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जानें, स्ट्रॉबेरी के औषधीय गुण और इससे होने वाले अद्भुत फायदे

Posted 14 September, 2022

जानें, स्ट्रॉबेरी के औषधीय गुण और इससे होने वाले अद्भुत फायदे

स्ट्रॉबेरी एक मीठा, खट्टा और लाल फल है। इसके खट्टे-मीठे स्वाद और रस से भरपूर होने के कारण स्ट्रॉबेरी को लगभग सभी लोग पसंद करते हैं। इस फल में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, आयरन और फास्फोरस मिलते हैं। इसके अलावा स्ट्रॉबेरी में भरपूर औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। इसलिए स्ट्रॉबेरी खाने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहती है। जिससे कई तरह के संक्रमणों और बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। यह हृदय स्वास्थ्य में सुधार करती है। इसके अलावा स्ट्रॉबेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। इसलिए अपने आहार में स्ट्रॉबेरी को शामिल करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आयुर्वेद में स्ट्रॉबेरी का महत्व-

आयुर्वेद के अनुसार, स्ट्रॉबेरी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। साथ ही इसमें वात संतुलन और रेचक गुण मौजूद हैं, जो कब्ज के इलाज में सहायक होते हैं। स्ट्रॉबेरी में विटामिन ए, सी, पॉलीफेनोल्स के अलावा कई प्रकार के मिनरल्स जैसे सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और सेलेनियम भी पाए जाते हैं। जो स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए फायदेमंद होते हैं। इनका सेवन कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। इस रूप में स्ट्रॉबेरी हृदय संबंधित रोग और अन्य बीमारियों से बचाव करने में भी मदद करता है। आयुर्वेद में ऐसी मान्यता हैं कि 1 स्ट्रॉबेरी का सेवन लगभग 8 संतरे से प्राप्त विटामिन सी के बराबर होता है। इन्हीं सभी औषधीय गुणों से समृद्ध होने के कारण स्ट्रॉबेरी आयुर्वेद में अपना अलग स्थान रखती है।

स्ट्रॉबेरी के फायदे-

  • कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक-पाचक अग्नि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या असंतुलन के कारण खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटती चली जाती है। परिणामस्वरूप शरीर में अधिक विषाक्त पदार्थों का जमाव हो जाता है। ऐसे में स्ट्रॉबेरी का सेवन करना अच्छा होता है। क्योंकि इसमें पेक्टिन पाया जाता है। जो एक प्रकार का घुलनशील फाइबर है। यह शरीर से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा स्ट्रॉबेरी में मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन सी आदि तत्व मौजूद होते हैं। जो शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स (एक तरह का खराब कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को कम करता है।
  • इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर-स्ट्रॉबेरी का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करता है। क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करताहैं। इसके लिए एक कप स्ट्रॉबेरी का सेवन पूरे दिन के विटामिन सी की आवश्यकता को पूरा करती है। इसके अलावा स्ट्रॉबेरी में मौजूद विटामिन सी आंख के कॉर्निया और रेटिना को मजबूत करने में भी मदद करता है।
  • गठिया को रोकने में मददगार-शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता के कारण गाउटी अर्थराइटिस की समस्या होती है। ऐसे में स्ट्रॉबेरी गठिया की बीमारी और उससे होने वाले दर्द से राहत दिलाने में मददगार होती हैं। क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट एवं तमाम मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त स्ट्रॉबेरी के मूत्रवर्धक गुण मूत्र उत्पादन को बढ़ाने और अतिरिक्त यूरिक एसिड को खत्म करने में मदद करतें हैं।
  • रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक-स्ट्रॉबेरी का नियमित सेवन रक्तचाप को कम करता है। इसमें पोटैशियम और पेक्टिन जैसे आवश्यक तत्व पाए जाते हैं। जिसका मुख्य काम नसों को आराम पहुंचाने का होता है। इसके साथ ही यह शरीर में रक्त के प्रवाह को भी सामान्य बनाए रखने में सहायता करता है। जिससे शरीर में रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
  • ह्रदय को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक-स्ट्रॉबेरी हृदय को स्वस्थ रखने में बेहद फायदेमंद होती है। इसमें कई प्रकार के फायटोन्यूट्रियन्ट्स पाए जाते हैं। जिसमें पोटैशियम और विटामिन-सी ह्रदय प्रणाली की रक्षा करने में सक्षम होते हैं। यह हृदय पर ऑक्सीडेशन से होने वाली क्षति पर रोक लगा कर हृदय रोगों को बढ़ने से रोकते हैं। इसके अलावा स्ट्रॉबेरी में मौजूद एंथोसायनिन और क्वेरसेटिन हृदय रोग को रोकने में मदद करते हैं।
  • कब्ज को दूर करने में असरदार-स्ट्रॉबेरी अपने पाचक और रेचक गुणों के लिए जानी जाती है। यह सभी गुण कब्ज की परेशानी को कम करने में मदद करते हैं।
  • तैलीय त्वचा और मुहांसों के लिए लाभप्रद-आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात दोष बढ़ने से अतिरिक्त सीबम उत्पादन होता है और रोम छिद्र बंद हो जाते हैं। जिसके कारण त्वचा पर सफेद और काले डॉट्स बनने लगते हैं। ऐसे में स्ट्रॉबेरी का सेवन लाभकारी होता है। क्योंकि यह अपने एसिडिक गुणों की मौजूदगी के कारण त्वचा से अतिरिक्त तेल को हटाकर मुंहासों को नियंत्रित करने में मदद करती है।
  • रुसी से छुटकारा दिलाने में कारगर-रुसी स्कैल्प पर होने वाली शुष्क पपड़ीदार परत होती है। यह शरीर में पित्त और वात दोष के बढ़ने के कारण होता है। स्ट्रॉबेरी पित्त और वात दोष को संतुलित करने में मदद करती है। इस प्रकार यह डैंड्रफ को रोकने के लिए कारगर है।

स्ट्रॉबेरी का उपयोग करते समय बरतें यह सावधानियां-

  • स्तनपान के दौरान या गर्भावस्था के दौरान स्ट्रॉबेरी का सीमित मात्रा में सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  • आमतौर पर कैंसर रोधी दवाओं का सेवन करते समय स्ट्रॉबेरी का उपयोग चिकित्सक के परामर्शनुसार करें।
  • चूंकि स्ट्रॉबेरी रक्त को पतला करने का काम करती है। इसलिए एंटीकोआगुलंट्स के साथ स्ट्रॉबेरी का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
  • स्ट्रॉबेरी प्राकृतिक रूप से अम्लीय होती है। इसका स्वाद खट्टा होता है। इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन से सीने में जलन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

इसके अलावा कुछ अन्य दुष्प्रभाव भी शामिल हैं जो निम्नलिखित हैं-

  • अतिसंवेदनशील (सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण होने वाली असामान्य प्रतिक्रिया)
  • त्वचा पर लाल चकत्ते।
  • एक्जिमा या त्वचा की सूजन।
  • न्यूरोडर्माटाइटिस (पुरानी त्वचा की खुजली)।

यह कहां पाया जाता है?

स्ट्रॉबेरी उत्तरी गोलार्ध के समशीतोष्ण इलाकों में मूल रूप से उगाई जाती हैं। हालांकि अब इसकी खेती पूरे दुनिया में की जाती हैं। भारत में स्ट्रॉबेरी की खेती मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में की जाती है।

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नाशपाती खाने के फायदे और नुकसान

Posted 05 September, 2022

नाशपाती खाने के फायदे और नुकसान

नाशपाती लोकप्रिय और पौष्टिक फलों में से एक है। इसके खट्टे-मीठे स्वाद और रस से भरपूर होने के कारण नाशपाती को लगभग सभी लोग पसंद करते हैं। अक्सर लोग नाशपाती को सलाद या जूस के रूप में सेवन करते हैं। इस फल में खूब विटामिन, फाइबर और खनिज तत्व पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त नाशपाती औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। इसलिए नाशपाती खाने से शरीर का कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित और दिल दुरुस्त रहता है। इसलिए रोजाना नाश्ते में नाशपाती को शामिल करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं।

नाशपाती क्या है?

नाशपाती एक मौसमी फल है। आमतौर पर यह गर्मियों एवं बरसात के महीनों में देखने को मिलता है। यह प्रायः लगभग हरे सेब की तरह दिखता है। इसका वानस्पतिक नाम पाइरस कम्यूनिस (Pyrus communis) और अंग्रेजी में इसे पियर कहा जाता है। नाशपाती स्वस्थ पोषक तत्वों का एक उत्कृष्ट स्रोत है। भारत में नाशपाती गोल, मीठे, रसीले और विभिन्न रंगों में आते हैं। यह हल्के हरे से लेकर हल्के पीले या भूरे रंग के होते हैं। सामान्यतः नाशपाती को एशियाई नाशपाती (पाइरस पाइरिफोलिया) और यूरोपीय नाशपाती (पाइरस कम्युनिस) में विभाजित किया जाता है। एशियाई नाशपाती की किस्म एक रेतीली बनावट दिखाती है जो फसल या भंडारण के बाद नहीं बदलती है, जबकि यूरोपीय नाशपाती पकने पर रसदार हो जाती है।

नाशपाती का महत्व-

आयुर्वेद के अनुसार नाशपाती तासीर से ठंडा होता है। नाशपाती में विटामिन ए, सी, बी6, फोलेट के अलावा कई प्रकार के खनिज जैसे पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और सेलेनियम पाए जाते हैं। साथ ही इसमें प्रोटीन और पानी की भी प्रचुरता होती है। इस प्रकार यह स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए फायदेमंद होते हैं। इनका सेवन हाइपरएसिडिटी जैसी पाचन समस्याओं में लाभप्रद होती है। इस रूप में नाशपाती हृदय संबंधित रोग और अन्य बीमारियों से बचाव करने में भी मदद करता है। अपने औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण नाशपाती को आयुर्वेद में उत्तम दर्जे का फल माना गया है।

