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Castor Oil: Uses and Benefits

Posted 21 March, 2022

Castor Oil: Uses and Benefits

Castor Oil is one of the oldest oils extracted from a plant, Ricinus communis, which is put to multiple uses. As seen today, it is used for skin and hair but its historical use has nothing to do with these applications. It was more of a medicinal oil which was used for therapeutic purposes rather than for cosmetic use.

Moving further, we will see how castor use is useful and what are the possible side-effects of this multi-purpose oil.

 

Where is it Extracted From?

Castor oil, also known as Ricinus Oil is a non-volatile, thick, gloopy, and fatty oil with a yellow tint which is obtained from the seeds of the castor bean (Ricinus communis). The oil has a very rare and distinct flavour and smell.

It is extracted either by pressing or through the process of solvent extraction. India and Brazil are the major producers of the oil and seed and are primarily consumed in the United States for industrial purposes.

 

Benefits of Castor Oil

Castor Oil has many benefits and wide-ranging uses. In this section, we will see what are the various benefits of this oil.

 

For Hair

  • Due to its nourishing properties, it can nurture your eyebrows and eyelashes. It can help in conditioning the hair and increase the volume too.
  • Applying the oil to the hair can prevent breakage if used for 2-3 days, a week.
  • The oil is packed with omega-6 fatty acids, amino acids, and vitamin E, which help to keep hair strong, and healthy.
  • It boosts your hair growth and regular application can give you strong and long hair.
  • Using the oil along your hairline will help in controlling the frizz, and smoothen your hair.

 

For Face & Skin

  • It acts as a natural moisturizer and smoothens your skin.
  • Rubbing a little castor oil on to the knees, elbows, and other dry areas of your body seal in the moisture if used once or twice a day.
  • Its healing properties make it a well-known product for curing skin conditions like eczema, dermatitis, rosacea, psoriasis, and other skin problems.
  • The anti-inflammatory properties help in reducing puffiness and swelling.
  • Castor oil contains antibacterial properties that help in opening pores and hence preventing acne.
  • Castor oil is helpful in cleansing the skin as the triglycerides found in the oil removes dirt from the skin.

 

Uses of Castor Oil for Industrial Purposes

As stated above, Castor oil is useful for skin, hair, and face due to its anti-microbial, anti-bacterial, and healing properties. Apart from these, the oil has a great commercial value and is treated as a highly renewable resource for the chemical industry. It is used for several industrial purposes listed below:-

  • Manufacturing soaps, waxes, and lubricants.
  • Studies conducted for castor oil show that castor oil contains methyl esters which can be used as alternative biodiesel, blended with diesel.
  • Castor oil and its derivatives can also be used in the synthesis of renewable polymers and monomers.
  • In the process of production, castor oil gives two bioproducts i.e., husks and meal, which when combined together, acts as a potential fertilizer that promotes plant growth.
  • Castor oil is also used in the production of coating oil for furniture and paints.

 

Side-effects of Castor Oil

  • There are often complaints of allergic reactions such as skin rashes, swelling, and itching.
  • The laxative properties of castor oil can cause diarrhoea, abdominal cramps, and vomiting.
  • It is always advised to slightly dilute the oil with any other oil such as coconut oil as applying pure castor oil may cause skin irritation and dryness.
  • Pregnant women should never consume castor oil as it can induce premature labor-pain.
  • The stimulant laxative starts works quickly so never take it before going to bed.
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जीवन में एसेंशियल ऑयलों का महत्व और उपयोगिता

Posted 24 May, 2022

जीवन में एसेंशियल ऑयलों का महत्व और उपयोगिता

आमतौर पर एसेंशियल ऑयल का नाम तो सभी ने सुना होगा। लेकिन यह कौन से ऑयल होते हैं? इनका क्या काम होता है? यह कैसे काम करते हैं? आदि प्रश्नों के बारे में कोई नहीं जानता। जोकि बेहद जरूरी है। एसेंशियल ऑयल में वह ऑयल आते हैं, जो किसी पौधे से निकाले जाते हैं। इन ऑयलों का प्रयोग प्राकृतिक उपचार, अरोमाथेरेपी, अल्टरनेटिव हेल्थ प्रैक्टिस और कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं में खूब किया जाता है। प्राचीन समय से इन एसेंशियल ऑयलों का इस्तेमाल दवा, सौंदर्य प्रसाधन, इत्र, भोजन और तमाम तरह की चिकित्‍सा प्रणाली में होता आया है। इन एसेंशियल ऑयल को सामान्‍य भाषा में आवश्‍यक तेल भी कहा जाता है।

 
 

एसेंशियल ऑयल क्या हैं?

 

एसेंशियल ऑयल लाभकारी पौधों का लिक्विड एक्सट्रैक्ट (अर्क) होता है। इन ऑयलों को स्टीम, वाटर डिस्टिलेशन (distillation), मैकेनिकल मेथड और कोल्ड प्रेसिंग (cold pressing) जैसे तरीकों से निकाला जाता है। पौधों से एसेंशियल ऑयल की प्राप्ति करने के लिए पौधों के अलग- अलग हिस्‍सों का प्रयोग किया जाता है। इन हिस्‍सों में पौधे के फूल, पत्तियां, छाल, जड़, फलों के छिल्‍के आदि का इस्तेमाल होता है। इन तेलों की महक इनके पौधों से भी ज्यादा स्ट्रांग होती है। साथ ही इनमें एक्टिव इंग्रेडिएंट्स भी उच्च स्तर में मौजूद होते हैं। इसलिए यह तेल जड़ी- बूटियों के मुकाबले 75 प्रतिशत अधिक शक्तिशाली और प्रभावी होते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इनसे नुकसान नहीं होता। यदि इन तेलों का प्रयोग सावधानी से न किया जाए तो इनका भी कुछ दुष्‍प्रभाव जरूर हो सकता है। जिसका मूल कारण है इन तेलों का बेहद शक्तिशाली होना।

 
 

एसेंशियल ऑयल के पोषक तत्‍व-

 

वैसे तो सभी एसेंशियल ऑयल में अलग-अलग गुण और पोषक तत्‍व होते हैं। यह पोषक तत्‍व और गुण उन पौधों पर निर्भर करते हैं, जिन पौधों से इन तेलों की प्राप्ति होती है। लेकिन एंटीमाइक्रोबायल और एंटी-इंफ्लामेटरी ऐसे गुण हैं, जो सभी एसेंशियल ऑयलों में सामान्‍य होते हैं। इसके अलावा इन तेलों में कई प्रकार के विटामिन, खनिज पदार्थ और पोषक तत्‍व भी होते हैं। जो बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ देने में मदद करते हैं। इन एसेंशियल ऑयलों में कुछ   एंटीऑक्‍सीडेंट गुण भी होते हैं। जो शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्स (मुक्त कण) से बचाने का काम करते हैं।

 
 

एसेंशियल ऑयलों की सूची-

शरीर को स्‍वास्‍थ्‍य लाभ और अन्‍य प्रकार के फायदे देने वाले एसेंशियल ऑयलों की सूची बहुत लंबी है। जोकि इस प्रकार है-

 
  • जोजोबा तेल
  • काली मिर्च का तेल
  • तुलसी का तेल
  • पुदीने का तेल
  • अदरक का तेल
  • देवदार का तेल
  • चंदन का तेल
  • पचौली का तेल
  • लैवेंडर का तेल
  • आर्गन ऑयल
  • नेरोली तेल
  • नींबू बाम तेल
  • जैस्मीन तेल
  • कोपाबा या कोपाइबा तेल
  • बर्गमोट ऑयल
  • अनार का तेल
  • फ्रैंकेंसेंस (लोबान) ऑयल
  • गांजे का तेल
  • कद्दू का तेल
  • अंगूर का तेल
  • रोजमेरी तेल
  • साइप्रस तेल
  • हरसिंगार का तेल इत्यादि।
 

कुछ जरूरी एसेंशियल ऑयल के नाम और उनके लाभ-

 

एसेंशियल ऑयल हानिकारक जीवों के खिलाफ प्रभावी होते हैं। यह तेल व्यक्ति की मनोदशा को सुधारने और मस्तिष्‍क की कार्य क्षमता में विकास करते हैं। इन तेलों में मितली, उल्‍टी, सिरदर्द आदि समस्याओं को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ ऑयल अरोमाथेरेपी के दौरान होने वाले दुष्‍प्रभावों को भी कम करते हैं। आइए जानते हैं कुछ एसेंशियल ऑयलों के फायदों के बारे में-

 
 

लौंग एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

लौंग के तेल को दांतों के दर्द का अचूक उपाय माना जाता है। दांत में दर्द होने पर रूई को लौंग के तेल में भिगोकर दर्द वाले हिस्से और उसके आस-पास मसूड़ों पर लगाएं। लौंग तेल में शक्तिशाली एंटी-फंगल गुण होते हैं। जो कैंडिडा अल्बिकंस बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मदद करते हैं। जिससे दांतों का दर्द कम होता है। लौंग तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

मुंह के छालों के लिए उपयोगी-

 

लौंग तेल में एंटी-वायरल गुण मौजूद होते हैं। जो हर्पस सिम्‍प्‍लेक्‍स (herpes simplex) से बचाने का काम करते हैं। साथ ही यह छालों के दर्द को कम करके उपचार प्रक्रिया में तीव्रता लाते हैं। इसके लिए एक से दो बूंद लौंग तेल को मुंह के छालों पर लगाएं।

 
 

गठिया के दर्द के लिए लाभप्रद-

 

लौंग का तेल दर्द निवारक और गठिया रोग के लिए अच्छा होता है। इस तेल से प्रभावित हिस्से की मालिश करने से दर्द में शीघ्र ही आराम मिलता है।

 
 

बैक्‍टीरिया नष्‍ट करने में सक्षम-

 

लौंग तेल बैक्‍टीरिया को नष्‍ट करने के‍ लिए काफी उपयोगी सिद्ध होता है। दरअसल यह एक प्राकृतिक एंटी-बैक्‍टीरिया ऑयल है। जो ई-कोलाई, साल्‍मोनेला और हेलिकोबैक्‍टर पिलोरी (पेट के अल्‍सर से जुड़ा) जैसे हानिकारक बैक्‍टीरिया को खत्म करने की क्षमता रखता है। इसलिए टेलिफोन, की बोर्ड, रसोई, टॉयलेट सीट आदि जगह पर लौंग तेल का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।

 
 

ओरेगेनो (अजवायन की पत्ती) एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

ओरेगेनो तेल में कारवाक्रोल होता है, जो हानिकारक जीवाणुओं से हमारी रक्षा करता है। ओरेगेनो तेल का प्रयोग बैक्‍टीरिया के विकास को कम करने में सहायता करता है। ओरेगेनो तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

एंटीऑक्‍सीडेंट के रूप में ओरेगेनो तेल-

 

ओरेगेनो ऑयल में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं। जो उम्र बढ़ने वाले लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।

 
 

गले के लिए आरामदायक-

 

गले में खराश, दर्द या कोई और प्रॉब्लम होने पर ओरेगेनो एसेंशियल तेल का प्रयोग करना बेहद लाभकारी होता है। इसके लिए एक गिलास पानी में इस तेल की दो-तीन बूंद डालकर गरारे करने चाहिएं। इससे सर्दी और बुखार के लक्षणों में भी कमी होती है।

 
 

पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

पुदीना या पेपरमिंट ऑयल मितली, सिरदर्द, पेट दर्द, गैस, अपचन, चिंता और तनाव आदि समस्याओं को ठीक करता है। इस तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

हॉट फ़्लैश को शांत करने में उपयोगी-

 

पेपरमिंट में उच्‍च मात्रा में मेन्‍थॉल सामग्री पाई जाती है। जो महिलाओं में होने वाली हॉट फ़्लैश (मेनोपॉज के बाद की स्थिति) की समस्या को शांत करता है। इसलिए अधिक गर्मी महसूस होने पर पुदीना तेल से सिर की मालिश करना अच्छा होता है। इसके अतिरिक्त इस तेल की खुशबू भी शरीर को ठंडा रखती है।

 
 

सतर्कता बढ़ाने में मददगार-

 

पुदीना तेल मनुष्य की सतर्कता शक्ति को बढ़ाने का काम करता है। इस रूप में यह तेल उन ड्राइवरों के लिए बेहद जरुरी हो जाता है, जो लंबी दूरी तक गाड़ियां चलाते हैं। मस्तिष्‍क को सचेत रखने और तंत्रिका तंत्र को जगाने में पुदीना तेल बहुत प्रभावी होता है। बच्चों में इस तेल की खुशबू एकाग्रता बढ़ाने का काम करती है।

 
 

मांसपेशीय दर्द के लिए फायदेमंद-

 

पेपरमिंट तेल मांसपेशियों को आराम दिलाकर शरीर के दर्द को कम करता है। इसके लिए पुदीना तेल को किसी अन्य तेल के साथ मिलाकर प्रभावित हिस्से की अच्छे से मालिश करें। इस तेल का इस्तेमाल गठिया दर्द से राहत पाने के लिए भी किया जाता है। पुदीना तेल की खुशबू लेने से श्वसन संबंधी एलर्जी भी दूर होती है।

 
 

अरंडी एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

अरंडी के तेल को बालों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। बाजार में यह आसानी से उपलब्ध होता है। इसका उपयोग बालों के विकास और डैंड्रफ (रूसी) को दूर करने में किया जाता है। इसके अलावा अरंडी का तेल पलकों (आईलैशेज) को खूबसूरत और घना बनाने में भी मददगार साबित होता है। इस तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

चेहरे और त्वचा के लिए लाभदायक-

 

