन अंग्रेजी में लोबान तेल को फ्रैंकिंसन्स ऑयल के नाम से जानते हैं।

लोबान को जलाने पर एक ख़ास तरह की सुगंध आती है। यह सुगंध काफी तेज होती है, जो पूरे परिवेश में फैलकर उसे स्वच्छ और सकारात्मक बनाती है। ऐसा माना जाता है कि इसकी सुगंध से तन, मन और दिमाग को शांति मिलती है। एक तरफ लोबान की धूनी वातावरण को शुद्ध बनाती है तो दूसरी ओर लोबान का तेल शरीर को स्वास्थ्यवर्धक। यह तेल सौंदर्य प्रसाधन के लिए भी अच्छा होता है।

 

क्या है लोबान का तेल?

लोबान का तेल लोबान पेड़ की गोंद या रॉल से तैयार किया जाता है। जिसका वैज्ञानिक नाम बोसेलिया कार्टेरी होता है, जोकि स्टाइरेकेसी कुल से संबंध रखता है। आयुर्वेद के अनुसार लोबान के तेल में एंटीसेप्टिक, एंटी-इंफ्लमेटरी, एंटी-डिप्रेसेंट, एनलजेसिक, एस्ट्रिंजेंट, एक्सपेक्टोरेंट, स्टीम्युलेंट गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा इस तेल में अन्य प्रकार के तत्व जैसे अल्फा-पिनिन, एक्टनोल, बोनाइल एसिटेट, लिनलूल, इंसेसोल आदि पाए जाते हैं। जिसके कारण इस तेल का इस्तेमाल सूजन, सिर दर्द, जोड़ों एवं मांशपेशियों में दर्द, स्किन समस्याएं, उल्टी और हिचकी की समस्या में राहत पाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग औषधीय जड़ी-बूटी के रूप में, घरेलू दवाओं के रूप में, सौंदर्य उपचार के रूप में किया जाता है। इसके अलावा लोबान तेल का इस्तेमाल कैप्सूल के रूप (सेवन के लिए) में भी किया जाता है।

 

लोबान तेल के फायदे;

लोबान तेल के फायदों में स्वास्थ्य से लेकर बाल और त्वचा तक के फायदे शामिल हैं। आइए जानते हैं इन फायदों के बारे में-

 

श्वसन की समस्याओं में लाभप्रद-

लोबान तेल बंद नाक को खोलकर सांस लेने में होने वाली दिक्कतों को दूर करता है। यह फेंफडों (लंग्स) में ऑक्सीजन लेने की क्षमता में बढ़ोतरी करता है। इस तेल के इस्तेमाल से श्वसन तंत्र की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसलिए लोबान तेल का प्रयोग इन्हेलर और जुखाम संबंधी दवाओं में किया जाता है। यह श्वसन प्रणाली और फेफड़ों में जमा कफ को भी दूर करता है। इसके अलावा सांस संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए लोबान तेल को इत्र के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जिससे गहरी सांस लेने में आसानी होती है।

 

साइनसाइटिस के लिए-

नाक की मांसपेशियों में होने वाले ब्लॉकेज को साइनसाइटिस या साइनस कहा जाता है। यह एक प्रकार का इनफ़ेक्शन होता है, जिसके चलते नाक के आंतरिक भाग में सूजन आ जाती है। कारणवश नाक में दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में लोबान का तेल काफी मददगार साबित होता है। इसके लिए पानी को गरम करके उसमें लोबान तेल की कुछ बूंदें डालकर भाप लेने से साइनस का ब्लॉकेज खुलने लगता है। जिससे सांस लेने में होने वाली परेशानी दूर होती है।

 

सिरदर्द के लिए -

यदि कोई जरूरत से ज्यादा चिंता करता है तो उसे सिरदर्द की दिक्कत होने लगती है। लेकिन लोबान पर किए गए एक शोध से पता चलता है कि इसके तेल से चिंता और उसके दर्द को कम किया जा सकता है। इस ऑयल की कुछ बूंदें लेकर अपने हाथों में मलें और गहरी सांस लेकर सूंघे। ऐसा करने से सिरदर्द और अन्य प्रकार से होने वाली मानसिक थकान दूर हो जाती है। परिणामस्वरूप अच्छी नींद आती है।

 

तनाव और थकान दूर करने में सहायक -

लोबान तेल चिंता, थकान, तनाव आदि के कारण से होने वाले सिरदर्द को कम करने में मदद करता है। लोबान का तेल सेंट्रल नर्वस सिस्टम (Central Nervous System) पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। जिससे चिंता, तनाव, थकान, सिरदर्द आदि में आराम मिलता है। इसके लिए लोबान तेल की कुछ बूंदो को लेकर कनपटी और गर्दन पर अच्‍छी तरह से लगाएं। ऐसा करने से चिंता, अवसाद और मानसिक तनाव दूर हो जाते हैं। साथ ही लोबान तेल की कुछ बूंदे को अपने बिस्तर पर छिड़कने से नींद अच्छी आती है। इसके अलावा लोबान तेल का इस्तेमाल अरोमाथेरेपी के लिए भी किया जाता है।