नाशपाती के फायदे-

  • प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने में सहायक-नाशपाती का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करता है। क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट, विटामिन सी और तांबा पाए जाते हैं। जो प्रतिरक्षा प्रणाली को विभिन्न बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड बॉडी को ऑक्सीकरण से भी बचाता है।
  • ऑस्टियोपोरोसिस से बचाता है-नाशपाती में एंटीऑक्सीडेंट एवं तमाम मिनरल्स पाए जाते हैं। जो ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी को भी दूर करने में कारगर होता है। इसके अलावा नाशपाती गठिया की बीमारी और उससे होने वाले दर्द से राहत दिलाने में असरदार होते हैं। इसके लिए प्रतिदिन एक गिलास नाशपाती का जूस पीना फायदेमंद होता है।
  • ऊर्जा बढ़ाने में कारगर-पूरे दिन काम करने के लिए शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसे में एनर्जी के लिए नाशपाती फल कारगर साबित होता है। इसमें पाए जाने वाला पौष्टिक तत्व शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करतें हैं । इसके अलावा नाशपाती में मौजूद उच्च ग्लूकोज शरीर को बेहतर ऊर्जा प्रदान करती है। इसके लिए नाशपाती के जूस को एक एनर्जी ड्रिंक की तरह सेवन करना फायदेमंद होता है।
  • मां के दूध का सेवन बंद कर रहे बच्चों के लिए लाभदायक-स्तनपान बंद कर रहे बच्चों के लिए नाशपाती खिलाने का सुझाव दिया जाता है क्योंकि नाशपाती में हाइपोएलर्जेनिक गुण होते हैं और फल में एसिड कम होता है। जिस कारण नाशपाती खाने से पाचन संबंधी समस्याएं नहीं होती हैं।
  • रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए-नाशपाती मधुमेह से जुड़ी समस्याओं के लिए लाभकारी होता है। नाशपाती का सेवन शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है। वहीं, नाशपाती में मौजूद ग्लिसरॉल और उच्च फाइबर चयापचय को नियंत्रित करतें हैं। इसके अलावा नाशपाती में फ्लेवोनोइड्स की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। जो डायबिटीज के टाइप 2 उपचार में सहायक होता है। इसलिए मधुमेह के लक्षणों को कम करने के लिए नियमित रूप से नाशपाती का सेवन करना चाहिए।
  • उपचार की प्रक्रिया को बढ़ाने में मददगार-नाशपाती उपचार की प्रक्रिया को बढ़ाने में लाभदायक होती है। इसमें मौजूद एस्कॉर्बिक एसिड उपचार प्रक्रिया को तेज करने के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करती हैं। इस प्रकार यह घावों को भरने में मदद करती है।
  • हृदय को स्वस्थ्य बनाए रखने में सहायक-नाशपाती ह्रदय को स्वस्थ्य रखने में बेहद लाभकारी होता है। इसमें कई प्रकार के फायटोन्यूट्रियन्ट्स पाए जाते हैं। जिनमें से पोटैशियम और विटामिन-सी ह्रदय प्रणाली की रक्षा करने में सक्षम होते हैं। यह हृदय पर ऑक्सीडेशन से होने वाली क्षति पर रोक लगा कर हृदय रोगों को बढ़ने से रोकते हैं।
  • एनीमिया से बचाव के लिए-नाशपाती आयरन का समृद्ध स्रोत है। जो लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर, शरीर में ऑक्सीजन को पहुंचाने में मदद करता है। इसके अलावा आयरन रेड ब्लड सेल्स निर्माण को बढ़ाकर एनीमिया जैसे रक्त विकार को दूर करने में भी मदद करता है।
  • ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए-नाशपाती एंटीऑक्सीडेंट एवं विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है। इसलिए यह ट्यूमर के विकास को रोकता है। साथ ही कैंसर की कोशिकाओं (cancer cells) को नष्ट भी करता है। जिससे कोलन कैंसर को रोका जा सकता है। इसलिए प्रतिदिन एक नाशपाती खाने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर से बचाव होता है।
  • पाचन में सुधार के लिए-पाचन में सुधार के लिए-नाशपाती का सेवन पाचन संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद अघुलनशील पॉलीसेकेराइड फाइबर के गुणों को प्रदर्शित करता है। यह डाइजेस्टिव जूस को उत्तेजित कर पाचन क्रिया में सकारात्मक प्रभाव डालने का काम करता है। जिससे शरीर के पाचन तंत्र के कार्य में सुधार होता है।
  • फ्री रेडिकल्स से बचाव के लिए-नाशपाती मधुमेह से जुड़ी समस्याओं के लिए लाभकारी होता है। नाशपाती का सेवन शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है। वहीं, नाशपाती में मौजूद ग्लिसरॉल और उच्च फाइबर चयापचय को नियंत्रित करतें हैं। इसके अलावा नाशपाती में फ्लेवोनोइड्स की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। जो डायबिटीज के टाइप 2 उपचार में सहायक होता है। इसलिए मधुमेह के लक्षणों को कम करने के लिए नियमित रूप से नाशपाती का सेवन करना चाहिए।
  • सूजन को कम करने के लिए-नाशपाती में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं। यह गठिया के कारण होने वाले सूजन और दर्द से जुड़ी अन्य समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं।

यह कहां पाया जाता है?

नाशपाती समशीतोष्ण इलाकों में विशेष रूप से पाया जाता हैं। यह मुख्य रूप से चीन, यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में उत्पादित होते हैं। भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में की जाती है।

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10 Surprising Health Benefits and Side Effects of Peach (Aadu)

Posted 30 August, 2022

10 Surprising Health Benefits and Side Effects of Peach (Aadu)

Peach, also known as Aadu, is a juicy and versatile summer fruit that is consumed for its high nutritional value. It is a member of the Prunus family, and has a fuzzy and velvety outer skin that is edible. Its scientific name is Prunus persica.

Peaches are a powerhouse of vitamins and minerals that are beneficial for the body. It is rich in vitamin A, vitamin E, vitamin B, vitamin C, potassium, iron, fiber, calcium, carbohydrates, protein, and magnesium.

Health Benefits of Peach (Aadu)

  • Good for heart healthThe fiber, vitamin C, vitamin K, and iron in peaches support heart health. Vitamin K prevents blood clotting and protects against various heart diseases. Iron is essential for the formation of red blood cells, or erythrocytes. Lycopene and lutein in peaches also reduce the risk of heart disease. It also contains potassium, an electrolyte that regulates blood pressure and maintains fluid balance, which controls heart rate and protects against stroke.
  • Beneficial for eyes Peach is a good source of beta-carotene, a compound that is converted into vitamin A in the body and helps maintain retina health. The presence of antioxidants such as lutein and zeaxanthin protects the eye from potential damage. Lutein also helps reduce the risk of age-related eye disease in humans.
  • Effective in cancer-Peach is rich in antioxidants, especially chlorogenic acid, which helps prevent cancer cells from multiplying and spreading in the body. It also contains another compound called caffeic acid, which offers protection against breast and colon cancer by reducing cancer growth.
  • Detoxifies the body system-Peach is rich in vitamins A, C, E and selenium. All of these act as antioxidants and help detoxify the body. High levels of potassium and fiber in peaches reduce the risk of heartburn, inflammation, and kidney disease. It is also a remedy for treating digestive problems such as gastritis and colitis.
  • Helps in weight loss-Peach is a good source of fiber, which increases satiety and contributes to weight loss in a healthy way. Peach is also low in calories and fat, making it ideal for weight loss. In addition, it also contains natural sugars that do not increase blood sugar or insulin levels in the body.
  • Acts as a stress reliever-Peach is also called the "Fruit of Calmness". This is because of its ability to reduce stress and anxiety. It helps restore peace of mind.
  • Prevents dental problems-Peach contains vitamin C along with iron, which helps reduce lead absorption. It also contains fluoride and a small amount of calcium, which helps prevent tooth decay and other dental problems.
  • Reduces inflammation Peach is an excellent source of vitamin C and has anti-inflammatory properties, which help reduce inflammation and are especially effective for high blood pressure, obesity, or diabetes.
  • Prevents anemia-Anemia occurs due to iron deficiency. Peach is one of the best sources of non-heme iron and is effective for increasing iron levels in the body. Anemia can also occur with low levels of vitamin C. Being rich in iron and vitamin C, peaches are an excellent food for fighting anemia.
  • Treats Candida fungus-Antioxidants like polyphenols and flavonoids in peaches can play an important role in treating Candida fungus. It also contains condensed tannins, which provide protection against Candida.

Uses of Peach (Aadu)

  • Peaches can be eaten raw.
  • Peach leaves can help in treating coughs, bronchitis, and stomach disorders.
  • It is also used in the manufacturing of green colored dyes.
  • Peach flowers help in treating constipation and edema.
  • Dried peach bark can help relieve the symptoms of jaundice.

Side Effects of Peach (Aadu)

  • Excessive consumption of peaches can lead to an increased risk of colon cancer in men.
  • Eating peaches in excess can cause bloating.
  • Peach contains salicylates and a compound called amygdalin, which can cause allergic reactions in some people.

Where is it found?

Peaches originated in China and then spread westward through Asia to Mediterranean countries. In India, North-Western Indian states like Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh, and Uttar Pradesh are the main producers of peaches.

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10 Health Benefits of Eating Tamarind (Meethi Imli)

Posted 29 August, 2022

10 Health Benefits of Eating Tamarind (Meethi Imli)

Tamarind is a sweet and delicious fruit that has many health benefits. It comes from a shrub-like tree that has evergreen leaves and fruit and has a long, brown, hard shell on the outside. The pulp of the fruit is quite sticky and sweet.

The tamarind pulp is quite juicy because it tastes sweet and sour. Tamarind can either be eaten raw or ripe tamarind can be used as a dessert. The fruit can also be sun-dried and ground into a delicious spice to sprinkle over food as it adds a tangy and delicious taste to the dish.

Nutritional Values in Tamarind

Tamarind is a rich source of antioxidants, phytochemicals, and other essential nutrients, including vitamins A, C, E, K, B6, magnesium, calcium, phosphorus, and zero cholesterol.

Health benefits of Tamarind (Meethi Imli)

  • Prevents liver damage-The active content of procyanidin in tamarind prevents liver damage from free radicals. The minerals like nickel, copper, selenium, manganese, and iron which help improve your body's defense mechanisms against oxidative stress. Tamarind also contains Vitamin E and selenium that protect the lipid content in liver cells from free radical attack.
  • Relieves Nasal Congestion & Cold-According to Ayurveda, Tamarind (Imli) is useful in nasal congestion and cold due to its Ushna (hot) potency and Kapha balancing properties. It helps clear mucus from the respiratory tract and relieves nasal congestion and cold.
  • Helpful in Weight loss-Tamarind is known to promote weight loss. This is because it is high in hydroxycitric acid (HCA), which is known to inhibit enzymes in the body that store all fat.
  • Treats diabetes-Tamarind is a good remedy for diabetes. This essentially stops the absorption of carbohydrates in the body. When carbohydrates are digested, it begins to turn into sugar or fat, which diabetics need to control. In this way, tamarind can help control your blood sugar levels by keeping your diabetes under control.
  • Relieves constipation-Tamarind is used as a laxative because of its high content of malic and tartaric acid. It has potassium bitartrate which, along with other active ingredients, helps relieve constipation. The tamarind bark and root extract have been shown to be effective in treating stomach ache.
  • Improves heart health-Tamarind is very beneficial for heart problems. Fiber in tamarind can help lower cholesterol levels in your body. It removes all the excess bad cholesterol (LDL) that sticks in your blood vessels, preventing your heart from overloading or developing chronic heart disease.
  • Treats malaria-Tamarind is widely used in traditional medicine for controlling fever. Fever caused by bacterial infection can be treated with tamarind extract. Its antioxidants and anti-inflammatory properties also play an important role in treating malaria.
  • Helpful in digestion-Tamarind is high in fiber, which helps bulk up the stool, making it easier to move. It keeps your digestive system clean.
  • Reduces inflammation-Tamarind, when used in essential oil form, is packed with anti-inflammatory properties. It can help relieve joint pain, arthritis pain, gout, and even arthritic conditions. It can even help reduce eye irritation. and infections such as conjunctivitis.
  • Boosts immunity-Tamarind contains a large amount of vitamin C, which is a well-known antioxidant. Antioxidants help by eliminating the free radicals from the body. This leaves up your immune system to deal with other infections and illnesses, thereby increasing your overall immunity.
  • Skin effective-Pulp and seeds of tamarind acts as a natural skin scrub. It has skin lightening properties which hydrate the skin and provide a positive impact of tamarind seed extract on the skin tone.