अरंडी का तेल मुंहासों के लिए भी लाभकारी होता है। दरअसल, इसमें मौजूद रिसिनोलिक एसिड मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को रोकने में मदद करते हैं। जिससे मुंहासों की समस्या दूर होती है। वहीं, इसके सही उपयोग से चेहरे की रंगत में भी निखार आता है।

 
 

औद्योगिक उत्पादन के लिए उपयोगी-

 

उद्योग जगत में अरंडी के तेल का उपयोग ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने, पेंट का निर्माण करने, साबुन बनाने, चिपकाने वाले पदार्थ जैसे- फेविकॉल, लुब्रिकेंट आदि के निर्माण में भी किया जाता है। इस तेल में रेचक (Purgative) और चिकनाई होती है, जिसके कारण औषधीय निर्माण में भी इसका व्यापक प्रयोग होता है।

 
 

नीलगिरी एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

यूकेलिप्‍टस तेल नीलगिरी के पेड़ की पत्तियों से निकाला जाता है। इस तेल में कीटनाशक और एंटीमाइक्रोबायल गुण होते हैं। जो कई प्रकार के संक्रामक जीवाणुओं को खत्म करने का काम करते हैं। इसके अतिरिक्त नीलगिरी तेल कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को भी ठीक करने में मदद करता है। इस तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

श्वसन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी-

सांस संबंधित परेशानी होने पर नीलगिरी तेल का नियमित रूप से इस्तेमाल करना अच्छा होता है। खांसी होने पर इस तेल की वाष्‍प लेनी चाहिए। इससे सर्दी कम होती है। यह शरीर में रुके हुए कफ को बाहर निकालने में मदद करता है।

 
 

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभदायक-

 

नीलगिरी और पुदीना तेल को मिलाकर प्रयोग करने से संज्ञानात्मक प्रदर्शन में बढ़ोतरी होती है। इसके अतिरिक्त दोनों तेलों की मिश्रित खुशबू लेने से सिरदर्द भी कम होता है।

 
 

बुखार को कम करने में मददगार-

 

बुखार कम करने के लिए नीलगिरी तेल की दो-चार बूंदों को पानी में मिलाकर, एक कपड़े को उस पानी में भिगोकर रोगी के शरीर को पूछें। विशेषकर रोगी की पीठ, गर्दन, छाती, पैर और तलवों को। ऐसा करने से रोगी का बुखार कम होने लगता है।

 
 

इसके कुछ अन्‍य फायदे:

  • मांसपेशियों के दर्द के लिए फायदेमंद।
  • मानसिक तनाव को कम करने में मददगार।
  • अरोमाथेरेपी के लिए उपयोगी।
  • सिर की जूं के लिए कारगर इलाज।
 

टी ट्री एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

टी ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोबायल और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण प्रचुर मात्रा में होते हैं। जो सूजन को कम करने का काम करते हैं। यह तेल एक्जिमा और सोरायसिस से भी छुटकारा दिलाने में मदद करता है। इसके लिए टी ट्री ऑयल को पतला करके प्रभावित हिस्से पर दिन में दो बार जरूर लगाएं। इस तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

जलन को कम करे-

 

शेव करने के बाद चेहरे पर लगे छोटे-छोटे कट में जलन होती है। ऐसे में नारियल तेल और टी ट्री ऑयल को मिलाकर चेहरे पर लगाने से जलन कम होने लगती है।

 
 

त्‍वचा संक्रमण से बचाए-

 

टी ट्री ऑयल एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक तेल होता है। इसलिए त्‍वचा पर चोट लगने या कोई दोष होने पर टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है।

 
 

प्राकृतिक कीट नाशक-

 

टी ट्री ऑयल मच्‍छरों और कीट-पतंगों के काटने से होने वाले दोषों को रोकता है। इस तेल को शरीर पर लगाने से कीट और मच्‍छर पास नहीं आते। इसके अतिरिक्त मच्‍छरों के काटे हुए क्षेत्र पर इस तेल को लगाने से सूजन भी नहीं होती।

 
 

टी ट्री ऑयल के अन्‍य लाभ

  • मुंहासों का बेहतर इलाज।
  • गले के दर्द का सुचारू इलाज।
  • फंगल इंफेक्शन का बढ़िया इलाज।
  • माउथ फ्रेश्‍नर और मुंह की अन्‍य दिक्कतों को दूर करने में सक्षम।
 

लेमन एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

लेमन ऑयल अपनी बेहतरीन खुशबू के चलते काफी लोकप्रिय है। इसका उपयोग भोजन को पकाते वक्त, सीफूड व्‍यंजन, केक, सलाद आदि में किया जाता है। इस तेल में बहुत से चिकित्‍सकीय गुण भी होते हैं। जो गठिया दर्द को कम करने, पाचन में सुधार करने और एकाग्रता में वृद्धि करने में सहायता करते हैं। इस तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

बैक्‍टीरिया हटाने में कारगर-

 

लेमन ऑयल बर्तनों में मौजूद बैक्‍टीरिया को खत्म करने और बर्तनों को स्‍वच्‍छ और खुशबूदार बनाने में सहायता करता है। इसके लिए बर्तनों को साफ करने वाले साबुन या जैल में नींबू तेल की एक से दो बूंदों को मिलाकर इस्तेमाल करें।

 
 

रूम फ्रेश्‍नर के रूप में उपयोगी-

 

घर में मनमोहक खुशबू लाने के लिए लेमन ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि इसकी सकारात्मक खुशबू शरीर की थकान को दूर करके ताजगी का अहसास दिलाती है। इसके अलावा लेमन ऑयल का इस्तेमाल परफ्यूम की तरह भी किया जाता है। इसके लिए नींबू के तेल को अन्‍य तेलों के साथ मिलाकर प्रयोग में लाएं।

 
 

बालों के लिए फायदेमंद-

 

बालों के विकास के लिए भी लेमन ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। इस तेल में किसी अन्‍य तेल को मिलाकर सिर की मालिश करने से तेल ग्रंथियों पर संतुलित प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा सोने से पहले इस तेल से सिर की मालिश करने से अच्छी नींद आती है और बालों को पर्याप्‍त पोषण मिलता है।

 
 

जोजोबा एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

जोजोबा ऑयल में एंटी-बैक्टीरियल गुण के साथ एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण भी मौजूद होते हैं, जो त्वचा की लालिमा, एक्जिमा और एडिमा जैसी बीमारियों को दूर करते हैं। स्किन डिसऑर्डर को दूर करने में भी जोजोबा तेल लाभदायक साबित होता है। इस तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

सूजन को कम करने में कारगर-

 

स्किन पर जोजोबा ऑयल लगाने से स्किन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं। इस तेल में एंटी- बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा की सूजन को कम करने का काम करते हैं। इस तेल में घावों को शीघ्र ठीक करने की ताकत होती है।

 
 

स्किन इंफेक्शन से बचाव-

 

जोजोबा ऑयल में विटामिन-ई और कई ऐसे एंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो त्वचा के घावों को तेजी से भरते हैं और नई कोशिकाओं के निर्माण में सहायता करते हैं। इसके अलावा जोजोबा तेल में कुछ ऐसे एंटी-बैक्टीरियल गुण भी पाएं जाते हैं, जो त्वचा को इंफेक्शन से बचाने का काम करते हैं।

 
 

मजबूत स्किन कोशिकाएं-

 

जोजोबा तेल लगाने से त्वचा की कोशिकाएं मजबूत होती हैं। इस तेल की मदद से त्वचा अपने ऊपर हाइड्रेटिंग (Hydrating) परत बना लेती है, जो कोशिकाओं को कमजोर होने से बचाती है। इसके अतिरिक्त जोजोबा तेल बाहरी तत्वों से भी स्किन को प्रोटेक्शन देने का काम करता है।

 
 

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

लैवेंडर के फूलों से निकाला गया लैवेंडर एसेंशियल ऑयल मशहूर तेलों में से एक है। इसका प्रयोग एकाग्रता की कमी, बालों के झड़ने की समस्‍या और अनिद्रा आदि के इलाज के लिए किया जाता है। इस तेल के अन्‍य फायदे-

 
 

तनाव दूर करे-

 

लैवेंडर तेल उन लोगों के लिए बहुत प्रभावी है, जो थकान, नींद की कमी और मानसिक तनाव आदि से परेशान रहते हैं। इन परेशानियों को दूर करने के लिए लैवेंडर के तेल को पतला करके प्रयोग में लाना चाहिए। इस तेल को हाथ और गर्दन पर भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा नहाने वाले पानी में इस तेल को डालकर इस्तेमाल किया जा सकता है। लैवेंडर तेल से आने वाली खुशबू मन को शांत करने का काम करती है।

 
 

खुजली खत्म करे-

 

लैवेंडर तेल किसी कीड़े के काट लेने या त्‍वचा संक्रमण के बाद होने वाली खुजली को कम करने में सहायता करता है। यह तेल मच्‍छर और मधुमक्‍खी के काटने पर होने वाली सूजन, दर्द, खुजली को ठीक करने की ताकत रखता है।

 
 

सनबर्न से राहत दिलाए-

 

लैवेंडर तेल त्वचा पर तेज धूप पड़ने के कारण होने वाली जलन को ठीक करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त रसोईघर में खाना पकाते समय हाथ जलने पर भी लैवेंडर तेल का इस्तेमाल करना अच्छा होता है।

 
 

भोजन को स्‍वादिष्‍ट बनाए-

 

अपने अनोखे स्‍वाद के चलते लैवेंडर तेल का प्रयोग कई प्रकार के व्‍यंजनों में होता है। इसका उपयोग सलाद, चॉकलेट और मीठे व्‍यंजन आदि में उनका स्‍वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।

 
 

इसके कुछ अन्‍य फायदे

  • शुष्‍क त्‍वचा को मॉइस्‍चराइज देता है।
  • नाक से बहने वाले खून को रोकता है।
  • इसके उपयोग से अच्‍छी नींद आती है।
  • यह शरीर और दिमाग को शांत करता है।
 

रोज़ एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

रोज़ एसेंशियल ऑयल गुलाब की कई प्रजातियों से प्राप्त किया गया एक सुगंधित तेल होता है। यह तेल पूर्ण रूप से प्राकृतिक तेल नहीं होता। क्‍योंकि इसको कई केमिकलों का प्रयोग करके निकाला जाता है। लेकिन अन्‍य एसेंशियल ऑयल की तरह गुलाब का तेल भी दिमाग को शांत करने में सहायता करता है। इसके अतिरिक्त यह तेल बहुत से संक्रामक जीवाणुओं से शरीर की रक्षा करता है। इस तेल में फेनोलिक, टोकोफेरोल (विटामिन ई का एक यौगिक) और कैरोटीन यौगिकों की उच्‍च मात्रा होती है। रोज़ एसेंशियल ऑयल त्‍वचा में निखारने लाने का भी काम करता है।

 
 

कैमोमाइल एसेंशियल ऑयल के फायदे-

 

ब्‍लू कैमोमाइल अनिद्रा, बुखार, त्‍वचा संक्रमण आदि के लिए लाभदायक औषधि है। इसके अतिरिक्त कैमोमाइल तेल का इस्तेमाल चोट, जलन, घाव, एक्जिमा, कैंसर से बने घाव और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य दिक्कतों के लिए भी किया जाता है। कैमोमाइल ऑयल में मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण को शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना गया है। क्योंकि यह शरीर में रासायनिक प्रक्रियाओं को रोकता है, जो किसी सूजन का मुख्य कारण होती हैं। इसके अतिरिक्त यह तेल पेट के छालों को भी ठीक करने में मदद करता है। कैमोमाइल चाय अनिद्रा की समस्या को दूर करती है। इस तेल की खुशबू चिंता और तनाव को कम करके मस्तिष्‍क को शांत करने का काम करती है।

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लैवेंडर एसेंशियल ऑयल

Posted 24 May, 2022

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल

लैवेंडर के फूल से बनने वाला लैवेंडर ऑयल बेहद गुणकारी होता है। यह एक खास एसेंशियल ऑयल है, जो मानसिक थकान, अवसाद और स्ट्रेस के साथ-साथ कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने में भी मदद करता है। इस तेल का उपयोग विभिन्न प्रकार के कॉस्मेटिक और चिकित्सा परियोजनों के लिए भी किया जाता है। लैवेंडर एसेंशियल ऑयल में पुष्प घास की खास सुगंध होती है। जिससे मन और शरीर दोनों को आराम मिलता है और ताज़गी की अनुभूति होती है। इसमें 150 से अधिक सक्रिय घटक (Active components) होते हैं। इसके अलावा लैवेंडर ऑयल में सूजन विरोधी, सूक्ष्मजीवी रोधी, फंगसरोधी, अवसादरोधी, जीवाणुरोधी, रोगाणुरोधी, पीड़ारोधी, शांतिदायक और सन्तोष दिलाने के गुण मौजूद होते हैं। इन सभी गुणों के कारण स्वास्थ्य में लाभ हेतु लैवेंडर एसेंशियल ऑयल का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। यह सौंदर्य प्रसाधनों में उपयोग होने वाली सबसे ज्यादा पसंदीदा जड़ी बूटियों में से एक है और कई क्रीम, बाल संबंधी उत्पादों और मोमबत्तियों में इसका उपयोग किया जाता है। 

 

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल के फायदे

स्टॉफ इन्फेक्शन में असरदार है लैवेंडर एसेंशियल ऑयल -

 