 

मांसपेशियों को आराम देने हेतु-

लोबान में दर्द निवारक और एंटी-स्पास्मोडिक गुण मौजूद होते हैं। जो मांसपेशियों की ऐंठन और दर्द को दूर करने का काम करते हैं। इसलिए लोबान तेल से प्रभावित मांसपेशियों की मालिश करने से थकान का एहसास कम होता है और मांसपेशियां भी रिलैक्स फील करती हैं।

 

दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मददगार-

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, लोबान के तेल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। जो अर्थराइटिस में होने वाली सूजन की समस्या में कारगर साबित होता है। साथ ही लोबान तेल में ज्यादातर कीटाणुनाशक गुण पाए जाते हैं। इसलिए यह तेल स्थाई रूप से दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होता है। क्योंकि यह त्वचा में जलन पैदा करने वाले जीवाणु को मारता है। साथ ही यह त्वचा के संवेदी तंत्रिका तंत्र को हल्का करता है, जिससे दर्द कम होता है और त्वचा की सूजन भी दूर हो जाती है।

 

एलर्जी और इनफ़ेक्शन को खत्म करने में-

लोबान का तेल कई प्रकार की एलर्जी और इनफ़ेक्शन को दूर करने में मदद करता है। लोबान में मौजूद एंटी इंफ्लेमेंटरी गुण एलर्जी को कम करने का काम करता है और इसके एंटी-फंगल, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-बैक्टीरियल गुण इनफ़ेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करते हैं।

 

ओरल हेल्थ के लिए-

जिंजीवाइटिस (Gingivitis) को मसूड़ों की सूजन के रूप में जाना जाता है। लोबान तेल का उपयोग इस समस्या को दूर करने में कारगर साबित होता है। इसके अलावा लोबान में मौजूद एंटीसेप्टिक गुणों की वजह से यह तेल मुंह संबंधी विकार जैसे दांत दर्द, कैविटी, मुंह के छाले और तमाम तरह के संक्रमण से बचाने में लाभप्रद होता है। लोबान पर किए गए एक शोध से पता चलता है कि लोबान के तेल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है। यह गुण प्लाक (बैक्टीरिया से बनने वाली एक चिपचिपी तथा रंगहीन परत) की वजह से होने वाली जिंजीवाइटिस की समस्या से आराम दिलाने में मदद करता है।

 

स्वस्थ और चमकती त्वचा बनाए रखना-

लोबान तेल में साइटोफाइलेक्टिक गुण पाए जाते हैं जो स्वस्थ कोशिकाओं निर्माण में सहायक होती है। इसके अतिरिक्त इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। जो त्वचा पर चमत्कारी प्रभाव डालते हैं। यह त्वचा को भीतर से साफ करने और त्वचा की टोन को बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही लोबान तेल शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और त्वचा को दोष रहित बनाने के लिए फुंसियों और मुंहासों को रोकने में सहायता करता है।

 

एंटी एजिंग प्रभाव कम करने के लिए-

लोबान तेल में एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। जो झुर्रियों और महीन रेखाएं जैसे बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में सहायता करता है। इसके लिए लोबान तेल की कुछ बूंदों को नारियल के तेल में मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे और स्किन की अच्छे से मालिश करें।

 

पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद-

लोबान का तेल पाचन स्वास्थ्य को अच्छा बनाता है। इसका सेवन आंत संबंधित क्रियाओं को बेहतर करता है। यह तेल शरीर में पाचक रस (गैस्ट्रिक, पित्त और एसिड) के स्त्राव को बढ़ाने के साथ-साथ आमाशय के फैलने-सिकुड़ने की गतिविधि बढ़ाता है। जिससे पेट हमेशा साफ रहता है और पाचन प्रणाली दुरुस्त रहती है। इसलिए लोबान के तेल को पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छा कहा जाता है।

 

प्रतिरक्षा स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में कारगर-

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली की वजह से ज्यादातर लोग बीमार हो जाते हैं। लोबान के तेल में पर्याप्त मात्रा में एंटीसेप्टिक होता है। इसलिए इस तेल के सेवन और तलवों पर लगाने से शरीर की इम्यूनिटी में सुधार होता है। यह तेल एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि के रूप में काम करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण यह बॉडी को ऑक्सीकरण से भी बचाता है।

 

लोबान तेल का इस्तेमाल करते वक्त बरतें यह सावधानियां-

वैसे तो लोबान तेल का कई स्वास्थ्य लाभ हैं। लेकिन इसका अनियमित या अत्यधिक इस्तेमाल करना कई प्रकार की स्वास्थ्य हानि पैदा कर सकता है। जोकि निम्न है;

  • इसका अत्यधिक प्रयोग से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पेट से संबंधित) से जुड़ी समस्या हो सकती है।
  • संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को लोबान तेल से एलर्जी की समस्या (जैसे त्वचा पर रैशेज) भी हो सकती है।
  • त्वचा पर इस्तेमाल करने के बाद जलन या लालिमा हो सकती है।
  • गर्भावस्था के दौरान लोबान के तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह मासिक धर्म बढ़ाने का काम करता है।

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