Side effects of using Tamarind (Meethi Imli)

  • Regular consumption of tamarind in excess could cause fall in the serum glucose levels, leading to hypoglycemia.
  • Tamarind can cause itching, rashes, inflammation, vomiting, and shortness of breath to those who are sensitive to this fruit.
  • If you eat tamarind in excess, tooth enamel could get damaged.
  • Using tamarind with certain medications like aspirin, non-steroidal drugs, anticoagulants, and anti-platelet drugs can lead to excessive bleeding.

Where is it found?

In India, Tamarind is found in Andhra Pradesh, Madhya Pradesh, Tamil Nadu and Karnataka.

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मूंगफली के अनसुने फायदे

Posted 05 August, 2022

मूंगफली के अनसुने फायदे

क्या आप जानते हैं मूंगफली को गरीबों का बादाम कहा जाता है? जी हाँ, क्योंकि इसके गुण भी बादाम की तरह अत्यंत लाभदायक होते हैं। मूंगफली में प्रोटीन, तेल और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। यह न केवल सेहत के लिए लाभकारी होती है बल्कि इसका स्‍वाद भी लोगों द्वारा बहुत पसंद किया जाता है। इसके अलावा मूंगफली में पॉलीफेनोल, एंटीऑक्‍सीडेंट, विटामिंस और मिनरल्‍स पाए जाते हैं। यह फ्लेवेनोएड्स, रेस्वेराट्रोल, फाइटोस्‍टेरोल और फेनोलिक एसिड का बेहतरीन स्रोत है, जो भोजन से मिलने वाले बैड कोलेस्‍ट्रोल के अवशोषण को रोकते हैं तथा दिल के स्वाथ्य का ख्याल रखते हैं।

क्या होती है मूंगफली?

मूंगफली मुख्य रूप से फलियों की श्रेणी में आती है, लेकिन इसमें सूखे मेवों के भी गुण मौजूद होने के कारण इसे नट्स की श्रेणी में भी शामिल किया जाता है। वहीं, इसमें तेल की उच्च मात्रा पाई जाती है, इसलिए इसकी गिनती तिलहन फसलों में भी होती है। यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है। नट्स और तेल में इस्तेमाल होने के अलावा, मूंगफली का इस्तेमाल मक्खन, डेसर्ट और स्नैक आदि उत्पाद बनाने में किया जाता है। मूंगफली को कई नामों से जाना जाता है, इसे हिंदी में मूंगफली, तमिल में ‘कदलाई’ (Kadalai), तेलगु में ‘पलेलु’ (Pallelu), गुजराती में ‘सिंगदाना’ (Singdana), मलयालम में ‘निलक्कड़ला’ (Nilakkadala) और मराठी में ‘शेंगदाना’ (Shengdaane) कहा जाता है। मूंगफली का उपयोग डायबिटिज, हृदय रोग, कैंसर और अल्जाइमर से बचाव में मदद करता है। वैज्ञानिक शोध कहते हैं कि मूंगफली और इससे बने उत्पाद कुपोषण से पार पाने में सहायक होते हैं। इसलिए, मूंगफली को सेहत और स्वास्थ्य का पॉवर पैक कहा जाता है।

मूंगफली के फायदे

  • डायबिटीज में लाभदायक है मूंगफलीमधुमेह से ग्रसित लोग मूंगफली को अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं। इसका सेवन करने से डायबिटीज पेशेंट्स को बहुत फायदा पहुंचता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन ने मूंगफली को डायबिटीज सुपर-फूड का दर्जा दिया है, क्योंकि इसमें मैग्नीशियम, फाइबर और हार्ट हेल्दी ऑयल्स मौजूद होते हैं, जो ब्लड ग्लूकोज को अधिक प्रभावित नहीं करते हैं। वहीं, अगर मधुमेह में मूंगफली खाना नहीं चाहते, तो मूंगफली का घर पर पीनट बटर बनाकर भी डायट में शामिल कर सकते हैं। मूंगफली के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। इसलिए, शुगर में मूंगफली जरूर खानी चाहिए।
  • कैंसर से बचाव के लिए मूंगफली के फायदेमूंगफली में पाए जाने वाले अनसैचुरेटड फैट्स, कुछ विटामिन, खनिज और बायोएक्टिव तत्व कैंसर विरोधी प्रभाव रखते हैं। विशेष रूप से, मूंगफली में मौजूद फाइटोस्टेरॉल कैंसर के जोखिम को कम करता है। साइंटिफिक रिसर्च यह कहती है कि मूंगफली के माध्यम से फाइटोस्टेरॉल का सेवन, प्रोस्टेट ट्यूमर के मामलों में 40 प्रतिशत और शरीर के अन्य भागों में फैलने वाले कैंसर की घटनाओं में लगभग 50 प्रतिशत कमी लाता है। इसी कारण कैंसर से बचाव के लिए मूंगफली लाभदायक मानी जाती है।
  • शारीरिक ऊर्जा बढ़ाने में कारगर है मूंगफली मूंगफली को ऊर्जा का पॉवर पैक कहा जाता है क्योंकि इसकी थोड़ी मात्रा से ही पर्याप्त उर्जा हासिल की जा सकती है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत हेल्दी फैट होता है, जो किसी भी पारंपरिक खाद्य पदार्थों की तुलना में अधिक कैलोरी देता है। गर्मियों में मूंगफली खाने के फायदे, ऊर्जा देते हैं, क्योंकि गर्मियों में शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  • हृदय रोग के लिए लाभदायक है मूंगफलीमूंगफली में मौजूद हेल्दी फैट्स, हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते हैं। कई वैज्ञानिक अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि संतुलित मात्रा में मूंगफली का सेवन फाइटोस्टेरॉल की अच्छी पूर्ति कर सकता है जिससे हृदय रोगों में कमी आती है। इसीलिए हृदय रोगियों के लिए मूंगफली को लाभकारी कहा जाता है। मूंगफली में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, प्लांट प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फाइबर आर्जिनिन और कई बायोएक्टिव तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कम करते हैं और हृदय को स्वस्थ रखते हैं। साथ ही मूंगफली में रेस्वेराट्रोल (Resveratrol) नामक एंटी-ऑक्सीडेंट होता है, जो कार्डियोवैस्कुलर रोगों के खतरे को कम करता है। इसलिए मूंगफली के फायदे दिल की सुरक्षा करते हैं।
  • तंत्रिका विकार से बचाती है मूंगफलीमूंगफली खाने के फायदे तंत्रिका विकार से बचाते हैं। मूंगफली में रेस्वेराट्रोल और नियासिन की उचित मात्रा इसे नर्व हेल्थ यानी तंत्रिका तंत्र स्वास्थ्य के लिए उत्तम खाद्य पदार्थ बनाती है। चूहों पर किए गए एक अध्ययन से यह पता चला कि रेस्वेराट्रोल में न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव पाया जाता है यानी यह तंत्रिका तंत्र को सुचारू रखने में सहायक होती है। वहीं, नियासिन यानी विटामिन-बी 3 का होना मूंगफली को तंत्रिका तंत्र स्वास्थ्य के लिए और फायदेमंद बनाता है क्योंकि न्यूरोनल (तंत्रिका संबंधी) स्वास्थ्य बढ़ाने में विटामिन बी-3 लाभदायक होता है। इसलिए, कहा जाता है कि विटामिन की कमी से होने वाले तंत्रिका तंत्र विकार और मनोरोगों से सुरक्षा देने में मूंगफली कारगर होती है।
  • फर्टिलिटी बढ़ाने में सहायक है मूंगफलीमूंगफली खाने के फायदे में फर्टिलिटी का बढ़ना भी शामिल है, क्योंकि इसमें अर्जिनाइन पाया जाता है, जो पुरुष प्रजनन शक्ति को बढ़ाता है। इसके अलावा, जिंक की कमी शुक्राणुओं की संख्या को प्रभावित करती है। मूंगफली जिंक का एक अच्छा स्रोत है, जो शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है। मूंगफली महिलाओं की प्रजनन क्षमता को किस प्रकार प्रभावित करती है, इस पर अभी वैज्ञानिक शोध जारी है।

मूंगफली के अन्य फायदे

जिन लोगों में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर अधिक होता है, वो अगर मूँगफली खाएं, तो उनके ब्लड के लिपिड स्तर में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर 10.2% कम हो जाता है। भोजन के बाद यदि आप 50 या 100 ग्राम मूँगफली प्रतिदिन खाते हैं तो आपकी सेहत बनी रहती है, यह भोजन को पचाने में मदद करता है, जिससे शरीर में खून की कमी पूरी होती है।

यह पाचन शक्ति को बढ़ाती है, इसलिए रोजाना एक मुट्ठी मूँगफली का सेवन करने से आपको कई रोगों से छुटकारा मिलेगा और आपका वजन भी कम होगा।

मूंगफली खाने के नुकसान

अधिक मात्रा में मूंगफली का सेवन करने से एलर्जी हो सकती है, जो कई बार भयावह बन जाती है। संवेदनशील त्वचा के लिए मूंगफली बहुत ही घातक होती है, मुँह में खुजली, गले और चेहरे पर सूजन आदि इसकी एलर्जी के लक्षण हो सकते हैं।

मूंगफली की तासीर गर्म होती है। इसलिए इसका सेवन ज्यादातर सर्दियों के मौसम में ही किया जाता है। पर ध्यान रखें की नियमित रूप से ही इसका सेवन करें। मूंगफली का अधिक मात्रा में सेवन आपके शरीर में अन्य प्रकार की समस्या उत्पन कर सकता है।

कई बार इसके अधिक सेवन से साँस लेने में परेशानी, अस्थमा अटैक भी हो सकता है। इसके अधिक सेवन से पेट में गैस की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव होने पर अपने डॉक्‍टर से सलाह लें और जब तक ठीक नहीं हो जाते हैं तब तक किसी भी प्रकार के सूखे मेवे का सेवन न करें।

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साबूदाना के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव

Posted 01 August, 2022

साबूदाना के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव

साबूदाना को सागु, राबिया, साक्षक और सागो के नाम से जाना जाता है। यह एक प्रकार का टैपिओका मोती अर्थात सफेद मोतियों जैसा खाने योग्य पदार्थ है। यह प्रायः कसावा की जड़ से निकाले जाने वाले स्टार्च से बनता है। चूंकि कसावा की जड़ स्टार्च से भरपूर होती है। प्रारंभिक अवस्था में यह तरल पदार्थ के रूप में होता है। फिर इसे मशीनों की मदद से ठोस मोतियों यानी छोटे-छोटे दानों का रूप दिया जाता है। कसावा की खेती भारत, दक्षिण अमेरिका और वेस्ट इंडीज में व्यापक रूप से किया जाता है।

साबूदाने में मौजूद उच्च स्टार्च इसमें एक उत्कृष्ट गाढ़ापन बनाती है। यह पौष्टिक गुणों से भरपूर है और कार्बोहाइड्रेट के अच्छे स्रोत के रूप में कार्य करता है। साबूदाने को पकाने के बाद इसका आकार दो गुना हो जाता है। जिसके कारण यह चबाने में मुलायम और नरम लगता है।

आयुर्वेद में साबूदाना का महत्व

आयुर्वेद के अनुसार साबूदाने के नियमित उपयोग से ऊर्जा के स्तर में वृद्धि होती है। यह पित्त दोष को संतुलित करने का काम करता हैं। इसलिए जो लोग कमजोर हैं और उनमें ऊर्जा की कमी है। खासकर उन्हें साबूदाने का सेवन एक अच्छा उपाय माना जाता है।