 लैवेंडर तेल में पाए जाने वाले रोगाणुरोधी और सूजन विरोधी गुण स्टैफाइलोकॉकस (Staphylococcus) बैक्टीरिया की वजह से होने वाले स्टाफ (Staph) संक्रमण से शरीर को बचाते हैं। स्टैफाइलोकॉकस बैक्टीरिया इम्पेटिगो (impetigo), फोड़े और सेल्युलाइटिस जैसी कई त्वचा संबंधित समस्याएं पैदा कर सकता है। जिससे बचाव में लैवेंडर एसेंशियल ऑयल बेहद असरदार होता है। 

 

 चिंता में उपयोगी है लैवेंडर एसेंशियल ऑयल-

 

 लैवेंडर एसेंशियल ऑयल शांति दिलाने वाली औषधि के रूप में काम कर चिंता और पैनिक अटैक को कम करता है। लैवेंडर अरोमाथेरेपी तंत्रिका तंत्र को खोलती है जिससे कारण चिंता कम हो जाती है। यह दिमाग में चिंता ट्रिगर करने वाली स्थितियों को कम करती है।

 

अच्छी नींद में सहयक है लैवेंडर एसेंशियल ऑयल - 

 

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की खुशबू दिमाग को शांत कर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर करती है इसलिए बेहतर नींद के लिए इस तेल का उपयोग अच्छा उपाय माना जाता है। लैवेंडर अरोमाथेरेपी आराम और नींद के लिए बेहतर मदद कर सकती है। इसके अलावा लैवेंडर तेल मनोदशा को स्थिर करने और मजबूत भावनाओं को संतुलित करने में भी सहायता करता है।

 

फंगस संक्रमण को दूर करता है लैवेंडर एसेंशियल ऑयल- 

 

फंगस संक्रमण से लड़ने के लिए लैवेंडर तेल एक प्रभावी विकल्प है। दरअसल, लैवेंडर तेल में त्वचा और नाखून संबंधी संक्रमणों के खिलाफ शक्तिशाली फंगसरोधी गुण होते हैं। यह तेल मामूली घावों, खुजली वाली त्वचा, त्वचा का नीला पड़ जाना या जलने के मामले में भी फायदेमंद होता है। 

 

कीड़ों को दूर रखने में लाभदायक है लैवेंडर एसेंशियल ऑयल-

 

 लैवेंडर तेल एक प्राकृतिक कीट रक्षक दवा के रूप में काम करता है जो पिस्सू, झींगुर, पतिंगे, मच्छर और मक्खियों आदि कीड़ों को दूर करने में मदद करता है। इसके लिए बाहर जाने से पहले पल्स पॉइंट (pulse points) पर लैवेंडर तेल की कुछ बूदें लगाने से कीड़ों से बचाव होता है या फिर रुई पर लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को डाल कर इसे अपने कपड़ो की अलमारी में भी रख सकते हैं ताकि कीड़ों को दूर किया जा सके।

 

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल के प्रकार 

इंग्लिश लैवेंडर: 

 

लैवेंडर का यह पौधा ज्यादा ठंड में भी जीवित रह सकता है और इसकी खुशबू सबसे अच्छी होती है, लेकिन इस प्रकार के लैवेंडर से ऑयल सबसे कम मात्रा में निकलता है।

 

फ्रेंच लैवेंडर: 

 

इस लैवेंडर के पौधे अन्य लैवेंडर के मुकाबले आकार में कुछ बड़े होते हैं। इसकी पत्तियां हरे और ग्रे रंग की होती हैं। यह खुशबू में सबसे तेज होता है। इस लैवेंडर को ज्यादा ठंड की आवश्यकता नहीं होती और यह 10 डिग्री फारेनहाइट तापमान में भी उग जाता है। 

 

स्पाइक लैवेंडर: 

 

इस प्रकार का लैवेंडर का पौधा दिखने में घास की तरह होता है। ये मुख्य रूप से मेडिटरेनियन क्षेत्र में पाए जाते हैं। आकार में इंग्लिश लैवेंडर से छोटे होते हैं और इसकी ऊंचाई तकरीबन 200 से 700 मीटर होती है। 

 

लैवेंडिन: 

 

इस प्रकार का लैवेंडर इंग्लिश लैवेंडर और स्पाइक लैवेंडर का हाइब्रिड होता है। ख़ास कर उद्योग के लिए ही इसकी खेती की जाती है, क्योंकि यह सबसे ज्यादा खूबसूरत लैवेंडर होता है और सबसे ज्यादा तेल भी इसी किस्म से प्राप्त होता है। 

 

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल के नुकसान- 

  • मुख्य रूप से लैवेंडर एसेंशियल ऑयल का त्वचा पर उपयोग सुरक्षित माना जाता है।  लेकिन फिर भी एलर्जी की संभावना को खत्म करने के लिए इस्तेमाल से पहले इसे अपनी थोड़ी सी त्वचा पर लगा कर पैच परीक्षण कर लें।
  • गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लैवेंडर आवश्यक तेल का उपयोग करने से बचना चाहिए।
  • लैवेन्डर तेल के अत्यधिक उपयोग से कई बार मतली, उल्टी और सिरदर्द जैसी समस्या पैदा हो सकती है।
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चमेली तेल के फायदे और उपयोग

Posted 24 May, 2022

चमेली तेल के फायदे और उपयोग

चमेली एक सफेद रंग फूल होता है। जिसकी भीनी-भीनी और मीठी खुशबू मन और दिमाग को सराबोर करने लगती है। चमेली की खुशबू के अलावा इसके सेहतमंद गुण आयुर्वेद में कई रोगों के लिए औषधी का काम करते हैं। इसलिए इसके फूल, पत्ते और जड़ का प्रयोग औषधि बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। जो सिरदर्द, कानदर्द से लेकर योनी शिथिलता को कम करने में मददगार साबित होते हैं। चमेली फूल के अलावा इसके तेल का प्रयोग भी कई वर्षों से सेहत, त्वचा और बालों से जुड़ी परेशानियों के लिए किया जाता रहा है।

 

चमेली के तेल के फायदे-

एंटीसेप्टिक के लिए-

चमेली के तेल में एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाले) गुण पाए जाते हैं। जो बैक्टीरिया की सक्रियता को खत्म करने में मदद करते हैं। इसलिए चमेली के तेल को बॉडी पर एंटीसेप्टिक लोशन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

डिप्रेशन को दूर करने के लिए-

चमेली के फूल को अपनी मनमोहक खुशबू के लिए जाना जाता है। इसके तेल की इसी सुगंध के कारण इसे डिप्रेशन के मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। चमेली पर थाईलैंड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार इसके तेल से की गई एरोमाथेरेपी डिप्रेशन के रोगियों पर सकारात्मक प्रभाव डालने का काम करती है। जिससे व्यक्ति में खुशी के भाव का संचार होता है। इसलिए चमेली के तेल को डिप्रेशन में लाभकारी माना जाता है।

 

ब्लड प्रेशर के लिए-

एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की साइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में जिक्र मिलता है कि चमेली पौधे के एरियल पार्ट (पौधे का वह हिस्सा जो हवा में हो, जैसे फूल और पत्तियां) में एंटी-हाइपरटेंसिव (उच्च रक्तचाप को कम करने वाला) गुण पाए जाते हैं। चूंकि चमेली का तेल इसके फूलों से ही तैयार किया जाता है तो इन गुणों का चमेली के तेल में होना भी स्वाभाविक है। इसलिए चमेली के तेल को बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए कारगर माना जाता है।

 

मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए-

एनसीबीआई की साइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के मेनोपॉज (मासिक चक्र का बंद होना) की समस्या से ग्रस्त महिलाओं में इस बदलाव के लक्षणों को एरोमाथेरेपी की मदद से कुछ हद तक कम किया जा सकता है। जिसमें चमेली के तेल का नाम सबसे पहले आता है। इसलिए मेनोपॉज की स्थिति के लिए चमेली के तेल को मददगार माना गया है।

 

एंटी इंफ्लेमेटरी के लिए-

चमेली तेल में एंटी इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुण मौजूद होते हैं। जो इसकी पत्तियों के अर्क में होते हैं। इसलिए चमेली के तेल और इसकी पत्तियों के अर्क, दोनों को सूजन से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। चमेली का तेल हर तरह की शारीरिक सूजन को दूर करने में कारगर साबित होता है।

 

मुंह के संक्रमण के लिए-

चमेली के तेल में एंटी-बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) गुण पाए जाते हैं। जो मुंह की सफाई और मुंह के संक्रमण से राहत दिलाने में मददगार साबित होते हैं।

 

चमेली तेल के पौष्टिक तत्व-

  • ग्लाइकोसाइड
  • फ्लेवोनॉयड
  • सैपोनिंस
  • टैनिन्स और फेनोलिक यौगिक

चमेली तेल का उपयोग-

  • चमेली तेल को त्वचा पर मालिश करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • चमेली तेल को सिर पर लगाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है।
  • मुंह के संक्रमण को दूर करने के लिए चमेली तेल को माउथवाश की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
  • चमेली तेल को कुछ लोग रूम डिफ्यूजर के लिए इस्तेमाल करते हैं।

चमेली के तेल के नुकसान-

  • कुछ लोगों को चमेली के तेल से त्वचा संबंधित एलर्जी हो सकती है।
  • आरामदायक और उत्तेजक प्रभाव के कारण चमेली तेल के अधिक उपयोग से बचना चाहिए।
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Benefits and Uses of Jasmine oil

Posted 13 December, 2021

Benefits and Uses of Jasmine oil

Jasmine is a white-coloured flower that has a sweet fragrance that starts drenching the mind. Apart from the aroma of jasmine, its healthy properties act as a medicine for many diseases in Ayurveda. Therefore its flowers, leaves and root are used to make medicine that proves to be helpful in reducing headache, earache and also cures vaginal dysfunction. Apart from the flower of jasmine, its oil has also been used for many years for health, skin and hair related problems.

 

Benefits of Jasmine oil

For antiseptic-

Jasmine oil has antibacterial (bacteria destroying) properties which help to eliminate the activity of bacteria. Therefore, jasmine oil can be used as an antiseptic lotion on the body.

 

To combat depression-

Jasmine flower is known for its lovely fragrance. Due to the aroma of its oil, it is used for patients with depression. According to research done by the University of Thailand on jasmine, aromatherapy done with its oil works to have a positive effect on patients with depression due to which a feeling of happiness is communicated in the person. Therefore jasmine oil is considered beneficial in depression.

 

For blood pressure-

The report published on the site of NCBI (National Center for Biotechnology Information) mentions that the aerial part of the jasmine plant (the part of the plant that is in the air, such as flowers and leaves) has anti-hypertensive (lowering high blood pressure)properties. Since jasmine oil is prepared from its flowers, it is also natural to have these properties in jasmine oil. Therefore, it is considered effective for controlling increased blood pressure.

 

To reduce the symptoms of menopause-

The symptoms of this change can be reduced to some extent with the help of aromatherapy in women suffering from the problem of menopause, according to the report published on the NCBI site in which the name of jasmine oil comes first. Therefore, jasmine oil has been considered helpful for the condition of menopause.

 

For inflammation-

Jasmine oil has anti-inflammatory properties which are in the extract of its leaves. Therefore, both jasmine oil and its leaf extracts are used to relieve inflammation. This oil also proves to be effective in curing all types of physical inflammation.

 

For mouth infection-

Jasmine oil has anti-bacterial properties which prove to be helpful in cleaning the mouth and relieving mouth infections.

 

Nutritious Ingredients of Jasmine oil

  • Glycoside
  • Flavonoids
  • Saponins
  • Tannins and Phenolic Compounds

Uses of Jasmine Oil

  • Jasmine oil is used for massaging the skin.
  • It is also used for applying on the scalp.
  • Jasmine oil is used as a mouthwash to remove oral infections.
  • Some people use jasmine oil as a room diffuser.

Side effects of Jasmine oil

  • Some people may have skin allergies to jasmine oil.
  • Excessive use of jasmine oil should be avoided due to its relaxing and stimulating effect.
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सरसों तेल के प्रकार, फायदे और उपयोग

Posted 24 May, 2022

सरसों तेल के प्रकार, फायदे और उपयोग

सदियों से लोग खाना पकाने, परांठे, ब्रेड-पकोड़ा या अन्य कोई पकवान बनाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। जिसके दो अहम कारण हैं। पहला कारण है कि सरसों के तेल में बना खाना या अन्य कोई भी चीज इस तेल के कारण थोड़ी ज्यादा स्वादिष्ट और जल्दी बनती है। वहीं, दूसरा कारण है कि सरसों का तेल सेहत के लिए भी अच्छा रहता है। इस तेल के गुणों की बात की जाए तो यह तेल किसी औषधि से कम नहीं है। खासकर सर्दियों के दिनों में। क्योंकि ठंडी के दिनों में इसके फायदे और बढ़ जाते हैं।

 

क्या है सरसों का तेल?