साबूदाना का पौष्टिक तत्व

साबूदाना पौष्टिक रूप से मूल्यवान होता है क्योंकि इसमें मुख्य घटक के रूप में स्टार्च मौजूद है। इसके अतिरिक्त साबूदाने में कई ऐसे खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के दृष्टिकोण से बहुत जरुरी होते हैं। जिसमें कैलोरी, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, जिंक, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम, जिंक, थायमिन, फोलिक एसिड और विटामिन बी 6 शामिल हैं। साबूदाने में जिंक अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसमें ग्लूटेन की मात्रा नहीं होता हैं। इसलिए यह उन लोगों के लिए उपयुक्त आहार है, जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी है।

साबूदाना के फायदे

  • ऊर्जा स्तर बढ़ाने में सहायककभी-कभी व्यायाम करने या अधिक काम करने से शरीर थक जाता है। जिसकी वजह से शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है। इस दौरान पौष्टिक आहार लेना बेहद जरुरी होता हैं। जो शरीर को ऊर्जा और स्फूर्ति प्रदान करता है। इसलिए सेहतमंद ब्रेकफास्ट में साबूदाना शामिल करना अच्छा विकल्प माना गया हैं। इसमें मिलने वाली एनर्जी शरीर को पूरे दिन एक्टिव रखने में मदद करती है। क्योंकि साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा पाई जाती है जो ऊर्जा का एक अच्छा स्त्रोत है। इसके अलावा साबूदाना में विटामिन बी, ज़िंक, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पौष्टिक आहार पाए जाते हैं जो शरीर में एनर्जी देने में सहायक होते हैं।
  • कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मददगारसाबूदाना शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में मदद करता है। साबूदाना का यह प्रभाव एमाइलोज की उपस्थिति के कारण होता है।
  • मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में कारगरसाबूदाना में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो चयापचय के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इसमें फाइबर और कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करते हैं। जिससे शरीर का वजन कम होता है। इसके अतिरिक्त साबूदाना गैस और सूजन से छुटकारा दिलाने में मदद भी करता है।
  • कब्ज दूर करने में लाभप्रदपाचन तंत्र से जुड़ीं कई समस्याओं में साबूदाने का सेवन लाभप्रद होता है। दरअसल साबूदाना में फाइबर और प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र के कार्यप्रणाली को सुधारने में मदद करते हैं। इसके अलावा साबूदाना अपने लघु गुणों के कारण कब्ज को ठीक करता है। यह मल को ढीला करके आसानी से पास करने में मदद करता है। इसलिए बेहतर स्वाथ्य के लिए साबूदाने के नियमित सेवन की सलाह दी जाती है।
  • उच्च रक्तचाप के लिएसाबूदाने का सेवन उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर करने में कारगर साबित होता है। इसमें मौजूद फाइबर, पोटैशियम और फास्फोरस रक्तचाप को कम करने का काम करता है। इसके अतिरिक्त यह उच्च रक्तचाप का कारण बनने वाली भावनाओं को नियंत्रित करके राहत प्रदान करता है।

साबूदाना के दुष्प्रभाव

वैसे तो साबूदाना खाने के लिए सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। लेकिन कच्चे या अधपके साबूदाने का सेवन गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है जो अपना वजन कम करना चाहते हैं। कच्चे साबूदाने के सेवन से निम्नलिखित लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं

  • दस्त।
  • उल्टी होना।
  • हेपेटोटॉक्सिसिटी- यकृत की क्षति।

इसमें सायनोजेनिक ग्लाइकोसाइड होता है जो साबूदाने के कच्चे रूप में पाया जाने वाला एक रसायन है। यह रासायनिक यौगिक मनुष्यों में साइनाइड विषाक्तता पैदा करने के लिए जिम्मेदार होता है।

यह कहां पाया जाता है?

साबूदाना दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाता है। आमतौर पर यह एक उष्णकटिबंधीय कसावा के पौधे से निकाले जाने वाला खाद्य स्टार्च है। इसलिए यह सदियों से उष्ण कटिबंध में रहने वाले लोगों का मुख्य भोजन रहा है।

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What is Shea Butter? Know its Benefits, Uses and Side effects

Posted 07 July, 2022

What is Shea Butter? Know its Benefits, Uses and Side effects

Shea butter is an off-white fatty substance extracted from the shea nuts of the shea tree. This is a natural fat that is extracted by crushing and cooking shea tree's ripen nuts or fruits. It is an ivory-yellow, oily, solid and thick substance at room temperature.

Shea is packed with stearic acid, oleic acid, vitamin E and vitamin A, making it ideal for collagen production and UV protection. Its buttery texture contains 60% fat, which makes it ideal for penetrating the skin. In addition, the natural moisturizers in shea butter are similar to the sebaceous glands of our skin extract. All of this together makes shea a moisturizing wonder for your skin and hence it is used in a majority of cosmetic products.

Importance of Shea Butter in Ayurveda

In Ayurveda, Shea butter is known to cure skin problems related to Vata and Pitta Dosha. Shea butter protects skin from environmental damage and also has UVB protection, making it a great ingredient for sun protection.

Benefits of Shea Butter

  • Best for skin care:Raw shea butter is a great natural ingredient as it acts as a moisturizer and gives the skin a nice glow. It helps soften the skin by moisturizing, making it a great skin conditioner.
  • Reduces wrinkles Raw shea butter helps regenerate tissue cells and soothes the skin. Thus, it helps to reduce wrinkles.
  • Hydrates scalpThis butter locks in moisture, nourishes the scalp, reduces dandruff and offers all-around protection from bad weather - it works on hair in a similar way like coconut oil. You can use it on your scalp, hair or both to improve your hair health. For this, gently heat the shea butter to soften it and rub it thoroughly on hair and scalp. Leave it for 20-30 minutes for best results. Then rinse off.
  • Prevents diaper rashShea butter is a great ointment for your baby's diaper rash due to its antifungal and anti-inflammatory properties. Raw shea butter helps improve circulation by promoting cell regeneration and increasing collagen production. Both cell regeneration and collagen production are important for fast healing of diaper rash.
  • Reduces stretch marks and scarsDue to its amazing properties of enhancing blood circulation and healing, shea butter can reduce the appearance of stretch marks and scars.
  • Perfect for dry heels, cracked knees and elbowsShea butter is perfect for relieving itchy skin. Its moisturizing properties penetrate deep into the skin and are perfect for dry, cracked heels, rough hands, elbows, and knees.

Shea butter protects your skin from the sun and is a much healthier option because most sunscreens are full of harmful chemicals that penetrate the skin and enter our bodies.

Uses of Shea Butter

You can use shea butter to treat skin related conditions like

  • Rashes.
  • Dry skin.
  • Itching.
  • Wrinkles and blemishes.
  • Sunburn.
  • Cracks.
  • Minor wounds
  • Rough skin.
  • Insect bites.
  • Stretch marks.
  • Allergic reactions.
  • Dermatitis.
  • Eczema.
  • Bumps.
  • Dandruff
  • Dark and cracked lips
  • Side effects of Shea Butter

    Shea butter is generally safe to use, but precautions should be exercised in those with an allergy to nuts. Side effects may occur because shea butter is extracted from the nuts of the shea tree.

    Allergies to shea butter are generally rare. You can mix it up if you like, if not, apply a small amount of shea butter to a small area of skin and check the reaction. If your skin reacts, it is best to stop using the product.

    Where is it found?

    Shea trees are commonly grown in Africa and found in East and West Tropical Asia.

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    Health Benefits and Side Effects of Rosemary

    Posted 05 July, 2022

    Health Benefits and Side Effects of Rosemary

    Rosemary is a fragrant woody herb that is native to the Mediterranean region. Its scientific name is Rosmarinus officinalis and belongs to the mint family i.e, the Lamiaceae family along with other herbs such as thyme, oregano, lavender, and basil. It has fine needle-like leaves with a silver finish and pink, white, purple, or blue flowers.

    Rosemary has a warm, bitter, and astringent taste. Unlike many other herbs, which lose their potency when dried, rosemary retains its flavor even when dried. It adds great taste and aroma to soups, sauces, stews, and fried chicken.

    Nutritional Values of Rosemary

    Rosemary has very high values of vitamins such as vitamin A, vitamin C, vitamin B6, thiamine, and folic acid. It contains minerals such as magnesium, calcium, and iron. Antioxidants in the form of phenolic compounds such as diterpene, carnosol, and rosmarinic acid are also present in it.

    Health Benefits of Rosemary

    • Relieves stress:The aroma of rosemary helps in improving mood, refreshes the mind, and relieves stress if you suffer from chronic anxiety or a stress hormone imbalance.
    • Acts as a Mouth freshener:Rosemary is often used as a mouth freshener due to its antibacterial properties.
    • Reduces inflammation:Carnosol and carnosic acid are two powerful antioxidants, which help in neutralizing harmful particles like free radicals and anti-inflammatory compounds found in rosemary that help reduce inflammation in muscles, joints, and blood vessels.
    • Relieves migraine:Rosemary has analgesic properties which effectively provide relief from pain in hard-to-reach areas. So it is often used in headache, sickness-related ailments, and migraine. Simply applying rosemary oil to your temples and even inhaling its aroma can help relieve migraine.
    • Skin effective:This vaccine is given in two doses to infants aged 2 months and 4 months.
    • Useful in stomach disorders:Rosemary is useful for upset stomach, gastritis, constipation, and diarrhea. This is due to its anti-inflammatory and stimulating effects. Adding it to your weekly diet can quickly help regulate bowel movements and the gastrointestinal system.
    • Promotes weight loss:Rosemary herbal extract has potential anti-inflammatory and anti-hyperglycemic properties that can promote weight loss. Also, the carnosic acid present in rosemary has anti-obesity properties that aid in weight loss.
    • Neurological protection:Rosemary contains carnosic acid, which prevents free radicals and prevents brain damage. Some studies show that rosemary might be useful for people who have experienced a stroke and it might improve the recovery process.

    Uses of Rosemary

    Rosemary is commonly used in various applications such as:

    • Rosemary is best added to foods as a cooking spice, although drinking a gentle rosemary leaf tea can also help fight disease.
    • A strong infusion of rosemary and nettle leaves is an excellent herbal hair conditioner and can help get rid of dandruff and promote hair growth if used after every wash.
    • Rosemary infused oil is an intensive treatment for severe dandruff issues causing hair loss. Apply this to your hair, leave on for at least an hour, and then wash it off.
    • Rosemary acts as a natural air freshener, placing a small handful of rosemary leaves, 1 lemon or orange slice, and a drop of vanilla in a saucepan and simmer over low heat throughout the day (watch the water level). It smells great and leaves a fresh aroma in the house for several days.
    • Rosemary provides protection against mosquitoes.
    • Rosemary extract is a very powerful natural preservative that can extend the shelf life of homemade lotions, cosmetics, or other homemade body products.

    Side effects of using Rosemary

    Undiluted rosemary oil is not safe to take orally. Taking large amounts of rosemary can cause vomiting, kidney irritation, uterine bleeding, seizures, sensitivity to sunlight, and skin redness. Rosemary, taken in a very large amount can also cause allergic reactions.

    Where is it found?

    Rosemary is native to the Mediterranean region (southern Europe, Asia, and North Africa). It is grown in China, Algeria, The Middle East, Russia, Romania, Morocco, Serbia, Tunisia, Turkey, and to a limited extent in India.

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    12 Health Benefits of eating Pears (Nashpati)

    Posted 05 July, 2022

    12 Health Benefits of eating Pears (Nashpati)

    Pears are an excellent source of healthy nutrients. In India, it is known as Nashpati. Pears are round, sweet, juicy and come in a variety of colors, from light green to brownish green to pale yellow, with an unusual texture that changes as they ripe. Some pears have round bodies that taper to the neck of varying lengths (European pears), while others are completely rounded without a neck (Asian pears) and some are finely textured.

    Pears can be divided into Asian pears (Pyrus pyrifolia) and European pears (Pyrus communis). The Asian pear variety shows a sandy texture that does not change after harvest or storage, while the European pear becomes watery when ripen.

    Importance of Pears

    Pears help with digestive problems like hyperacidity when consumed before a meal. According to Ayurveda, hyperacidity is defined as an increase in acidity in the stomach. This is due to an aggravated Pitta. Pears helps in reducing acidity due to its Sita (cold) properties.

    Pears are a good source of water content with protein. It contains minerals such as calcium, copper, manganese, zinc, phosphorus, magnesium, iron and is packed with vitamins (vitamin A, C, D, K, E, B-12, B-6), folic acid, pantothenic acid and carbohydrates.

    Health benefits of Pears (Nashpati)

    • Boosts immune system:High levels of antioxidants in pears, such as vitamin C and copper, help the immune system fight various diseases.
    • Prevents Osteoporosis:Pears help in maintaining the body's pH balance and provide the body with the recommended amount of calcium to maintain healthy bones and prevent osteoporosis.
    • Increases energy:The high glucose content in pears provides instant energy. It is very quickly absorbed by the body and converted into energy.
    • Beneficial for weaning children:Pears are recommended for weaning children because they are hypoallergenic and the fruit is low in acid and therefore does not cause digestive problems.
    • Controls blood sugar level:Pears have a low glycerol index and high fiber content, which helps control blood sugar levels and thus prevents diabetes. Some of the flavonoids in pears increase insulin sensitivity. It reduces the risk of type 2 diabetes in both men and women.
    • Speeds up healing:Ascorbic acid helps speed healing. Pears are high in ascorbic acid, so they act as a catalyst to speed up the healing process.
    • Improves heart health:Pears contain potassium, which is known as a vasodilator. In this way, it can significantly affect heart health. It helps lower blood pressure, relieves the cardiovascular system and thereby reduces the risk of heart attacks and atherosclerosis.
    • Prevents Anaemia:Pears can be very useful for patients suffering from anaemia and other diseases with mineral deficiency because theycontain large amounts of copper and iron. Copper facilitates the absorption of minerals in the system and iron helps in the synthesis of red blood cells.
    • Prevents breast cancer:The fiber content of pears binds and eliminates cancer-causing cells, thereby preventing colon cancer. After menopause, eating one pear a day can prevent breast cancer in women.
    • Improves digestion:The fiber content of pears is an insoluble polysaccharide, indicating that it acts as a bulking agent in the intestines. This fiber helps to collect food and give it volume, making it easier to pass through the intestines. Therefore, it improves digestion.
    • Protects against free radicals:The presence of vitamins like vitamin C and vitamin K as well as minerals like copper in pears fights free radicals that damage body cells.
    • Reduces inflammation:Pears have anti-inflammatory properties that help in reducing inflammation of arthritis and other problems related to inflammation.

    Where is it found?

    Pears aretypical fruits of temperate regions mainly produced in China, Europe and the United States. It is mainly cultivated in India in Himachal Pradesh, Jammu and Kashmir and Uttar Pradesh.

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    10 Amazing Health Benefits and Side Effects of Kiwi

    Posted 16 June, 2022

    10 Amazing Health Benefits and Side Effects of Kiwi

    Kiwi is a well-known exotic fruit that is indistinguishable in the way it looks as well as its nutritional properties. It is a powerhouse of nutrients and therefore used to cure many health diseases. Since it is low in calories, it is also prefered by health conscious people in their meals.

    Kiwi has a tangy (sweet and sour) flavour with a smooth brown skin on the outside and bright green from inside. The green part of this fruit contains small edible black seeds. Taste of kiwi is sometimes described as a mixture of strawberry, banana and pineapple. It is also known as Chinesegooseberry. It is botanically categorised as a berry and known by the name of Actinidia deliciosa.

    Nutritional Values of Kiwi

    Kiwi is a rich source of vitamins like vitamin (C, K, A, E) and contains minerals like copper, magnesium, iron, manganese, chloride and phosphorus. It also contains carotenoids such as lutein, beta carotene and zeaxanthin.

    Antioxidant and anti-inflammatory properties of kiwi are beneficial in treating dengue fever, anemia, vitamin B deficiency and so on. It offers a variety of other health benefits as well.

    Benefits of Kiwi

    Helpful in digestion-

    Kiwi is helpful in digestion by acting as a prebiotic element. Raw kiwifruit has an enzyme to break down proteins known as actinidin which helps in digestion.

    Aids in weight loss-

    Kiwi has a low glycaemic index and high fiber content which prevents the body fat from being stored. Thus, it promotes weight loss.

    Prevents heart diseases-

    Due to the presence of potassium, kiwi helps lower blood pressure, which reduces the risk of heart diseases. It also helps lower blood cholesterol and prevent  oxidative damage to the heart.

    Beneficial for eye health-

    Kiwi is rich in lutein and zeaxanthin, which are naturally occurring chemicals found in the human eye. As a result, it offers protection against eye problems.

    Fights cancer-

    Kiwi is a rich source of vitamin C, which helps in eliminating free radicals that can damage cells and cause skin cancer. The flesh of this fruit contains soluble fiber, which promotes the growth of good bacteria in the colon and reduces colon cancer.

    Good in diabetes-

    The glycaemic index of kiwi is very low, which prevents an instant rise in blood sugar levels. It alsocontains inositol (an enzyme that helps control blood sugar levels) which helps in keeping the sugar levels stable

    Improves immunity-

    High amounts of Vitamin C and antioxidants in Kiwi helps in strengthening the immune system thereby improving immunity.

    Treats asthma-

    Antioxidants and vitamin C found in kiwi reduces inflammation caused by allergic reactions which causes asthma.

    Induces sleep-

    Consuming kiwi before bed can help in improving the quality of  sleep as it is rich in serotonin and antioxidants.

    Reduces the risk of blood clotting-

    Consumption of this fruit reduces the thickness of blood and promotes smooth flow of blood in the body.

    Beneficial for Skin-

    Kiwi works very well for the skin. Face masks can be prepared with the help of kiwi, which rejuvenates the skin, fights acne, prevents sun damage due to its anti-aging properties, lightens dark circles under the eyes, and soothes wrinkles.

    Good for hair-

    Kiwi also combats hair loss, prevents premature graying of hair and increases collagen growth in the scalp when used as a hair pack.

    Uses of Kiwi

    • Kiwis are generally eaten raw as fruits.

    • It is also used as toppings in salads and smoothies.

    • Kiwi is used as a tenderizing agent for meats

    • It is used in the preparation of roasts and curries.

    Side Effects of Kiwi

    Too much consumption of kiwi can lead to various side effects like-

    • Anaphylaxis (Body becomes hypersensitive).

    • Rashes on the body.

    • Local mouth irritation.

    • Dermatitis (A skin disorder).

    • Vomiting.

    • Diarrhoea.

    Where is it found?

    Kiwi is native to China and Taiwan, it is also grown commercially in California and New Zealand.

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    Benefits, Uses, and Side effects of Majuphal

    Posted 15 June, 2022

    Benefits, Uses, and Side effects of Majuphal

    Benefits, Uses, and Side effects of Majuphal

    Majuphal is a type of outgrowth called Gall that forms near the young leaves of an oak tree. It is formed as a result of the deposition of eggs of gall wasp. The female wasp makes a hole in the stem of the oak tree and lays the eggs inside the shoot and this causes a vegetative outgrowth to form around the larva which develops from the eggs and further forms galls. The galls are considered as an excellent ingredient for various remedies and for various health issues.

    It helps to cure diseases that affect the gums, skin, throat, and vagina. It is also known as Quercus Infectoria. Other common names of Majuphal are Mayaphal, Chidraphala, Mayuka, Malayu, and Machi Kay. Majuphal juices and powders are herbal and made with natural elements.

    Properties of Majuphal

    Majuphal has several propertieslike antioxidants, antibacterial, antifungal, astringent, and anti-inflammatory properties that help cure various diseases.

    Importance of Majuphal in Ayurveda

    Majuphal is famous in Ayurveda for its sita (cold), kashaya (astringent), and ropan (healing) properties to treat gum problems, piles, vaginal discharge, and skin problems. Majuphal extract has been used in Asian Ayurvedic medicine for a very long time.

    Benefits of Majuphal

    Cures bleeding gums-

    Patients with gum problems can use Majuphal to relieve theirsymptoms. Sita (cold) properties provide cooling and calming effects to the bleeding gums and relieve pain.

    Treats skin diseases-

    The kashaya (astringent) properties of majuphal help tighten the skin. Its anti-aging properties also help maintain healthy skin. The antifungal properties of the Majuphal cure  fungal infections of the skin.

    Helpful in vaginal discharge-

    Majuphal can be very helpful in solving vaginal problems due to its antifungal properties.

    Helpful in tonsillitis-

    Majuphal cures tonsillitis as it has anti-inflammatory properties. It also soothes the throat because of its sita (cooling) properties.

    Good for mouth ulcers-

    Majuphal is a good remedy for the treatment of mouth ulcers. It has astringent properties which heal them quickly.

    Useful in cancer-

    Majuphal is rich in antioxidants which can prevent cervical cancer and breast cancer.

    Uses of Majuphal

    • Decoction made from the gall of majuphal is used as a mouthwash to treat tonsillitis, canker sores, and gingivitis. Gall powder is used as dental powder as well.

    • Dried powder of the gall of majuphal is applied to the body to control excessive sweating.

    • In cases of poisoning, a decoction of majuphal is given to induce vomiting.

    • Decoction of majuphal is given in a dose of 10-20 ml for the treatment of diarrhea and dysmenorrhea.

    • Majuphal gall powder is sprinkled on fresh wounds to control bleeding and heal faster.

    • The powder is mixed with sesame or coconut oil and applied to the scalp to blacken the hair.

    • Decoction made from gall is used to wash the vagina in vaginal discharge.

    • In cough and breathing problems, take 50 to 100 mg or 250 to 500 mg gall powder twice a day with honey, milk, or water.

    Precautions and Side effects of using Majuphal

    • You should start taking majuphal in a small dosage, then you can increase the dosage.

    • Do not consume it during pregnancy or breastfeeding as it may lead to miscarriage.

    Where is Majuphal found?

    Majuphal is found in Southern Europe (Greece and the East Aegean Islands) and the Middle East (Turkey, Iran, Cyprus, Iraq, Syria, Lebanon, and Jordan).