सरसों का तेल इसके पौधे से प्राप्त किए बीजों से निकाला जाता है। जिसे अलग-अलग भाषाओं में विभिन्न नामों से जाना जाता है। इसे अंग्रेजी में मस्टर्ड, मराठी में मोहरीच, मलयालम में कदुगेना और तेलुगु में अवन्यून बोला जाता है। वहीं, इसका वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका जुनसा है। सरसों के बीज लाल, भूरे और पीले रंग के होते हैं। जिनसे मशीनों की मदद से तेल निकाला जाता है। जिसका प्रचलन भारत में सबसे अधिक है। यहां भोजन के लिए हर रोज इसी तेल का उपयोग किया जाता है। क्योंकि सरसों का तेल खाने का जायका बढ़ाने के अलावा भोजन को पौष्टिक भी बनाता है।

 

सरसों तेल के प्रकार-

रिफाइंड सरसों का तेल :

सरसों का यह तेल स्वाद में थोड़ा कड़वा होता है। जिसे सरसों के भूरे, काले या सफेद रंग के बीजों से निकाला जाता है। सरसों के इस तेल को मशीनों की मदद से तैयार किया जाता है।

 

ग्रेड-1 (कच्ची घानी) :

यह सरसों के तेल का सबसे शुद्ध रूप होता है। इसलिए ज्यादातर भारतीय घरों में भोजन बनाने के लिए इसी तेल का उपयोग किया जाता है। यह तेल सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। भारत में यह तेल कच्ची घानी के नाम से अधिक लोकप्रिय है।

 

ग्रेड-2 :

वह तेल जिसका इस्तेमाल थेरेपी के लिए होता है। अपितु खाना बनाने के लिए नहीं।

 

सरसों तेल के फायदे:

एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीइंफ्लेमेटरी के लिए

सरसों का तेल एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से संपन्न होता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट सूजन संबंधी परेशानियों से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। एंटीफंगल गुण होने के कारण यह तेल फंगस के प्रभाव को कम कर, त्वचा पर फंगस के कारण होने वाले रैशेज और संक्रमण को ठीक करने का काम करता है। एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण इस तेल को डिक्लोफेनाक नामक एंटीइंफ्लेमेटरी दवा के निर्माण के लिए भी उपयोग किया जाता है। वहीं, मस्टर्ड ऑयल से रिलेटेड एक रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया है कि सरसों के तेल में अनावश्यक बैक्टीरिया और अन्य रोगाणुओं को पनपने से रोकने की क्षमता भी होती है।

 

जोड़ों, गठिया एवं मांसपेशियों के दर्द के लिए-

सरसों के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। जो मांसपेशियों के दर्द, जोड़ों के दर्द और गठिया की परेशानी को कम करने और उन्हें मजबूती प्रदान करने का काम करता है। इसके लिए प्रभावित हिस्से पर सरसों तेल की नियमित मालिश करना जरूरी होता है। सरसों के तेल की मालिश करने से शरीर के रक्त संचार में भी सुधार होता है।

 

दांत संबंधी समस्या के लिए-

विशेषज्ञों के मुताबिक सरसों के तेल में थोड़ी हल्दी मिलाकर पेस्ट के रूप में मसूड़ों पर इस्तेमाल करने से मसूड़ों की सूजन और पेरियोडोंटाइटिस (मसूड़ों से जुड़ा संक्रमण) में आराम मिलता है। वहीं, सरसों का तेल और नमक का प्रयोग मौखिक स्वच्छता के लिए अच्छा होता है।

 

कीट निवारक के लिए-

एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध शोध के मुताबिक, सरसों के तेल को त्वचा पर लगाने से मच्छर और अन्य कीड़े-मकोड़े दूर रहते हैं। इसके अतिरिक्त यह तेल एडीज एल्बोपिक्टस मच्छरों के प्रभाव को भी बेअसर और कम करता है। इसलिए सरसों के तेल को कीट निवारक के रूप में भी देखा जाता है।

 

बढ़ती उम्र के लिए (एंटी-एजिंग)

सरसों का तेल बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित करता है। दरअसल, शरीर में ओमेगा-3, ओमेगा-6 फैटी एसिड, विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्वों की कमी होने से उम्र बढ़ने की समस्या तेज होने लगती है। चूंकि सरसों के तेल में यह सभी तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए माना जाता है कि सरसों का तेल बढ़ती उम्र के प्रभाव को धीमा करने में कारगर है।

 

ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करने के लिए

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, सरसों के तेल में फैटी एसिड पाया जाता है। जो सबसेलुलर मेम्ब्रेंस (उपकोशिकीय झिल्ली) की संरचना में परिवर्तन लाने का काम करता है। ताकि मेम्ब्रेन-बाउंड एंजाइमों की गतिविधि को रेगुलेट किया जा सके। इस प्रकार यह गतिविधि मस्तिष्क के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस आधार पर सरसों के तेल को मस्तिष्क की कार्य क्षमता को बढ़ाने  के लिए अच्छा माना जाता है।

 

रूसी के लिए-

सरसों के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, ओमेगा 3 और 6 फैटी एसिड, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रभाव मौजूद होते हैं। जो सिर में रूसी की समस्या को पनपने से रोकते और स्कैल्प पर खुजली की समस्या को कम करते हैं। वहीं, सरसों तेल की मालिश बालों के लिए भी अच्छी होती है।

 

हृदय स्वास्थ्य के लिए-

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की साइट पर पब्लिश एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, मस्टर्ड ऑयल पॉलीअनसैचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड के साथ ओमेगा-3 एवं ओमेगा-6 फैटी एसिड से भी भरपूर होता है। जो मिलकर हृदय रोग (रक्त प्रवाह की कमी के कारण) की आशंका को 50 फीसदी तक कम करने का काम करते हैं।

 

एक अन्य रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, मस्टर्ड ऑयल हाइपोकोलेस्टेरोलेमिक (कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला) और हाइपोलिपिडेमिक (लिपिड-लोअरिंग) प्रभाव के लिए भी जाना जाता है। दरअसल सरसों का तेल शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम कर, अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ाने की भी क्षमता रखता है। जिससे हृदय रोग के खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए सरसों का तेल हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होता है।

 

कैंसर के लिए-

एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, सरसों के तेल में एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं। जो कैंसर सेल्स के विकास को रोकने का काम करते हैं। इसलिए सरसों के तेल को कैंसर के उपचार के लिए भी कुछ हद तक फायदेमंद माना जाता है।

 

सरसों के तेल का उपयोग-

  • सरसों के तेल का इस्तेमाल मांसाहारी और शाकाहारी खाना बनाने के लिए किया जाता है।
  • दाल एवं कढ़ी में तड़का लगाने के लिए भी सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है।
  • तरह-तरह के पकवान बनाने के लिए भी सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है।
  • गोभी मंचूरियन और नूडल्स जैसी चाइनीज सामग्री बनाने के लिए भी सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है।
  • इस तेल का उपयोग अचार बनाने के लिए भी किया जाता है।
  • सरसों के तेल को शहद और नींबू के साथ सलाद में डालकर भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • सरसों के तेल को बालों और त्वचा पर लगाने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जाता है।

सरसों तेल के नुकसान-

  • सरसों के तेल में एक इरुसिक नाम का एसिड मौजूद होता है। जो शरीर में अधिक मात्रा में होने पर हृदय के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए इस तेल का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।
  • सरसों के तेल का अधिक मात्रा में सेवन करने पर दस्त, एनीमिया और श्वसन से संबंधित समस्या हो सकती हैं।
  • कुछ लोगों को सरसों तेल से एलर्जी होती है। इसलिए उन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए।

कहां पाई जाती है सरसों?

सरसों की खेती हिमालय की तलहटी में व्यापक रूप से की जाती है। वैश्विक स्तर पर यह मध्य पूर्व अफ्रीका और भूमध्य यूरोप में पाई जाती है। भारत में सरसों की खेती राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात के क्षेत्रों में पर की जाती है। इसके अलावा यह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के भी कुछ हिस्सों में उगाई जाती है। पीली सरसों को असम, बिहार, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में रबी की फसल के रूप में उगाया जाता है।

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Mustard oil- Types, Benefits and Uses

Posted 17 March, 2022

Mustard oil- Types, Benefits and Uses

For centuries, people have been using mustard oil for cooking, making parathas, bread-pakoras or any other dish. There are two important reasons for this- The first reason is that food or any other thing cooked in mustard oil becomes a little more tasty and quick due to this oil. At the same time, there is another reason that mustard oil is also good for health. Talking about the properties of this oil, this oil is no less than any medicine. Especially during the winters because its benefits increase on cold days.

 

What is Mustard Oil?

Mustard oil is extracted from the seeds obtained from its plant which is known by different names in different languages. It is called Mustard in English, Mohrich in Marathi, Kadugena in Malayalam and Avanyun in Telugu. Its scientific name is Brassica juncea. Mustard seeds are red, brown and yellow in colour from which oil is extracted with the help of machines. Its prevalence is highest in India. This oil is used every day for food here because, in addition to enhancing the taste of food, mustard oil also makes the food nutritious.

 

Types of Mustard Oil

Refined Mustard Oil-

Mustard oil is slightly bitter in taste which is extracted from the brown, black or white-coloured seeds of mustard. This mustard oil is prepared with the help of machines.

 

Grade-1 (Kacchi Ghani)-

It is the purest form of mustard oil. Therefore, this oil is used for cooking food in most Indian households. This oil is also considered very beneficial for health. In India, this oil is more popularly known as Kacchi Ghani.

 

Grade-2-

This oil is used for therapy but not for cooking.

 

Benefits of Mustard Oil

For Anti-Bacterial, Anti-Fungal and Anti-Inflammatory-

Mustard oil is endowed with antibacterial, antifungal and anti-inflammatory properties. The anti-inflammatory agents present in it help in getting rid of inflammatory problems. Having antifungal properties, this oil works by reducing the effect of fungus, healing rashes and infections caused by fungus on the skin. Due to its anti-inflammatory properties, this oil is also used to manufacture an anti-inflammatory drug called diclofenac. At the same time, a research report related to mustard oil states that mustard oil also has the ability to prevent unnecessary bacteria and other microbes from growing.

 

For joint, arthritis and muscle pain-

Omega-3 fatty acids are found in mustard oil which works to reduce and strengthen the pain of muscles, joint pain and arthritis. For this, it is necessary to regularly massage mustard oil on the affected area. Massaging with mustard oil also improves blood circulation in the body.

 

For dental problems-

According to experts, adding a little turmeric to mustard oil and using it on the gums in the form of a paste provides relief in gum inflammation and periodontitis (infection associated with the gums). The use of mustard oil and salt is good for oral hygiene.

 

For insect repellent-

According to research available on the NCBI site, applying mustard oil on the skin keeps mosquitoes and other insects away. Apart from this, this oil also neutralizes and reduces the effect of Aedes albopictus mosquitoes. Therefore mustard oil is also seen as an insect repellent.

 

For ageing (anti-ageing)-

Mustard oil has been shown to have positive effects in reducing the effects of ageing. Due to the lack of elements like omega-3, omega-6 fatty acids, vitamin E and antioxidants in the body, the problem of ageing starts accelerating. Since all these elements are found in abundance in mustard oil. Therefore, it is believed to be effective in slowing down the effects of ageing.

 

To boost brain function-

According to medical research published on the website of NCBI, fatty acids are found in mustard oil which works to change the structure of the subcellular membrane (subcellular membrane) in order to regulate the activity of membrane-bound enzymes. Thus this activity plays an important role in brain functions. On this basis, mustard oil is considered good for increasing the working capacity of the brain.

 

For dandruff-

Mustard oil contains monounsaturated fatty acids, omega 3 and 6 fatty acids, antifungal and antibacterial effects which prevent the problem of dandruff from growing in the head and reduce the problem of itching on the scalp. Mustard oil massage is also good for hair.

 

For heart health-

According to a research report published on the site of NCBI (National Center for Biotechnology Information), mustard oil is rich in polyunsaturated and monounsaturated fatty acids as well as omega-3 and omega-6 fatty acids. Together, they work to reduce the risk of heart disease (due to lack of blood flow) by 50%.

 

According to another research report, mustard oil is also known to have hypocholesterolemia (cholesterol-lowering) and hypolipidemic (lipid-lowering) effects. In fact, mustard oil also has the ability to increase the level of good cholesterol (HDL) by reducing the level of bad cholesterol (LDL) in the body due to which the risks of heart disease can be reduced to a great extent. Therefore mustard oil proves to be extremely beneficial for heart health.

 

For cancer-

According to a scientific study, anti-cancer properties are found in mustard oil which works to stop the growth of cancer cells. Therefore, mustard oil is also considered beneficial to some extent for the treatment of cancer.

 

Uses of Mustard Oil

  • Mustard oil is used for cooking non-vegetarian and vegetarian food.
  • It is used for tempering in pulses and curries.
  • Mustard oil is also used to prepare various dishes.
  • Mustard oil is also used to make Chinese dishes like Cauliflower Manchurian and Noodles.
  • This oil is also used for making pickles.
  • It is also used by adding it to salads with honey and lemon.
  • Mustard oil is also used for applying on hair and skin.

Side effects of Mustard oil

  • Mustard oil contains an acid called erucic, an excess of which in the body can prove to be harmful to the heart. Therefore, it should be avoided to consume this oil in excess.
  • Consuming mustard oil in excess can cause diarrhoea, anaemia and respiratory problems.
  • Some people are allergic to mustard oil. Therefore, they should avoid its consumption.

Where is Mustard found?

Mustard is widely cultivated in the foothills of the Himalayas. Globally, it is found in Middle East Africa and Mediterranean Europe. In India, mustard is cultivated in the regions of Rajasthan, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh, Haryana and Gujarat. Apart from this, it is also grown in some parts of Andhra Pradesh, Karnataka and Tamil Nadu. Yellow mustard is grown as a rabi crop in Assam, Bihar, Orissa and West Bengal.

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क्या होता है सिट्रोनेला एसेंशियल तेल? जानें, इसके लाभ और उपयोग

Posted 17 March, 2022

क्या होता है सिट्रोनेला एसेंशियल तेल? जानें, इसके लाभ और उपयोग

सिट्रोनेला एसेंशियल तेल शारीरिक तंत्र में फैले स्वास्थ्य लाभों का पोषिता (host) है। जो कई तरह के बैक्टीरिया से लड़ने और उन्हें खत्म करने का काम करता है। सिट्रोनेला एसेंशियल तेल पाचन और गुर्दे से संबंधित कार्यों को भी अनुकूलित करता है। यह शरीर के बुखार को कम करने और एक मूत्रवर्धक के रूप में काम करता है। यह रक्त के परिसंचरण को बढ़ाता है, उत्सर्जन प्रणाली में सुधार करता है और तंत्रिका तंत्र को अनुकूलित करता है। यह तेल फंगल विकास को रोकने का काम करता है। यह तेल एक टोनर के रूप में कार्य करता है। जो अवसाद से लड़ने में भी सहायता करता है।

 

सिट्रोनेला तेल क्या है?

सिट्रोनेला एक प्रकार की घास है। जिसमें एक सुंदर कुरकुरा और एक विशेष प्रकार की सुगंध होती है। इसलिए इसको सिट्रोनेला कहा जाता है। सिट्रोनेला को आमतौर पर लेमनग्रास के रूप में जाना जाता है। सिट्रोनेला आवश्यक तेल दो प्रकार के सिट्रोनेला से प्राप्त होता है। जिसमें पहला नाम सीलोन सिट्रोनेला और दूसरा नाम जावा सिट्रोनेला है। वैसे तो यह दोनों ही काफी शक्तिशाली होते हैं। लेकिन जावा सिट्रोनेला को सीलोन सिट्रोनेला की तुलना में ज्यादा बेहतर माना जात है।

 

सिट्रोनेला एसेंशियल  तेल के फायदे;

बुखार के लिए-

सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल अपने प्रभावों के संयोजन के कारण बुखार को कम करने में सहायता करता है। इस तेल में मौजूद डायफोरेटिक गुण शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर शरीर के तापमान को कम करने का काम करता है। इसके अलावा इस तेल के एंटी-माइक्रोबियल गुण बैक्टीरिया और अन्य रोगाणुओं को खत्म करने में भी मदद करते हैं।

 

ऐंठन के लिए-

सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल को ऐंठन से राहत प्रदान करने के लिए भी जाना जाता है। विशेष रूप से मांसपेशियों की प्रणाली, श्वसन तंत्र और तंत्रिका तंत्र में होने वाली ऐंठन के लिए। इसके अतिरिक्त यह महिलाओं में मासिक धर्म की ऐंठन के लिए भी अच्छा होता है। साथ ही खांसी संबंधी गले की ऐंठन में भी फायेदा करता है।

 

पेट की बीमारियों के लिए-

इस तेल के प्रतिरोधक गुण पेट के विभिन्न संक्रमणों को कम करने, आंतों की सूजन को कम करने और पाचन तंत्र के सुचारू संचालन में योगदान देने का काम करते हैं।

 

फंगल संक्रमण को रोकने के लिए-

सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल कान, नाक और गले आदि को नुकसान पहुंचाने वाले कवक (फंगल संक्रमण) के विकास को रोकने में सहायता करता है। इसके अलावा यह कवक पेचिश को ठीक करने में भी मददगार साबित होता है।

 

अवसाद के लिए-

सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल को अरोमाथेरेपी के लिए उपयोग किया जाता है। क्योंकि यह लोगों को उनके अवसाद से लड़ने में सहायता करता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह व्यक्ति को हल्कापन और खुशहाल एहसास महसूस कराने एवं चिंता और नकारात्मक विचारों को दूर करने का काम करता है। इसलिए सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल अवसाद से पीड़ित लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

 

उत्तेजक प्रभाव के रूप में-

सिट्रोनेला आवश्यक तेल विभिन्न शारीरिक कार्यों पर एक उत्तेजक प्रभाव डालता है। यह रक्त के परिसंचरण में सुधार करता है और हार्मोन और एंजाइम जैसे शरीर में स्राव और निर्वहन के उत्पादन को भी उत्तेजित करता है। यह तंत्रिका तंत्र में गतिविधि को भी बढ़ाता है। इसके अलावा, यह शरीर के चयापचय के साथ मदद कर सकता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को भी उत्तेजित करता है।

 

कीड़ों को मारने के लिए -

अवांछित कीड़े परेशानियों की एक पूरी दुनिया का कारण बन सकते हैं। यह बैक्टीरिया और वायरस होने के कारण शरीर को बीमार कर सकते हैं। यह भोजन में मिलकर उसे दूषित कर सकते हैं। व्यक्ति को काटकर शरीर पर चकत्ते, खुजली से लेकर बुखार और मतिभ्रम तक का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा मच्छर जैसे कीड़े डेंगू, मलेरिया और पीले बुखार को जन्म दे सकते हैं। ऐसे में सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल एक महान कीट विकर्षक के रूप में कार्य करता है। जो कीड़ों को मारने और घर से दूर रखता है। यह जूं और पिस्सू जैसे कीटों के लिए भी कारगर सिद्ध होता है।

 

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के रूप में-

आमतौर पर सूजन कई कारणों जैसे ड्रग्स, नशीले पदार्थों, मसालेदार भोजन और शरीर में होने वाले किसी भी विषाक्त तत्वों के कारण हो सकती हैं। ऐसे में सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल जिगर, पेट, श्वसन प्रणाली और आंतों की सूजन को कम करने में मददगार साबित होता है। क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। जो इन समस्याओं में फायेदा करते हैं।

 

बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मददगार-

सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल मिथाइल आइसोयुगेनॉल में प्रचुर होता है। जो बैक्टीरिया को खत्म करने और शरीर में बैक्टीरिया के विकास को रोकने में सहायता करता है। परिणामस्वरूप यह बैक्टीरिया के कारण किसी घाव में होने वाले संक्रमण के उपचार के अलावा बृहदान्त्र, प्रोस्ट्रेट, मूत्र पथ, पेट, गुर्दे, मूत्राशय और मूत्रमार्ग में होने वाले संक्रमण में फायेदा करता है। दरअसल सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। जो गुर्दे, घाव, मूत्र पथ, मूत्रमार्ग और प्रोस्ट्रेट में कई संक्रमणों से लड़ने में मददगार साबित होते हैं।

 

विषाक्त पदार्थों को हटाने में सहायक-

सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल एक डायफोरेटिक (स्वेदजनक) है। अर्थात यह पसीने को प्रेरित करने में मदद करता है। इस रूप में यह शरीर के अतिरिक्त तेल, वसा, पानी और विदेशी विषाक्त पदार्थों को पसीने के माध्यम से बाहर निकालने का काम करता है। इसके अलावा यह शरीर के कार्यों को एक इष्टतम स्तर (Optimal control) पर रखने और शरीर को बीमार होने से बचाने में सहायता प्रदान करता है।    

 

मूत्रवर्धक (diuretic)-

सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल एक मूत्रवर्धक है। जो यूरिन (पेशाब) को उत्तेजित करने का काम करता है। परिणामस्वरूप शरीर में मौजूद अतिरिक्त तेल, वसा, पानी, यूरिक एसिड और बाहरी विष मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं। चूंकि यह तेल गुर्दे के अतिरिक्त कैल्शियम को बाहर निकालने में मददगार साबित होता है। इस रूप में यह गुर्दे की पथरी का कारण बनने वाले अतिरिक्त कैल्शियम को भी बनने से रोकता है।

 

सिट्रोनेला तेल के उपयोग-

  • कई जगहों पर इसका उपयोग इत्र और सुगंध के लिए भी किया जाता है।
  • सिट्रोनेला एसेंशियल ऑयल को त्वचा पर बग रिपेलेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
  • कुछ स्थानों पर इसका इस्तेमाल खाद्य और पेय उद्योग में किया जाता है।
  • कई प्रकार के व्यंजन और पेय स्वाद के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।
  • इस ऑयल को अन्य तेल जैसे- नीलगिरी, ऋषि, देवदार की लकड़ी आदि के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल में लाया जाता है।

सिट्रोनेला तेल के साइड इफेक्ट एवं एलर्जी-

सिट्रोनेला आवश्यक तेल के अधिक उपयोग से जिल्द (interlace) की सूजन, त्वचा में जलन या संवेदीकरण आदि की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इस तेल का उपयोग छोटे बच्चों गर्भवती महिलाओं को भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

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Types, Benefits, and Method of making Green tea

Posted 17 March, 2022

Types, Benefits, and Method of making Green tea

Green tea is made from the Camellia sinensis plant. The leaves of this plant are used to make not only green tea but also other types of tea such as black tea but green tea is most effective on human health. Green tea is rich in antioxidants and beneficial polyphenols. To produce green tea, the fresh leaves are steamed immediately after plucking, so that green tea can be manufactured. This process preserves health-promoting natural polyphenols, at the same time, more catechins are found in it than black and oolong tea, which is a type of antioxidant.

 

Consumption of green tea provides protection from many dangerous diseases such as cancer etc. It improves the digestive system, mental health, and heart health. The temperature of the body is also kept under control by its consumption. Green tea is considered very beneficial in reducing weight and also has a positive effect on diseases related to liver, type 2 diabetes, and Alzheimer's, etc. Green tea was used in traditional Chinese and Indian medicine to control bleeding.

 

Types of Green Tea

There are different types of green tea according to production, cultivation, and time of harvest. The main types are as follows-

 

Sencha-

It is the most widely consumed and well-known type of green tea. It is manufactured by a known process in which tea is prepared by drying the leaves in the sun or by steaming.

 

Fukamushi Sencha-

Fukamushi, which means "long-boiled", is a type of green tea that is boiled longer than sencha. Since in this process the leaves are completely exposed to the heat of the steam. Hence, they become powdery and the taste of the tea increases and the colour becomes dark green.

 

Gyokuro-

It is grown in shade rather than full sun and is different from sencha. About 20 days before picking these tea bushes are covered with cloth or reed screen.

 

Kabusecha-

About a week before this green tea is picked, cubuscha bushes are covered with a cloth to protect them from sunlight.

 

Matcha-

It is also a type of green tea that is made from old tea leaves.

 

Benefits of Green tea

Green tea is beneficial for the brain-

Healthy blood vessels are needed for our brain to function properly. According to a Swiss study, people who regularly drink green tea have improved brain function. The bioactive compounds present in green tea have a positive effect on neurons which can reduce the damage caused by diseases such as Alzheimer's and Parkinson's. Therefore, drinking green tea is beneficial to increase the memory power of the brain and to avoid mental diseases.

 

Green tea is beneficial in preventing hair loss-

Drinking green tea is beneficial to reduce hair problems because some powerful antioxidants are found in it which helps in strengthening the hair by reducing the problems. Green tea contains vitamin B (panthenol) which reduces the problem of split ends and also makes the hair soft.

 

Green tea reduces weight-

Consuming one cup of green tea daily reduces body fat (especially in the abdomen). It reduces the amount of body fat, body weight, and waist fat. In addition, the catechins present in green tea generate heat in the body which helps in burning extra calories. Green tea is beneficial for weight loss by helping to increase the body's metabolism. Green tea contains caffeine and a type of flavonoid called catechins which is an antioxidant. Catechins help break down excess fat while both catechins and caffeine help in keeping the body fit by increasing the energy in the body.

 

Green tea is an effective remedy for diabetes-

Green tea helps in maintaining stable blood sugar levels in people suffering from diabetes. Compounds such as polyphenols and polysaccharides present in green tea are useful for both types of diabetes. Green tea increases the production of insulin in the pancreas. It regulates blood sugar levels and absorbs glucose in people suffering from type 1 diabetes. In type 2 diabetes, persistent increases in blood sugar often lead to complications in the eyes, heart, and kidneys. Green tea inhibits this growth. Thus, drinking green tea is extremely beneficial for diabetic patients.

 

Green tea is helpful in reducing bad cholesterol-

Green tea effectively lowers the bad cholesterol in the blood. It also improves the ratio of bad cholesterol and good cholesterol and lowers the level of low-density lipoprotein (LDL) cholesterol i.e. bad cholesterol for the body. Along with this, it helps in increasing the level of high-density lipoprotein (HDL) i.e. good cholesterol for the body. In addition, green tea keeps the arteries clean which reduces the risk of having a heart attack or stroke.

 

Green tea is a home remedy for high blood pressure-

Regular consumption of green tea reduces the risk of high BP. Blood pressure is usually caused by angiotensin-converting enzyme (or ACE). Angiotensin-converting enzyme (or ACE) is produced by the kidneys. Many medicines are available in the market as ACE inhibitors to control blood pressure but green tea acts as a natural ACE inhibitor and controls blood pressure.

 

Green tea is helpful in preventing cancer-

Researchers believe that green tea has high levels of polyphenols which helps to kill cancer cells and stops them from growing. However, how green tea affects cancer cells is not yet fully understood. A laboratory animal study conducted by the National Cancer Institute found that the polyphenols in tea can prevent tumour growth and help reduce damage caused by ultraviolet rays.

 

How to make Green Tea-

  • Boil water first.
  • Add a teaspoon of a leaf or a teabag to one cup.
  • Then pour boiled water directly into this cup.
  • Stir the tea once.
  • Cover the teacup for one and a half to two minutes.
  • Keep in mind, the tea can become bitter if left for more than two minutes.
  • After this strain the tea or remove the teabag.

Side effects of Green tea

  • Due to the caffeine content, excessive consumption of green tea can cause insomnia, upset stomach, vomiting, diarrhoea, and frequent urination in some people.
  • Green tea contains tannins. Therefore, drinking green tea before eating can cause stomach pain, nausea, or even constipation.
  • The catechins in green tea can cause a decrease in the absorption of iron from food.
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What is Citronella Essential Oil? Know its Benefits and Uses.