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    जानें, आयुर्वेद में तरबूज के महत्व और फायदे

    Posted 24 May, 2022

    जानें, आयुर्वेद में तरबूज के महत्व और फायदे

    हर कोई तरबूज के सीजन का इंतजार बेसब्री से करता है। तरबूज एक मौसमी फल है ,जो गर्मियों के दिनों में बाजारों, गलियों और मोहल्लों में सबसे ज्यादा देखने को मिलता हैं। बच्चे हो या बड़े हर कोई तरबूज खाने के लिए हमेशा तैयार रहता है। तरबूज गर्मियों के  सबसे खास फलों में से एक है, जो न सिर्फ प्यास को बुझाता है बल्कि व्यक्ति की भूख को भी शांत करता है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। इसलिए तरबूज खाने से शरीर स्वस्थ रहता है। तरबूज के साथ इसके बीज, पत्ते और छिलके भी फायदेमंद होते हैं। जिसका उपयोग कई प्रकार की दवाइयां एवं कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बनाने में भी किया जाता है।

    आयुर्वेद में तरबूज के महत्व-

    आयुर्वेद के अनुसार तरबूज की तासीर ठंडी होती है। यह फल खनिज और विटामिन का उच्च स्रोत है। इसलिए यह शरीर से जुड़ी कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। तरबूज में मुख्य रूप से फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम, जस्ता, फास्फोरस, तांबा और आयरन पाए जाते हैं। लेकिन यह लाइकोपीन का एक बेहतरीन स्त्रोत है। यह तत्व एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और यह तरबूज के लाल होने का कारण भी बनता है। इन शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट में फ्री रेडिकल्स को निष्क्रिय करने की क्षमता होती है। दरअसल यह फ्री रेडिकल्स कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करते हैं, जिससे हृदय संबंधी बीमारियां, समय से पहले बुढ़ापा, कैंसर और डिजनरेटिव बीमारियां जन्म लेतीं हैं।

    आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार तरबूज में मौजूद विटामिन बी प्रतिरक्षा स्वास्थ्य, स्वस्थ रक्त प्रवाह और अच्छे चयापचय के लिए उपयोगी है। साथ ही खनिज और मैग्नीशियम प्रतिरक्षा बढ़ाने और मजबूत हड्डियों को बनाए रखने के लिए सहायक होता है। यह फल रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य करने और रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए भी जरुरी है। इन्ही गुणों से भरपूर होने के कारण तरबूज आयुर्वेद में अपना अहम स्थान रखता है।

    तरबूज के फायदे- 

    ह्रदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद-

    तरबूज हृदय को स्वस्थ रखने में बेहद फायदेमंद होता है। इसमें कई प्रकार के फायटोन्यूट्रियन्ट्स पाए जाते हैं। जिनमें से पोटैशियम और विटामिन-सी ह्रदय प्रणाली की रक्षा करने में सक्षम होते हैं। यह हृदय पर ऑक्सीडेशन से होने वाली क्षति पर रोक लगा कर हृदय रोगों को बढ़ने से रोकते हैं। इसके अलावा तरबूज में मौजूद साइट्रलाइन नामक पदार्थ खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है। जो एक स्वथ्य हृदय के लिए बहुत जरूरी होता है। 

    पानी की कमी को दूर करने में सहायक-

    गर्मियों के मौसम में अक्सर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिसके कारण शरीर में कमजोरी, चक्कर, सिर दर्द, मुंह सूखना और निम्न रक्तचाप जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। ऐसे में तरबूज के जूस का सेवन करना एक अच्छा उपाय है। क्योंकि इस फल में पानी की मात्रा 90% तक होती है। जो शरीर में पानी की कमी को दूर करने में सहायक होता है।

    वजन कम करने में मददगार-

    तरबूज का सेवन वजन कम करने के लिए बेहद लाभदायक होता हैं। दरअसल तरबूज में कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर अधिक पाया जाता है। जो वजन  कम करने में मदद करते हैं। ऐसे में जो लोग अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं, उन लोगों को अपने दैनिक आहार में तरबूज को स्नैक्स या किसी अन्य रूप में शामिल जरूर करना चाहिए। इसके अलावा एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार तरबूज का सेवन बढ़ते वजन की समस्या में लाभकारी होता है। क्योंकि यह पेट को अधिक समय तक भरा रखता है। जिसके कारण लोगों को भूख कम लगती है। परिणामस्वरूप वजन घटता है।

    रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर-

    तरबूज का सेवन शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर साबित होता है। क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और ई पाए जाते हैं। जो एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि के रूप में काम करते हैं। इसके अलावा तरबूज में मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड शरीर को ऑक्सीकरण और संक्रमण से भी बचाता है।

    उच्च रक्तचाप के लिए- 

    तरबूज में उच्च मात्रा में पोटैशियम, मैग्नीशियम और एमिनो एसिड पाए जाते हैं जो उच्च रक्तचाप के लिए सबसे जरूरी होते हैं। जिसका मुख्य काम नसों को आराम पहुंचाने का होता है। इसके साथ ही यह शरीर में रक्त के प्रवाह को भी सामान्य बनाए रखने में सहायता करता है। जिससे शरीर में रक्तचाप सामान्य बना रहता है। ऐसे में तरबूज को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके अलावा तरबूज में मौजूद कैरेटोनॉइड धमनी के दीवारों एवं नसों को सख्त या कठोर होने से रोकता हैं। जिससे रक्तचाप, दिल के दौरे, स्ट्रोक और  एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में प्लाक जमने की समस्या) की संभावनाएं कम होती हैं। 

    पाचन स्वास्थ्य के लिए-

    पाचन क्रिया को दुरुश्त करने एवं इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए तरबूज का सेवन बेहद फायदेमंद है। दरअसल तरबूज में पानी की अधिकता होती है और पानी भोजन को पचाने में प्राथमिक तत्व माना जाता है। इसके अतिरिक्त तरबूज में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने का काम करता है। साथ ही यह कब्ज, डायरिया एवं गैस जैसी समस्याओं से निजात दिलाता है। इसलिए पेट की इन समस्याओं से बचने के लिए अपने डाइट में तरबूज को अवश्य शामिल करें।

    गुर्दे की कार्यप्रणाली को सुधारने में कारगर-

    प्रकृति से मूत्रवर्धक होने के कारण तरबूज गुर्दे की बीमारी, बार-बार पेशाब आना, मूत्राशय की उच्च गतिविधि आदि जैसे किडनी से संबंधित समस्याओं को ठीक करने और रोकने में मदद करते हैं। जिससे किडनी की सही कार्यप्रणाली सुनिश्चित होती है। इस प्रकार तरबूज के जूस का सेवन किडनी की समस्या से बचाव में सहायक होता है।

    कैंसर से बचाव में असरदार- 

    तरबूज एंटीऑक्सीडेंट एवं विटामिन सी से भरपूर है। इसलिए यह शरीर में ट्यूमर के विकास को रोकता है। साथ ही कैंसर की कोशिकाओं (cancer cells) को नष्ट भी करता है। एक अध्ययन के मुताबिक तरबूज में पाए जाने वाला लाइकोपीन नामक तत्व कीमो प्रिवेंटिव गुणों को प्रदर्शित करता है। जो प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करता है। इस प्रकार यह शरीर में कैंसर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है।

    गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद-

    गर्भवती महिलाओं के लिए तरबूज का जूस पीना लाभदायक होता है। क्योंकि इसमें फोलिक एसिड, विटामिन-ए, कैल्शियम और आयरन प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। जिसकी जरुरत गर्भावस्था के दौरान अधिक होती हैं। इस पर किए गए एक शोध के मुताबिक, तरबूज में मौजूद लाइकोपीन गर्भावस्था के दौरान इंट्रा यूटराइन ग्रोथ रेस्ट्रिक्शन को कम करता है। यह एक ऐसी स्थिति होती हैं, जिसमें गर्भावस्था के दौरान बच्चा सामान्य वजन तक नहीं बढ़ पाता है। इसके अतिरिक्त तरबूज के जूस का नियमित सेवन से प्रसव के वक्त होने वाली प्रसव पीड़ा कम होती है। साथ ही बच्चे स्वस्थ पैदा होता है।

    चिंता, तनाव और अवसाद को दूर करने में सहायक-

    वैज्ञानिक मतानुसार, चिंता, तनाव और अवसाद का मुख्य कारण शरीर में विटामिन बी 6 के स्तर में कमी। इसके अलावा विटामिन बी 6 शरीर में सेरोटिन का उत्पादन करके न्यूरो ट्रांसमीटर का काम करता है। तरबूज विटामिन बी 6 का एक समृद्ध स्त्रोत है। इसके लिए एक गिलास रोजाना तरबूज का जूस तन और मन को शीतलता प्रदान करता है। इसके अलावा तरबूज में मौजूद विटामिन सी सेंट्रल नर्वस सिस्टम (Central Nervous System) पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। साथ ही व्यक्ति की मानसिक संतुष्टि और खुशी की भावना को बढ़ाता है। जिससे व्यक्ति अच्छा फील करता है। परिणामस्वरूप चिंता, तनाव, थकान, सिरदर्द आदि में आराम मिलता है।  

    आंखों के लिए फायदेमंद-  

    तरबूज का सेवन आंखों के स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन उपाय है । यह विटामिन-ए से भरपूर है जो आंख के रेटिना में पिगमेंट का उत्पादन करने में सहायक होता है। जिससे बढ़ती उम्र के लोगो की नजर के धुंधलेपन को दूर करने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त विटामिन-ए को रेटिनॉल भी कहा जाता है, जो आंखों का संपूर्ण देखभाल करता है। साथ ही आंख आँखों से संबन्धित कई समस्याओं से बचाता है।

    हड्डियों एवं मांसपेशियों के दर्द में असरदार- 

    तरबूज में एंटीऑक्सीडेंट एवं तमाम मिनरल्स पाए जाते हैं। जो हड्डियों एवं मांसपेशियों में  होने वाले दर्द से राहत दिलाने में असरदार होते हैं। इसके अलावा तरबूज गठिया की बीमारी को भी दूर करने में कारगर होता है। इसके लिए प्रतिदिन एक गिलास तरबूज का जूस पीना फायदेमंद होता है।

    ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में कारगर-

    तरबूज का नियमित रूप से सेवन शरीर में ऊर्जा ताकत और स्फूर्ति का संचार करता हैं। क्योंकि यह विटामिन-बी, बी 6 का समृद्ध स्रोत है, जो शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने का काम करता है। इसके अतिरिक्त तरबूज में मौजूद पानी की अधिकता शारीरिक थकावट एवं प्यास को दूर कर नई ऊर्जा का संचार करता है।

    त्वचा के लिए लाभप्रद-

    तरबूज का सेवन त्वचा के लिए बेहद लाभप्रद होता है। इसमें पानी की अधिकता होने के कारण यह त्वचा के सूखेपन को दूर करके त्वचा को मॉइस्चराइज करता है  और नमी प्रदान करता है। इसके अलावा तरबूज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट विटामिन सी त्वचा से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करता है।

    तरबूज के नुकसान-

    ●लाइकोपीन से भरपूर होने के कारण तरबूज का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। इससे पेट में ऐंठन, दर्द, उल्टी और मतली जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। 

    ●इसमें पोटैशियम की मात्रा उच्च होती है। जिसके कारण इसका अधिक सेवन करने से हाइपरकलेमिया (पोटैशियम की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाना) हो सकती है। जिससे हृदय संबंधी समस्याएं जैसी अनियमित दिल की धड़कन, नाड़ी का कमजोर होना आदि का सामना करना पड़ सकता है। 

    ●इसके अधिक सेवन से कुछ लोगों मे चेहरे की सूजन, हल्के चकत्तें जैसी एलर्जी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। 

    ●दमा यानी अस्थमा के मरीजों को इसके सेवन से बचना चाहिए। 

    ●गर्भावस्था के दौरान इसका अधिक सेवन गर्भावधि मधुमेह का कारण बन सकता हैं।

     
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    Sabudana: Benefits, Uses & Side Effects

    Posted 13 May, 2022

    Sabudana: Benefits, Uses & Side Effects

    Sabudana, also known as sagu, rabia, saksak and sago, is a type of tapioca pearl. Extraction of starch from cassava leads to the preparation of Sabudana. Cassava cultivation is widespread in India, South America and the West Indies. Cassava root is rich in starch. The starch treatment step involves filtering it under a pressure vessel. The drying process is then followed by filtering.

    Sabudana's high starch content makes it an excellent thickener. It has started to gain popularity among young people in the form of bubble tea. Sabudana is very nutritious and serves as a good source of carbohydrates. Itis white and round andonce cooked, it doubles its size. The resulting form of Sabudana feels bland and chewy.

    Importance of Sabudana in Ayurveda

    Regular use of Sabudana can have a huge impact on the  energy levels. It has the qualities to improve and balance the Pitta dosha quickly and instantly. Therefore, people who are weak and lack energy are recommended to consume Sabudana

    Nutritional Content of Sabudana

    Sabudana may seem nutritionally valuable as it only contains starch as its main ingredient. However, the nutritional content of Sabudana is more than it seems. It contains calories, protein, fat, carbohydrates, fiber, Zinc, calcium, iron, magnesium, phosphorus, potassium, zinc, thiamine, folic acid and vitamin B6. Zinc is found in high quantitiesin Sabudana. Other minerals and vitamins are scarce and almost non-existent. Itcontains no grains or gluten whichmakes it a suitable diet for people who are allergic to both.

    Benefits of Sabudana

    Stamina booster-

    Drinks with Sabudana helps increase stamina. It is beneficial for those who like to exercise. People with higher stamina rarely get tired. This is due to the high carbohydrate content of Sabudana.

    Reduces cholesterol level-

    Sabudana helps lower cholesterol and triglyceride levels in the body. The effect of Sabudana is due to the presence of amylose.

    Increases metabolism-

    Sabudana helps the body get rid of gas and bloating. Excess fiber and carbohydrates speed up metabolism which reduces the body weight.

    Cures constipation-

    Sabudana can cure constipation because of its laghu properties; can be easily assimilated. Regular consumption of Sabudana is recommended for better results.

    Hypertension-

    Consuming Sabudana will lower one's blood pressure and provide relief by controlling the emotions that cause high blood pressure.

    Side effects of Sabudana

    Sabudana is safe for consumption and has no side effects but raw form of Sabudana causes severe side effects and it is not suitable for people who want to lose weight.  Raw sabudana can causethe following symptoms-

    • Diarrhea
    • Vomiting
    • Hepatotoxicity - liver damage
    • In rare cases it can even lead to death

    Sabudana has cyanogenic glycosides which is a chemical found in the raw form of Sabudana.

    This chemical compound is responsible for causing cyanide poisoning in humans.

    Where is it found?

    Sabudana is found in many parts of the world as it is an edible starch extracted from the heart, or sponge center, of a tropical palm tree. It has been a staple food for people living in the tropics for centuries.

     

     

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    Know the Benefits and Uses of Papaya

    Posted 22 April, 2022

    Know the Benefits and Uses of Papaya

    Papaya is a fruit, which is seen in the markets throughout the year. It is known for its unique taste and is consumed in both raw or cooked forms. The sweeter and tastier the ripe papaya is to eat, the more it is full of health. It also has many health benefits. Therefore, eating papaya keeps the body healthy.

    The seeds, peel and pulp of papaya are used in Ayurveda. Being rich in medicinal properties, it is also used as a treatment for many diseases. Papaya belongs to the Caricaceae family.

    Benefits of Papaya

    Papaya is beneficial for people of all ages. It works to give strength to the body and increase immunity which helps in protecting the body from many diseases. Let us discuss some of the major benefits of papaya-

    As a powerful antioxidant-

    According to scientific research published by NCBI (National Center for Biotechnology Information), polyphenols are found in papaya extract or all its parts. It is a type of powerful antioxidant that helps in maintaining health and preventing diseases. Apart from this, this property of papaya is helpful in reducing the risk of oxidative stress and its related diseases. Along with this, it also works to eliminate free radicals present in the body.

    Helpful in maintaining heart health-

    Papaya is very beneficial in keeping the heart-healthy. Many types of phytonutrients are found in it of which potassium and vitamin-C are able to protect the cardiovascular system. They prevent heart diseases before they progress by preventing the damage caused by oxidation on the heart. Apart from this, the polyunsaturated fatty acids present in it work to reduce the amount of bad cholesterol which is very important for a healthy heart.

    For immunity-

    According to a research report done on papaya, it has antioxidant and immunostimulant properties which help in increasing the immunity of the body and remove physical weakness.

    For digestion-

    Poor digestion power of the body is the cause of many problems but according to a report, the consumption of papaya improves the digestive power of the body because it contains two important compounds called chymopapain and papain which are known to cure digestive disorders. The papain found in it helps in the rapid digestion of proteins in the body which reduces the acid reflex. Apart from this, the dietary fibre present in it keeps the bowel movement normal.

    Beneficial in reducing weight-

    Papaya contains a high amount of fibre which works to control abdominal obesity. Actually, due to being high in fibre, it increases metabolism due to which the body burns calories. As a result, it helps in reducing weight.

    Control diabetes-

    Consumption of papaya is good for diabetes due to its being rich in fibre because consuming a diet rich in fibre slows down the digestion power due to which less amount of sugar is absorbed in the blood. Because of this, the pancreas gets a lot of time to make insulin which helps in controlling diabetes. In fact, insulin is a hormone that converts sugar molecules into energy.

    For eyes-

    Many nutrients are present in papaya. Vitamin-A is also one of these elements which are very important for the eyes. Since the lack of vitamin-A affects eyesight. Therefore, the defects of the eyes can be removed by the consumption of papaya.

    Helpful in preventing cancer-

    Oxidative stress and free radicals lead to many physical problems including cancer. Since papaya has antioxidant properties, it helps to reduce the problem of oxidative stress and free radicals. Apart from this, a compound called pectin is found in papaya which has anti-cancer properties which help prevent cancer from growing in the body.

    For the prevention of wounds, inflammation-

    Papaya extract has healing properties that reduce bacteria which are helpful in healing wounds, reducing inflammation and removing scars. The research found that dressing of papaya fruit on the edges of surgical wounds can make the wound heal faster. Apart from this, the anti-inflammatory effect present in papaya also helps in reducing and preventing inflammation.

    Beneficial for arthritis-

    Eating papaya strengthens bones because it is rich in calcium and potassium. Therefore, patients with arthritis must consume papaya daily.

    In menstrual problems-

    Consumption of papaya is considered a good remedy for women to get relief from pain during menstruation. Papaya contains an enzyme called papain which helps in reducing the pain or discomfort in the body at that time.

    Helpful in skincare-

    Apart from health, papaya is also beneficial for the skin. According to the research done on this, a good amount of bioflavonoids and antioxidants are found in papaya. It moisturizes the skin and helps clear pigmentation and reduce wrinkles. Apart from this, it is helpful in curing dark circles under the eyes, eczema and psoriasis. Also, both lycopene and vitamin C present in papaya prove to be helpful in reducing the signs of ageing.

    Beneficial for hair-

    Consumption of papaya is very beneficial for hair as many types of minerals and vitamins are found in papaya. For this, apply the juice of papaya leaves as a conditioner in the hair. By doing this the hair becomes thick, long and strong.

    Uses of Papaya

    • Papaya peel is taken out and eaten.
    • Papaya is used to make juices, jellies and jams.
    • It is also consumed by making fruit salad.
    • Papaya pudding is made and consumed.
    • Raw papaya is consumed as a vegetable.
    •  It is also eaten in the form of a pickle.
    • In many places, ripe papaya is also used for making sweets.

    Side effects of Papaya

    • Due to the presence of latex, papaya can cause uterine contractions. This can lead to problems like miscarriage, premature delivery, etc. Therefore, do not consume papaya during pregnancy.
    • Lactating women should consume papaya only on the advice of a doctor.
    • Gastrointestinal problems such as vomiting, abdominal pain, belching, etc. can arise due to excessive consumption.
    • Due to the excess of beta carotene, excessive consumption of papaya can cause discolouration of the skin which is called carotenemia in medical language. In this, the colour of the hands and the soles of the feet turn yellow.
    • Papaya consumption is not suitable for infants (under 1-year-old).
    • Consuming it in excess can cause thyroid problems.

    Where is Papaya found?

    Papaya is believed to be native to South America but now it is more or less seen in homes or gardens all over India. It is believed that papaya was brought to the Indian state of Kerala by the Portuguese before 400 BC. The people of Kerala call it Kappakaya which in a literal sense means the fruit that came from the ship that is why it is still produced more in Kerala. Apart from this, Mumbai, Bangalore, Poona, Chennai and Ranchi are also leaders in papaya production.

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    10 Interesting Benefits of Peanuts: Uses & Side Effects

    Posted 18 April, 2022

    10 Interesting Benefits of Peanuts: Uses & Side Effects

    Peanuts, commonly known as mungfali, are an excellent plant-based source of protein.These are rich in vitamins, minerals and other nutritional compounds. Its scientific name is Arachis hypogaea. Many people consider peanuts as nuts whereas Peanuts are actually legumes because they grow underground (unlike walnuts and almonds, which grow on trees). In India, peanuts are so common that they are eaten as evening snacks in many households and have different regional names. People call it ‘Pallelu’ in ‘Andhra pradesh (Telugu)’, ‘Kadalai’ in Tamil Nadu, ‘Singdana’ in Gujarat region and Shengdana in Maharashtra.

    Importance of Peanuts in Ayurveda

    According to Ayurveda, bones and joints are the locations of Vata in the body. Joint pain is mainly caused by Vata imbalance. Applying Peanut oil helps relieve joint pain due to its Vata balancing properties. It also gives strength to the joints due to its Snigdha (oily) properties.

    Benefits of Peanuts

    Fights stomach cancer-

    Polyphenols (antioxidants) are found in high concentrations in peanuts. It has the ability to reduce the risk of stomach cancer by reducing the production of cancer causing nitrous-amines.

    Promotes weight loss-

    It is one of the favourite foods for weight loss as peanuts are high in healthy monounsaturated fat and rich in nutrients. If you eat peanut butter with a slice of bread every morning, you are less likely to gain weight.

    Reduces depression-

    Insufficient secretion of serotonin by nerve cells in the brain is responsible for the development of depression. Peanuts contain an amino acid called tryptophan which helps in releasing serotonin and fights depression.

    Reduces joints pain-

    According to ayurveda science, vata dosha situated in bones and joints get vitiated which further hampers the functioning of the joints and bones leading to pain in the body. Applying lukewarm peanut oil nourishes the joint or bone in order to regain their proper functioning. Peanut oil has Snigdha guna (oily and nourishing properties) to pacify the vitiated vata dosha which helps in reducing the pain and improves the flexibility of the affected joint.