Posted 17 March, 2022

What is Citronella Essential Oil? Know its Benefits and Uses.

Citronella essential oil is a host of health benefits spread throughout the body system that works to fight and eliminate many types of bacteria. Citronella essential oil also optimizes functions related to digestion and kidneys. It lowers the body's fever and works as a diuretic. It also increases the circulation of blood, improves the excretory system and optimizes the nervous system. This oil works on multiple grounds- it inhibits fungal growth, acts as a toner and also helps in combatting depression.
 
What is Citronella Oil?
Citronella is a type of grass that has a beautiful crisp and a special kind of aroma that's why it is called citronella. It is commonly known as lemongrass. Citronella essential oil is derived from two types of citronella- Ceylon citronella and the Java citronella, both of them are very powerful but Java citronella is considered much better than Ceylon citronella.
 
Benefits of Citronella Essential Oil
For fever-
Citronella essential oil helps in reducing fever due to a combination of its effects. The diaphoretic property present in this oil works to reduce body temperature by flushing out toxins from the body. Apart from this, the anti-microbial properties of this oil also help in eliminating bacteria and other microbes.
 
For cramps-
Citronella essential oil is also known to provide relief from cramps, especially for spasms occurring in the muscular system, respiratory system and nervous system. Apart from this, it is also good for menstrual cramps in women. Along with this, it is also beneficial in cough related throat spasms.
 
For stomach ailments-
The anti-inflammatory properties of this oil work to reduce various stomach infections, reduce intestinal inflammation and contribute to the smooth functioning of the digestive system.
 
For fungal growth-
Citronella essential oil helps prevent the growth of fungal infections that can damage the ear, nose, and throat. Apart from this, it also proves helpful in curing fungal dysentery.
 
For depression-
Citronella essential oil is used for aromatherapy as it helps people fight their depression, this is because it works to make a person feel light and happy and removes anxiety and negative thoughts. Therefore, citronella essential oil is extremely beneficial for people suffering from depression.
 
As a stimulant-
Citronella essential oil has a stimulating effect on various bodily functions. It improves the circulation of blood and also stimulates the production of secretions and discharges in the body like hormones and enzymes. It also increases activity in the nervous system. In addition, it can help with the body's metabolism and also stimulates the immune system.
 
As an insect repellant-
Unwanted bugs can cause a whole world of trouble. These bacteria and viruses can make the body sick and can contaminate food when mixed with it. Insect biting a person can cause rashes on the body, ranging from itching to fever and hallucinations. Apart from this, insects like mosquitoes can give rise to dengue, malaria and yellow fever. In this case, citronella essential oil acts as a great insect repellent that kills insects and keeps them away from home. It also proves effective against pests like lice and fleas.
 
As anti-inflammatory properties-
Inflammation can generally be caused due to many reasons such as drugs, narcotics, spicy food and any number of toxins in the body. In this case, citronella essential oil proves to be helpful in reducing inflammation of the liver, stomach, respiratory system and intestines because it has anti-inflammatory properties.
 
Helps in preventing the growth of bacteria-
Citronella essential oil is rich in methyl isoeugenol which helps to eliminate bacteria and prevent the growth of bacteria in the body. As a result, it is beneficial in treating infections of the colon, prostate, urinary tract, stomach, kidney, bladder and urethra, apart from treating wound infections caused by bacteria. Citronella essential oil has antiseptic properties which prove to be helpful in fighting many infections in the kidneys, wounds, urinary tract, urethra and prostate.
 
Aids in the removal of toxins-
Citronella essential oil is a diaphoretic, that is, it helps to induce sweating. In this form, it works to remove excess oil, fat, water and foreign toxins from the body through sweating. Apart from this, it also helps in keeping the functions of the body at an optimum level and prevents the body from getting sick.
 
Diuretic-
Citronella essential oil is a diuretic that works to stimulate urine. As a result, the excess oil, fat, water, uric acid and foreign toxins present in the body are excreted through urine. Since this oil proves helpful in flushing out excess calcium from the kidney, it also prevents the formation of excess calcium that causes kidney stones.
 
Uses of Citronella Oil
In many places, it is also used for perfume and fragrance.
Citronella essential oil is used on the skin as a bug repellant.
In some places, it is used in the food and beverage industry.
It is also used to flavour a variety of dishes and drinks.
This oil is also used by mixing it with other oils like eucalyptus, sage, cedarwood etc.
Side Effects and Allergies of Citronella Oil
Excessive use of citronella essential oil can cause interlace, skin irritation or sensitization. Apart from this, this oil should also not be used by young children, pregnant women because it can be harmful to them.
 
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Amazing Benefits of Olive oil for Skin, Body, and Health

Posted 17 March, 2022

Amazing Benefits of Olive oil for Skin, Body, and Health

Olive oil (Botanical Name: Olia Europa) is common in every household because of its aroma and flavour. It is also good for health and has many medicinal properties. Earlier people used this oil for cooking but after finding out about its medicinal properties, it is increasingly being used in manufacturing health care products, hair, skincare, and many other purposes.

 

Olive is a type of medicinal tree. People use its fruits, and seeds to extract oil and leaves for medicine. The preparation of olive oil is done with the fruits and seeds of a plant called olives by the process of steam distillation.

 

Importance of Olive oil in Ayurveda

Because of its rich medicinal properties, this oil has great importance in Ayurveda. According to Ayurveda, it is cold in potency. It contains high amounts of nutrients and minerals, which are beneficial for our health and beauty.

 

People use Olive oil for multiple purposes such as health and beauty. This includes cooking food, body oil for body massage, hair oil to keep hair healthy, and applied directly to the skin to cure skin problems.

 

Uses of Olive oil

  • We use Olive oil in various food preparations.
  • The oil is an excellent massage oil for the skin, hair, or body.
  • People sprinkle Olive oil over salads to add flavour.
  • Apply the olive oil to the bread and eat.
  • We can also use olive oil as a hair pack and face pack.

Types of olive oil

Extra Virgin Olive Oil -

Fresh olives are used to make extra virgin olive oil. Extra Virgin oil is the oil extracted from the first pressing of the olive fruit within a day of plucking them. It is the purest oil. No chemical substances are used to make this type of oil.

 

In this technique, the manufacturer obtains the oil by cold pressing method of extraction in which the temperature does not go above 25° C. It is rich in vitamins and minerals. This oil has the lowest acidity level due to which people consider it as the best quality oil in terms of taste, aroma, and nutrients.

 

Virgin Olive Oil-

Virgin Olive oil is also prepared by pressing olives for the first time. The extraction process does not follow the stringent standards for extracting such oil. It is slightly lesser in quality than Extra Virgin in terms of taste, aroma, and nutrients. The amount of acidity in this oil may be slightly higher than extra virgin.

 

Refined olive oils -

People sell such oils in markets with names like Pure, Light, and Classic. The leftover fruits after pressing for the first time, are again used to extract oil by heating them or with the help of chemical substances.

 

This is refined olive oil. Refined olive oil has an exorbitant amount of acid and fats. Its taste and aroma are also not very pleasant. It is also low in nutrients and antioxidants. People add extra virgin or virgin olive oil to this oil to make it tasty, aromatic, and colourful.

 

Pomace olive oil -

This olive oil is of the lowest quality which is extracted from the residue left in making extra virgin olive oil. The oil is separated from the seeds and peels with the help of a solvent called hexane at high temperatures.

 

Benefits of olive oil

Beneficial for inflammation-

Olive oil has inflammation-reducing properties. It contains Oleocanthal, which acts as an anti-inflammatory drug. This mainly helps in preventing the enzyme causing inflammation in the body. Besides, it also helps in curing diseases such as cancer, Alzheimer's, heart disease, arthritis, and diabetes.

 

Help in reducing weight-

The monounsaturated fat present in olive oil proves effective in reducing belly fat and weight. Using this oil in the right amount helps in reducing weight. Consuming one to two teaspoons of olive oil every morning helps to avoid obesity.

 

Beneficial for hair-

Olive oil has plenty of fatty acids, antioxidants, and vitamin E. All the ingredients present in it play an important role in treating dry and damaged hair.

 

Helpful in reducing cholesterol-

It contains a fair amount of monounsaturated fat. It helps in the formation of good cholesterol (HDL). Also, because of the presence of polyphenols in it, it reduces bad cholesterol (LDL). Using olive oil strengthens a person's heart and reduces the chance of an attack.

 

Helpful in the treatment of cancer-

The antioxidants present in olive oil reduce the oxidative damage caused by free radicals. These help to reduce inflammation in the body and reduce the risk of cancer. For this, use one to two teaspoons of pure olive oil daily.

 

Beneficial for face-

People consider olive oil, a better option for moisturizing skin. It contains vitamin-A, vitamin-E, and fatty acids, which reduce the formation of wrinkles in the body’s skin. It also prevents the occurrence of fine lines on the face.

 

Helpful in high blood pressure-

Olive oil controls hypertension. Olive oil used in the food also improves the blood circulation of the body. It is also good for controlling blood pressure.

 

Strengthen bones -

Eating food made with olive oil or massaging with its oil strengthens the bones of the body. This oil has a substantial amount of osteocalcin which helps in increasing the cells that make up the bone. Also, the use of olive oil reduces the risk of osteoporosis.

 

Beneficial for the mind-

Olive oil is extremely useful to prevent Alzheimer’s disease, the most common brain disease. In this disease, beta-amyloid plaques forms in the brain cells. Using olive oil works to remove these plaques of brain cells. The phenolic ingredient found in olive oil prevents brain-related illnesses like Alzheimer's and Dementia. Olive oil also works to relieve stress.

 

Helpful in the treatment of diabetes-

Regular use of olive oil prevents diabetes. According to research, food that has an exorbitant amount of mono and polyunsaturated fats protects the body from diabetes. We find these fats in high amounts in olive oil due to which olive oil protects the body from diabetes. Olive oil regulates sugar in the body and increases sensitivity to insulin. It helps to prevent type-2 diabetes.

 

Side-effects of Olive oil

  • Eating pickles made of olive can cause stomach cramps or constipation.
  • Excessive use of olive oil can cause blackheads in the face.
  • The high-fat content of olive oil can cause digestive disorders. It can also cause gastrointestinal problems such as diarrhoea.
  • Excessive use of olive oil can also reduce blood pressure.
  • Olive oil can cause irritation, rashes, and redness too.
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What is Fish Oil & Why is it Beneficial?

Posted 15 December, 2021

What is Fish Oil & Why is it Beneficial?

Fish oil is considered very beneficial for health as it has many nutrients. Therefore, it is good to eat fish in the form of meat. A very few people are aware that fish is consumed mainly for fish oil because fish oil is very good for health. Fish oil is rich in many medicinal properties. The nutrients present in it work to protect against serious diseases and to maintain skin health. This oil benefits in the treatment of diseases like anxiety, depression, weak immunity, high cholesterol, heart disease, cancer, diabetes, arthritis, ulcers, and inflammation. Fish oil also contains a good amount of omega-3 fatty acids. Therefore, it can be used for weight loss, pregnancy and to increase fertility.

 

What is Fish Oil?

Fish oil is prepared from fish tissues. Most fish oil is obtained from fishes living in cold water. Fish oil is also called omega-3 oil because it contains a lot of omega-3 fatty acids. Fish oil contains two types of omega-3 fatty acids. First- docosahexanoic acid (DHA) and second eicosapentanoic acid (EPA). Today there are also products like fish oil capsules in the market which are used to get rid of body pain due to cold.

 

Benefits of Fish Oil

For a healthy brain-

Consuming fish oil can keep the brain healthy for a long time because the omega-3 fatty acids present in fish oil reduce stress and depression. Apart from this, fish oil also helps to increase memory by reducing the decreasing memory power.

 

For a healthy heart-

Fish oil helps in curing heart diseases and smooth functioning of the cardiovascular system. Fish oil reduces the risk of cardiovascular disease by lowering the level of triglyceride (lipid fat) in the body. The use of fish oil can prevent blockage, plaque, and atherosclerosis of the arteries from growing which reduces the chance of a heart attack.

 

For weight loss and kidney-

Elements called DHA (docosahexaenoic acid) and EPA (eicosapentaenoic acid) present in the fish oil help to reduce weight gain by reducing excess body fat. In addition, omega-3 fatty acids found in fish oil also reduce kidney-related hazards.

 

For bones-

Fish oil is considered to be best for bone health. Its use helps in curing bone diseases like osteoporosis. Fish oil increases the density of bones. This oil contains omega-3 fatty acids which make bones strong by controlling the number of minerals present in bones and their surrounding tissue.

 

For arthritis pain-

The anti-inflammatory and omega-3 EPA properties present in fish oil reduce joint pain. Apart from this, it also reduces interleukin-1 (group of cytokines i.e. protein) from the body due to which arthritis and joint-related problems are cured. Apart from this, the omega-3 fatty acids present in fish oil also help in correcting the problems related to the eyes caused by increasing age.

 

For the immune system-

Fish oil works to protect the immune system from bacteria and viruses. It prevents autoimmune disorders in the body. Autoimmune is a condition when the immune system itself begins to kill healthy cells.

 

For Fertility-

The omega-3 polyunsaturated fatty acids in fish oil act to increase sperm cells in men which improves the fertility of men.

 

To protect against pollution and ultraviolet rays of the sun-

Pollution leads to diseases related to breathing and lungs. In such a situation, it is good to consume fish oil because vitamin D present in fish oil protects the body from the effects of pollution and cures many serious diseases. Apart from this, DHA and EPA present in fish oil also removes sunburn, tanning, ageing, etc. problems caused by UV rays.

 

For blood pressure and cancer-

Fish oil works by controlling the level of blood pressure in the body. The eicosapentaenoic acid (EPA) and docosahexaenoic acid (DHA) present in it protect the person from cardiovascular diseases by reducing high blood pressure. Apart from this, omega-3 fatty acids present in fish oil also keep away serious diseases like breast, colon, and prostate cancer by promoting the growth of normal and healthy cells in the body.

 

For healthy skin and hair-

Fish oil works to enhance the beauty of the skin. The omega-3 polyunsaturated fatty acids (PUFA) present in them are used to treat many skin-related diseases. This can reduce pimples, rashes, redness, and other skin-related problems. Additionally, the omega-3 fatty acids in fish oil also improve the condition of the hair along with the skin.

 

Side-effects and Precautions for Using Fish Oil

Fish oil proves to be miraculous for health but there are some side effects to this. Therefore, before making fish oil a part of your daily routine, these side effects should be known-

 
  • Bad odour from the sweating.
  • Poor taste of mouth.
  • Headache and heartburn due to its excessive intake.
  • Excessive nausea, vomiting, and diarrhoea.
  • Consuming high amounts of fish oil can cause a decrease in blood pressure. Therefore, people with low blood pressure should stay away from Fish Oil.
  • Those who have recently undergone surgery should not use fish oil.
  • Children may have allergic reactions such as itching, sneezing, or coughing when they consume fish oil excessively.
  • It should also not be used during bleeding disorder.
  • During pregnancy and in lactating women, fish oil should be used after the doctor's advice.
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Walnut Oil and its Benefits

Posted 17 March, 2022

Walnut Oil and its Benefits

Walnuts are a rich source of omega-3, antioxidants, magnesium, vitamin-A, vitamin-D, and copper and so is Walnut Oil. Walnut and its oil are very beneficial for the brain. For this reason, it is also called food for the brain. Walnut oil is used for a variety of purposes from manufacturing cosmetics and as dressing for salads, pasta, desserts, etc.

 
 

Walnut oil is extracted from walnuts and is a bit expensive due to its rich in nutrients and essential for good health. Two types of nut oils are available in the market, cold-pressed and refined. Refined oil contains lesser nutrients. Hence it is mostly used for cosmetics. Walnut oil is rich in vitamins and minerals. It works very well on the skin. Apart from this, it is also beneficial for hair.

 

Benefits of Walnut oil

Effective in fungal infections

Walnut oil is very beneficial in fungal infections. Mixing cold-pressed walnut oil with ginger and applying it to the affected part of the body is beneficial. Applying tea tree oil mixed with walnut oil also helps in curing infections. It is necessary to use walnut oil regularly to prevent infection.

 

Beneficial in removing wrinkles

Walnut oil helps a lot in preventing the effects of aging on the skin. It prevents wrinkles, fine lines, etc. Vitamin-E present in walnut oil keeps the face young for a long time and removes blemishes. The best face pack can be made for the face by mixing curd, honey, and oatmeal powder in walnut oil.

 

Effective antioxidant

Walnut oil is a very effective antioxidant. It contains compounds like juglone which makes beneficial free radicals for the body. These free radicals reduce the effects of harmful free radicals present in the body and help in keeping the body healthy.

 

Helpful in diseases related to digestive system

Walnuts contain fatty acids and high fiber which is considered very good for the digestive system and it improves the health of the stomach. Some diseases like eczema and arthritis can be cured by using walnut oil. It requires regular massage with nut oil on the affected part of the body.

 

Reduces the symptoms of aging

Walnut oil contains vitamin B, which protects the body from premature aging. This reduces the stress levels and protects from the radicals caused by stress. Vitamin-E is also found inside it, which is a very good antioxidant. You can also make face packs by mixing walnut oil in yogurt, honey, and oatmeal powder.

 

Helpful in preventing hair loss

The omega-3 fatty acids found in walnut oil help in reducing hair loss. Regular use of it reduces hair fall and makes hair thick and strong.

 

Relieves insomnia

Walnut oil improves sleep, eliminating insomnia. It contains a melatonin substance, which enhances sleep. It is very beneficial for people experiencing irregular sleep problems. Apart from this, the consumption of walnut oil also helps in increasing the efficiency of blood vessels.

 

Effective way to reduce weight

Walnut oil is an effective way to reduce body fat. Walnut oil is more easily digested than any other oil. Therefore, it can be used in salads. This does not make you feel hungry again and again and helps to reduce the craving for frequent meals.

 

Side effects of Walnut Oil

There is no harm with this extremely beneficial walnut oil but people who are allergic to eating walnuts may have the following problems-

 
  • Swelling of the lips.
  • Skin rashes and itching.
  • Runny nose.
  • Bad throat.
  • Abdominal pain and twitching.
  • Nausea and vomiting.
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Importance, Uses and Benefits of Turmeric Essential Oil

Posted 17 March, 2022

Importance, Uses and Benefits of Turmeric Essential Oil

Turmeric is a herb. Its plant is 5 to 6 feet and turmeric is obtained from the roots of the plant which is known for its finest taste. Turmeric is a known ingredient used for curing many illnesses and its oil is used in cosmetics for many skin benefits. It is used not only in foods but also in many Ayurvedic medicines, especially the use of natural oil of turmeric is considered highly beneficial for health. In popular parlance, the natural oil of turmeric is also known as turmeric essential oil. Turmeric essential oil is extracted from the steam distillation process using turmeric.

 

Importance of Turmeric Essential Oil in Ayurveda?

Turmeric Essential Oil has anti-allergic, anti-microbial, anti-bacterial, antifungal and antiparasitic properties just like turmeric powder. It is also rich in antioxidants. Many medicinal properties are found in turmeric essential oil due to which turmeric and its oil have been considered as important in Ayurveda. From skin whitening to pain relief, turmeric essential oil is helpful for various home remedies to cure many diseases. This is the reason why it is considered a panacea treatment for cold and cough.

 

What are the benefits of turmeric essential oil?

Beneficial for the skin-

Turmeric essential oil is very good for the skin. It works to take care of skin health. The antioxidants present in it relieve skin-related problems. Along with this, the anti-fungal and anti-bacterial present in it is also beneficial for the skin. Applying this oil on the skin removes fine lines, pimples, wrinkles and aging problems. This oil improves the elasticity of the skin and maintains its moisture level.

 

Avoidance of free radicals-

Turmeric essential oil provides protection against free radicals present in the body. These free radicals present in the body cause many serious diseases. The antioxidant present in this oil works to fight free radicals due to which the body is protected from serious diseases.

 

Beneficial in infection, allergy and inflammation-

Turmeric essential oil has anti-inflammatory, anti fungal, antibacterial properties which are helpful in preventing infection, allergies and inflammation. This oil helps in getting rid of parasitic infections such as tapeworm and ringworm.

 

Beneficial for hair-

Turmeric essential oil is beneficial in all types of hair problems. The nutrients present in it work to make the hair healthy and strengthen them. In addition, turmeric essential oil is easily absorbed into the scalp, improves blood circulation and helps in hair growth due to which the hair fall is reduced. For this, it is good to massage the scalp by mixing a few drops of turmeric essential oil in one of the oils of coconut, jojoba and olive oil.

 

For scalp related disease-

Turmeric essential oil works to retain moisture in the skin. Due to its properties, it is used in moisturizing products. Turmerics antifungal and antimicrobial properties relieve infection to the scalp. In addition, anti-inflammatory properties of turmeric are beneficial for relieving itching of the scalp.

 

Helpful in relieving pain and swelling-

Disinfectant properties are found in turmeric essential oil. Therefore, this oil is helpful in reducing pain and swelling permanently because it kills the skin irritating bacteria. Also, curcumin found in turmeric is a natural anti-inflammatory compound that reduces pain due to which the inflammation of the skin also ends.

 

Effective in treating cracked heels-

Being an excellent healing agent, turmeric essential oil can be used to effectively soften a cracked heel. For this, using a few drops of turmeric essential oil mixed with coconut, jojoba and olive oil, one gets rid of the cracks of the heel within a few days.

 

In the form of cosmetics-

Turmeric extracts are also used in many face wash products. Turmeric is also very useful as a beauty enhancing ingredient. Indian women have been using turmeric since ancient times to enhance their skin tone. Turmeric contains ingredients that cleanse the blood, enhance the appearance and make the skin fair and radiant. In Indian matrimonial ceremonies, turmeric paste is applied to enhance the beauty of the bride and groom.

 

As an immunity booster-

According to experts, regular intake of natural oil of turmeric is very helpful in increasing immunity of the body. A substance called lipopolysaccharide (endotoxin) is found in the natural oil of turmeric which contains anti-bacterial, antiviral and antifungal agents, which boost our immunity. In addition, the important component of turmeric, curcumin, can be rich in anti-inflammatory properties as well as acting as an immunomodulatory agent (agent affecting immunity). It also improves the functioning of various immune cells such as B-cells (white blood cells) due to which the body is able to fight against many diseases like- allergy, cold-cough, diabetes, asthma and heart disease.

 

How to use turmeric essential oil?

For face-

Mix 2 drops of turmeric essential oil in 3 tablespoons of olive oil and keep it in a pot or jar. Now apply the paste and massage your face with light hands on your face everyday before going to bed at night. Skin diseases like acne, rashes, wrinkles etc. are cured by doing this. Along with this, the skin gets a lot of glow.

 

To apply to hair-

A few drops of coconut, jojoba and olive oil mixed with turmeric essential oil should be massaged on the hair and scalp. Doing this relieves the fungal infection of the scalp in a few days due to which the hair becomes thick and long.

 

For skin-

Mixing turmeric essential oil with some other oil and using it on the skin improves skin. Apart from this, it also reduces the damage caused by the UV rays.

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Tamanu Oil: Benefits, Uses and Precautions

Posted 16 December, 2021

Tamanu Oil: Benefits, Uses and Precautions

Many types of oils are used by people in their daily lives. Some of these oils are used as food, while some are used to keep hair and skin healthy and strong. A similar oil is Tamanu oil. Most people remain unaware of this oil, but Tamanu oil has many beneficial properties. This oil has properties such as calophilic acid, phospholipids, antibiotics, and many powerful antioxidants. For skin and hair, this oil is also used in cosmetic products. This oil is prepared from the seeds of the Tamanu nut tree.

 

Nutritional ingredients in Tamanu oil

Tamanu oil is rich in all nutritional elements. This oil mainly contains lactones in three compounds - calophilic acid, phospholipids, and antibiotic. Research on Tamanu oil found that it contains calophyllolide (a substance with anti- inflammatory properties) and delta-tocotrienol (a form of vitamin E). Apart from this, many such antioxidant elements are found in Tamanu Oil, which works to enhance its specialty.

 

Benefits of Tamanu Oil

Tamanu oil contains many health benefits for the skin and hair. Lets talk about these benefits-

 

Benefits of Tamanu Oil for Skin

To reduce pimples-

Tamanu oil has antibacterial properties, which help eliminate acne from the skin by fighting pimples and bacteria. Also, the anti-inflammatory properties of Tamanu Oil work to reduce acne, inflammation, and redness. For this, Tamanu oil should be applied to the infected area with the help of cotton at night before going to bed.

 

To get rid of sunburn-

Calophyllolide (a substance with anti-inflammatory properties) present in Tamanu oil helps in healing sunburn and blisters. It reduces the redness of the  skin. For this, take a few drops of Tamanu oil in the palm and properly massage the face and skin. By doing this, you get rid of sunburn in a few days.

 

To hydrate dry skin-

Oleic and linoleic fatty acids are found in Tamanu oil which helps in moisturizing dry skin as a cleansing agent. Tamanu oil has vitamin E and antibacterial properties which make lifeless and dry skin soft. In addition, Tamanu oil also has antihypertensive and antifungal properties which take good care of the skin. Therefore, it can be used to smoothen dry and rough skin.

 

To reduce wrinkles-

Tamanu oil is a super effective natural anti-aging compound that helps reduce signs of aging like wrinkles and fine lines. For this, mix tamanu oil with olive oil and apply it to the face, and after some time wash it with cold water. Also, add sea salt to Tamanu Oil and scrub it on the body. This scrub exfoliates the skin and provides moisture and makes the skin soft. In this process, sea salt works by opening the pores of the skin and reducing the oxidative stress of the skin with olive or argan oil.

 

To brighten the skin color-

Sometimes, the skin turns dark due to sunlight and UV rays. In this case, using Tamanu oil is good for the skin because the lactone present in Tamanu oil helps to cleanse the skin. Lactone acts as an antioxidant on the skin which helps in reducing pigmentation and oxidative stress and brightening the skin color. For this, take a few drops of Tamanu oil in the palm and properly massage the face and skin.

 

Helpful in psoriasis and eczema-

Tamanu oil is used for skin for severe skin problems like Psoriasis and Eczema. Psoriasis is a skin disease in which the skin becomes flaky and red. This also causes pain and swelling on the skin.

 

Benefits of Tamanu Oil for hair

  • Helps to nourish hair-
  • Tamanu oil is beneficial in any type of hair problem. The oleic acid, linoleic acid, palmitic acid, and stearic acid present in it work to make the hair healthy and strong. Apart from this, Tamanu Oil is easily absorbed into the scalp and helps improve blood circulation and hair growth which makes it easier to treat hair fall. For this, it is good to massage the scalp by mixing a few drops of Tamanu oil in coconut oil, jojoba oil, or olive oil.
 

For scalp related disease-

Tamanu oil works to retain moisture in the skin. Due to its properties, it is also used in moisturizing products. The anti-fungal and anti-microbial properties present in Tamanu oil relieve scalp infections. Additionally, the anti- inflammatory properties of Tamanu Oil prove beneficial for relieving itching of the scalp.

 

Use of Tamanu Oil

  • Tamanu oil can be applied directly to the skin.
  • It is also used extensively in beauty and cosmetic products. Soap, cream, lotion, perfume, scrub, oil, etc. products made of Tamanu oil are available in the market.
  • Tamanu oil can also be used as hair oil and in hair care products in addition to cosmetic products.
 

Side-effects of Tamanu Oil

  • People with sensitive skin should use Tamanu oil only after doing a patch test on the face and hair because people with more sensitive skin may have allergies to this oil.
  • Stop using this oil if you experience itching, redness, irritation, or other adverse effects while using Tamanu oil.
  • Do not consume tamanu oil. It is meant only for external use.
  • Use Tamanu oil carefully around the eyes and avoid contact with the eyes.
 
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Medicinal Properties and Benefits of Sunflower Oil

Posted 17 March, 2022

Medicinal Properties and Benefits of Sunflower Oil

Sunflower(Botanical Name: Helianthus annuus) is a flower that keeps moving around in the sun's direction that is why its name is Sunflower. It is a major oilseed. Sunflower flowers are bitter in taste and cold in potency. Sunflower seeds contain a lot of nutrients like vitamins B-1, B-3, B-6 protein, magnesium, and phosphorus. Due to all these properties, the sunflower is used to make many types of medicines in Ayurveda.

 

Sunflower oil

Seed extracts of Sunflower are used to extract the oil. We also use it in cooking or in cosmetic formulations. Sunflower oil contains linoleic acid. It also contains oleic and palmitic acid. Apart from these, it contains carotenoids, tocopherol, lecithin, and adequate amounts of Vitamin-A, Vitamin-D, and Vitamin-E. Using sunflower oil ensures a healthy heart, a strong immune system, and healthy skin. It also helps to prevent cancer, reduces high cholesterol, and protects against asthma. It has anti- inflammatory properties too.

 

Advantages of Sunflower oil

Sunflower oil normalizes cholesterol-

Sunflower oil contains a balanced amount of fatty acids, along with an adequate amount of linoleic acid (omega-6 fatty acid). Although omega-6 fatty acids are bad cholesterol, they are still essential for the body. In such a situation, sunflower oil plays an important role in creating a balance of good cholesterol and bad cholesterol. Also, sunflower oil does not contain any saturated fat. It helps in reducing bad cholesterol in the body.

 

Sunflower oil is beneficial for a healthy heart-

Using sunflower oil reduces the risk of developing atherosclerosis (hardening of the arteries). Atherosclerosis blocks the arteries due to which blood pressure increases. This increases the likelihood of a heart attack or stroke. Proper use of sunflower oil is beneficial in keeping the heart-healthy.

 

Useful for the skin-

Sunflower oil is rich in vitamin-E. It especially aids in better skin health and cell regeneration. It also protects the skin from sun damage and reduces the signs of aging. Vitamin E is an antioxidant that prevents healthy cells from being destroyed by neutralizing free radicals. This is a major reason why sunflower oil is used in cosmetic products.

 

Sunflower oil is beneficial in reducing acne-

Sunflower oil contains vitamins A, C, and D and healthy carotene, which protects against acne by creating a shield on the skin. Being light and non-greasy, sunflower oil absorbs into the skin easily without blocking the pores of the skin. The fatty acids and vitamins found in it acts as antioxidants to relieve acne by giving new life to skin cells.

 

Sunflower oil cures arthritis-

Sunflower oil is beneficial in curing not only asthma but also arthritis. This oil is also an excellent solution for people suffering from arthritis. Apart from this, sunflower oil also helps in the prevention of Rheumatoid Arthritis.

 

Sunflower oil - strengthens immunity-

Sunflower oil is full of vitamin-E. It acts as an antioxidant in the body which helps prevent heart disease. It also boosts the immune system.

 

Side-effects of Sunflower oil

  • Sunflower oil has higher omega-6 content than other vegetable oils. For this reason, it's harmful to individuals suffering from cholesterol problems.
  • People sensitive to 'Asteraceae / Composite' plant species may be allergic to sunflower oil.
  • It contains omega-6 fatty acids, whose high intake can harm pregnant women.
  • Excess intake of sunflower oil can increase the risk of diabetes by increasing the amount of glucose in the blood.
  • The plasma found in it may increase the risk of type 2 diabetes by increasing cholesterol, linoleic acid, and poor cholesterol.
 

Where is the Sunflower found?

The sunflower was first cultivated in America. Major production of Sunflower oil is in Russia, the USA, Ukraine, Argentina, Sweden, and India. They grow almost everywhere in India.

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Some Lesser Known Facts about Babchi Essential Oil

Posted 18 December, 2021

Some Lesser Known Facts about Babchi Essential Oil

Babchi Essential Oil, also known as Bakuchi, is extracted from the seeds and leaves of the Psoralea corylifolia plant. Bakuchi plant is a medicinal herb that is smaller in size. The height of this plant is about 3 to 4 feet. The seeds of this plant are diagonal, flat, and brown which has a bitter taste and an unpleasant smell. Bakuchi grows throughout India and is commonly known as Babchi.

 

Importance of Babchi Essential Oil in Ayurveda

According to Ayurveda, Babchi essential oil is bitter, hot in nature, destroys Vata- Kapha imbalances, and also beneficial for the heart. It proves beneficial in fever, chronic, leprosy, hemorrhoids, cough, swelling, jaundice, and dental worms. Babchi is antimicrobial. Besides, Babchi Essential Oil contains chemo-protective, anti-inflammatory, antioxidant, etc. elements. The most effective feature of this plant is that every part of it is useful due to its medicinal properties. But for most disorders, oil made from its seeds is used.

 

Chemical Constituents of Babchi Essential Oil

The seeds of Babchi are used to extract essential oil through the steam distillation process. The chemical constituents such as bakuchiol, psoralen, linalool, limonene, α-elemene, angelicin, bava chalcone, isopsoralen, corylifol, 6- prenylnaringenin, corylin, isobavachalcone, corylifolium, psoralidin, bava chromanol, methyl 4-hydroxybenzoate, and neobava isoflavone in Babchi Oil helps to treat various diseases such as leprosy, leucoderma, vitiligo, stress, and reproductive ailments. Babchi essential oil is very effective in skin diseases such as white spots, scabies, herpes, pimples, and freckles. The presence of the above elements also makes Babchi bactericidal and anthelmintic.

 

Advantages of Babchi Essential Oil

Beneficial for the skin-

Babchi essential oil is an antimicrobial that is mainly used to remove skin problems. It helps in preventing psoriasis, leukoderma, skin infections, skin rashes, and allergies, etc.

 

Beneficial in respiratory diseases-

The advantages of Babchi Essential Oil are due to its anti-inflammatory properties which help reduce inflammation and pain of the respiratory tract during infection. It is also beneficial in colds, asthma, dyspnea, nephritis, bronchitis, and various other types of respiratory diseases.

 

Helpful in Cancer-

The seeds of Bakuchi have anti-cancer properties. Besides, this essential oil contains bavachinin, sorrelan, and sorilifolinine. These elements help to prevent the growth of osteosarcoma and lung cancer cells.

 

Helps in hair nutrition-

Babchi Essential Oil is a great hair tonic. Therefore, it is used in the treatment of hair problems such as hair loss, alopecia areata, spot baldness (there is no hair in parts of the head). The use of this oil improves the color and quality of the hair.

 

Beneficial for teeth-

Babchi is an effective medicine to treat tooth decay and other types of dental problems. Use of Bakuchi Churna or Babchi Essential Oil is an excellent remedy for problems like toothache, decay, and pyorrhea. It helps in preventing tooth decay as the antioxidants present in babchi help fight cavities.

 

Helpful to clean blood-

Babchi Essential Oil has the properties of a natural blood purifier which helps remove impurities (toxins) from the body. Apart from this, immunity can also be boosted by the use of babchi.

 

Home Remedies with Babchi Oil

  • Babchi has been used for centuries for the treatment of Vitiligo (white spots on the skin). Taking one spoon of babchi powder and black sesame with cold water regularly in the morning and applying babchi oil in the morning and evening provides relief in problems like white spots.
  • Applying Babchi oil on the teeth daily destroys tooth worms.
  • Regular use of Babchi oil in the morning and evening proves effective in curing acne, ringworm, and itching.
  • Lumps on any part of the body make the skin look bad. In such a situation, grinding the seeds of babchi and tying it on that knot helps to settle the knot. In addition, applying Babchi Essential Oil to the affected area regularly provides relief.
 

Precautions while using Bakuchi Oil

  • High doses and prolonged use of Bakuchi can lead to hyperacidity and gastritis.
  • Some food products like curd, pickle, fish, etc. should be avoided because, in the treatment of problems such as white spots (vitiligo treatment), these products should not be consumed along with Bakuchi Churna. For best results, apply Babchi Essential Oil on the affected area along with the consumption of Bakuchi Churna.
  • Excessive consumption of Bakuchi during jaundice can lead to vomiting.
  • Breastfeeding women should use it under medical supervision.
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Sesame Essential Oil and its Benefits

Posted 20 December, 2021

Sesame Essential Oil and its Benefits

In Ayurveda, sesame oil is considered the queen of oils. This oil has been used for healing for centuries due to the medicinal properties of this oil, it has been described as good for humans in the Vedas of ancient India. This oil has antibacterial properties which help to cure skin fungi like common skin pathogens such as Staphylococcus, Streptococcus, and athletes foot.

 
 

Sesame essential oil is a natural anti-inflammatory and antiviral oil which reduces the symptoms of rheumatoid arthritis. This oil reduces stress and depression. It helps in controlling blood pressure and maintaining oral health. The anti- inflammatory agents of this oil are helpful in detoxifying the skin, treating anemia, diabetes, eye, and cancer. In addition to skin and hair, sesame oil is also used in making food.

 

Benefits of Sesame oil

Treatment of diabetes-

According to the report of NCBI (National Center for Biotechnology Information), sesame oil helps in controlling the level of diabetes. The oil obtained from white sesame helps in regulating blood glucose and reducing the harmful effects of diabetes. In this way, sesame oil works to provide relief in diabetes.

 

Beneficial for blood pressure-

Polyunsaturated fatty acids present in sesame oil reduce high blood pressure levels. Apart from this, the antioxidants, unsaturated fatty acids, and vitamin E present in it also work to control blood pressure.

 

Great for cardiovascular health-

Sesame oil is used as a diet to keep the heart-healthy. This oil has an antioxidant effect that helps in keeping the heart safe for a long time. This oil also contains lignans (a type of fiber) that works to control cholesterol in the body. Thus, sesame oil is considered good for cardiovascular risks.

 

Helpful in reducing inflammation-

Sesame oil has anti-inflammatory properties which work to protect the body from inflammatory problems. This oil benefits the body in both external and internal inflammation. In addition, sesame oil also reduces hand and foot injuries and pain.

 

For anemia-

Sesame oil reduces the risk of anemia. In fact, polyunsaturated fatty acids and phenolic phytochemicals present in sesame and its oil help to prevent anemia. These compounds overcome blood loss by increasing red blood cells (RBC) and hemoglobin in the body. Apart from this, sesame oil is also good for the mechanism.

 

Good for the skin-

Sesame oil helps in reducing skin-related problems. It has healing properties which help in healing the wound quickly. Sesame oil contains an element called tocopherol which protects the skin from the suns ultraviolet rays. Apart from this, sesame oil works to cure problems like sunburn.

 

Beneficial for the eyes-

Sesame oil cures eye problems. Sesame oil reduces the problems related to diabetic retinopathy i.e. diabetic eye disease (inflammation in the retina). The sesamin compounds present in sesame oil help reduce inflammation of the retina. Additionally, this oil also helps in preventing blindness.

 

Useful for hair-

Sesame oil works to nourish the scalp. This oil has anti-bacterial properties which remove the bacteria and protects the scalp from infection. Additionally, the antibacterials present in sesame oil also help in removing dandruff.

 

For Arthritis-

The oil obtained from black sesame helps in reducing this problem. The anti- inflammatory effect of lignans present in sesame oil reduces the symptoms of inflammation and related diseases such as arthritis in the body.

 

Pain reliever-

According to NCBI research, sesame oil helps in relieving pain because it has an anti-nociceptive (pain-reducing) effect. Therefore, sesame oil is used to relieve joint pain and toothache. In addition, sesame oil is also helpful in reducing the pain caused by menstrual syndrome, cuts, and scratches.

 

Good source of Vitamin E-

Sesame oil contains tocopherol which is a form of Vitamin E. Therefore, it is considered a good source of Vitamin E. Tocopherol acts like antioxidants that reduce the risks of many diseases by protecting the body from free radicals because these free radicals cause cancer and heart disease after a time.

 

Good source of antioxidants-

According to research conducted by NCBI, sesame oil is rich in elements called sesamin and sesamol. Both these elements act as powerful antioxidants. Another research suggests that antioxidant effects can reduce the number of diseases such as ischemic heart disease (coronary artery disease), diabetes, and oxidative stress.

 

Side effects of Sesame oil

  • Sensitive people should avoid using sesame oil because they may be allergic to them.
  • Sesame oil has the potential to reduce diabetes. In such a situation, it should not be taken with blood sugar-reducing medicines because it can reduce the level of blood sugar.
  • Sesame oil helps in reducing high blood pressure. Therefore, a person suffering from low blood pressure should not consume it.
  • Sesame oil has high-calorie content. Therefore, a high intake of it can increase body weight.
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