    Boosts energy and strengthen bones-

    Peanuts are an instantsource of energy and provide your body with lots of vitamins, minerals and antioxidants. The abundance of iron and calcium found in peanuts are the most important factor in transporting oxygen to the blood and promoting strong bones.

    Good source of vitamin B-

    Peanuts are a healthy snack which contains healthy monounsaturated fats, a good source of vitamin Bwhich helps in improving metabolism at cellular level and maintaining good mental health.

    Provides clear skin-

    Toxins can cause rashes and excess oil on the skin. The high fiber content in peanuts helps flush out excess toxins, leaving your skin clean and flawless.

    Regulates blood sugar-

    Manganese in peanuts helps absorb calcium, fat metabolism and regulates blood sugar levels.

    Prevents hair loss-

    Peanuts contain vitamin C, which supports the production of collagen, which holds our hair tissues together. These contain L-arginine, which is used to treat male pattern baldness, while omega-3 fatty acids strengthen hair follicles and promote hair growth.

    Improves memory-

    Peanuts contain vitamin B3, or niacin which improves brain functioning and improves memory. These also contain a flavonoid called resveratrol, which helps in increasing blood flow to the brain by up to 30%.

    Reduces signs of ageing-

    Peanuts contain vitamin C and vitamin E, which can help prevent signs of aging such as wrinkles, blemishes and fine lines.

    Side Effects of Eating too Many Peanuts

    Eating too many peanuts can interfere with mineral absorption, and if you buy salted peanuts, you are consuming a lot of sodium.

    Here are the side effects of eating too many peanuts:

    • Weight gain
    • Nutritional deficiency
    • Mineral absorption issues
    • High blood pressure
    • Bloating
    • Constipation
    • Chest burn

    Where Peanuts are grown?

    Peanuts are grown inIndia, Nigeria, China, Sudan, Burma, Argentina and Senegal. In India, these are found inAndhra Pradesh, Gujarat, Tamil Nadu, Karnataka, Maharashtra and Rajasthan.

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    Know the Medicinal Importance, Benefits and Uses of Kokum

    Posted 15 April, 2022

    Know the Medicinal Importance, Benefits and Uses of Kokum

    Kokum is a fruit scientifically known as Garcinia Indica. The fruit looks like an apple and is quite popular for its health benefits. This fruit is considered beneficial for reducing weight, strengthening the digestive system and curing many diseases. Most people like to consume it in the form of juices, salads and smoothies.

    Importance of Kokum

    Kokum is rich in antioxidants, antibacterial and antiviral properties. Apart from this, it is considered a good source of vitamins and minerals. At the same time, elements like magnesium, calcium, potassium, iodine, nitrate, phosphorus, vitamin C, vitamin B1, B2 and sodium are present in it which help in increasing the digestion process in the body, increasing stamina, controlling blood pressure, youthful skin and many other diseases. Due to all these properties, kokum fruit has been used as a medicine and spice for years.

    Benefits of kokum

    To reduce weight-

    Kokum contains vitamin C and fibre which helps in reducing the extra body fat. Vitamin C present in kokum improves metabolism by preventing the deposition of fat. Therefore, to lose weight we should include kokum in our daily diet.

    For digestion-

    Kokum is beneficial for digestion and stomach problems like gas. Consumption of kokum works to have a positive effect on the digestive system by stimulating the digestive juices due to which the functions of the digestive system of the body improve.

    For immunity-

    Kokum promotes immunomodulatory. Vitamin C and many types of minerals are found in kokum that works by influencing the immune system. Apart from this, the antiviral, antibacterial properties present in kokum help in keeping the body healthy by removing bacteria.

    For heart health-

    Kokum works to keep the heart healthy & protect it from diseases. According to scientific research, nutrients like vitamin B-complex, potassium, magnesium and manganese are present in Kokum fruit which help control blood pressure and heart rate. Apart from this, the cardioprotective properties present in kokum fruit prove to be beneficial in reducing the risks of stroke and heart-related problems.

    Beneficial for liver-

    Wrong eating habits and lifestyles have a direct effect on the liver. In such a situation, it is necessary to change your diet and routine from time to time. For this, including kokum fruit in your diet along with other foods is very beneficial for the liver as kokum contains various bioactive compounds like garcinol, which act as antioxidant, antibacterial and antiviral. These properties work to keep the liver healthy and protect it from cancer or any kind of damage. Therefore, include kokum fruit in your diet.

    Get rid of constipation-

    Kokum fruit proves to be effective in relieving problems like abdominal cramps, constipation, diarrhoea etc. The fruit is beneficial for stimulating the digestive system. It also helps in relieving gastrointestinal problems like indigestion, acid reflux, etc. For this, consume kokum juice daily. By doing this the complaint of constipation can be removed.

    For diarrhoea-

    The use of kokum fruit is considered effective for diarrhoea as it has anti-diarrhoea properties. It also proves to be effective in the problem of dehydration due to diarrhoea. For this, make juice of kokum fruit and consume it. By doing this, there is relief in diarrhoea.

    To keep the skin young-

    Kokum reduces the signs of premature ageing as it contains high amounts of Vitamin-C and E that exhibit antioxidant effects. Due to this effect, kokum helps to keep the skin young for a long time by reducing the effect of free radicals. Apart from this, kokum also helps in removing wrinkles by controlling the amount of collagen. Therefore, kokum fruit can be used to reduce the effects of aging and to remove skin related problems.

    For skin irritation-

    The use of kokum is beneficial for burning skin. For this, mix the pulp of kokum fruit with curd and apply it to the affected area. Doing this helps reduce skin irritation caused by sunburn or other reasons. Therefore, kokum is also used in making many types of cosmetic products or foot creams.

    For hair growth-

    The main reason for the problem of hair loss and baldness is the lack of sufficient nutrients. Kokum contains vitamin B and vitamin C in abundance which helps in hair growth by reducing the problem of alopecia (hair loss).

    Uses of Kokum

    • Kokum fruit is consumed like other fruits by removing the peel.
    • The fruit is also used in the form of juice or syrup.
    • Kokum is used as a flavouring agent to enhance the taste of food.
    • It is used for sourness in lentils, sambar and vegetables.
    • It can be used as a salad or smoothie.

    Side effects of Kokum

    • Excessive consumption of kokum can lead to the problem of metabolic acidosis.
    • If a person is taking blood pressure medicine, then its consumption should be avoided.
    • People who have any kind of skin allergies should consume it only according to the advice of the doctor.

     

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    Know the Medicinal Importance, Benefits and Uses of Melon

    Posted 31 March, 2022

    Know the Medicinal Importance, Benefits and Uses of Melon

    Melon is a fruit known for its unique taste and consumed as a fresh ripe fruit. The sweeter and tastier the melon is, the more it is full of health. It is beneficial to consume it during summers because in addition to nutritious elements, a good amount of water is found in it which prevents the body from getting dehydrated in summer. Apart from this, there are many health benefits of melon. Therefore, eating melon keeps the body healthy. Its seeds, peel are used in Ayurveda along with melon. Being rich in medicinal properties, it is also used as a treatment for many diseases. The botanical name of melon is Cucumis melo, which belongs to the Cucurbitaceae family.

    Importance of Melon in Ayurveda

    According to Ayurveda, Melon has a cooling effect. It is a great source of minerals and vitamins. It mainly contains calcium, iron, vitamins A and C. In Ayurvedic medicine, melon or oil made from its seeds helps in curing many diseases. Vitamins A and C present in it are useful for immune health, healthy blood flow and good metabolism plus the mineral and magnesium are helpful for boosting immunity and maintaining strong bones. They work to normalize blood sugar levels and protect the body from dehydration. Melon protects the body from diseases like scurvy. The juice of melon is used in eczema, headache, urinary tract, facial blemishes etc. Due to being full of these properties, melon has been given a status of Ayurvedic medicine.

    Benefits of Melon

    Helpful in reducing weight-

    Melons contain a high amount of fiber which helps to control abdominal obesity. It contains plenty of fiber which helps increase metabolism due to which the body burns calories. As a result, it helps in reducing weight.

    Effective in preventing cancer-

    Oxidative stress and free radicals lead to many physical problems including cancer. Antioxidant properties are found in melon which reduce the problem of oxidative stress and free radicals. Apart from this, anti-cancer properties are found in melons. According to scientific research, anti-cancer properties prevent the growth of tumors formed in the body.

    Useful for diabetes-

    Consumption of melon is good for diabetes as it is rich in fiber because consuming a diet rich in fiber slows down the digestion power due to which less amount of sugar is absorbed in the blood. Because of this, the pancreas gets a lot of time to make insulin which helps in controlling diabetes. Insulin is a hormone which converts sugar molecules into energy. Apart from this, according to a report published on the website of NCBI (National Center for Biotechnology Information), oxycaine is found in melons which balances the level of sugar in the blood.

    For eyes-

    Watermelon contains many nutrients. Vitamin-A is also one of these elements which is very important for the eyes. Lack of vitamin-A affects the eyesight therefore, the defects of the eyes can be removed by the consumption of melon.

    For heart health-

    Melon is rich in various vitamins and minerals which helps to keep the heart healthy. It contains beta carotene, which acts as a powerful antioxidant. It maintains proper blood circulation in the heart, so that heart attack and other fatal heart diseases can be avoided.

    Helpful in relieving stress-

    Melon works to relieve stress. According to medical research done on this, the superoxide dismutase (SOD) enzyme is found in abundance in melon juice which is beneficial for reducing stress. It also works to lower blood pressure and relax the nerves. In addition, superoxide dismutase is the main enzyme of the body's enzymatic antioxidant defense system which also helps in getting rid of oxidative stress.

    For Immunity-

    The benefits of melon also include strengthening the immune system. It is rich in Vitamin C which exhibits an antioxidant and immunostimulant property. It helps in increasing the immunity of the body and removes physical weakness.

    For digestion-

    Poor digestion power of the body is the cause of many problems. Consumption of melon improves the digestive power of the body according to a report because it is rich in fiber which helps in improving digestion. It also reduces acid reflux. Apart from this, the dietary fibers in it maintain normal bowel movement. Melon is a juicy fruit having a lot of water content. It keeps the body hydrated in summers and also provides coolness to the body.

    Beneficial for arthritis-

    Melon has anti-inflammatory properties which prevents oxidative stress in joints and bones. Apart from this, calcium and potassium are found in melons which strengthen the bones. Therefore, arthritis patients must consume melon during summers.

    For pregnant women-

    Consumption of melon is beneficial for pregnant women because many types of vitamins and minerals are found in it which are very important for a pregnant woman. It fulfills the deficiency of nutrients in the body during pregnancy. Apart from this, the folic acid present in melon protects against neural tube (problem related to the bones of the baby's brain and spine).

    For anti aging-

    Consumption of melon has been shown to have a positive effect in reducing the effects of aging. Due to lack of elements like vitamins A, C, E and antioxidants in the body, the problem of aging starts accelerating. All these elements are found in abundance in melons or face packs made from it. Therefore, it is believed that melon is helpful in slowing down the effects of aging.

    Useful for hair-

    Zinc, iron, niacin present in melon prove to be effective in removing the problem of hair fall. It also strengthens the hair. Scientific research done on it shows that behenic acid is found in its oil which is used as a conditioner and moisturiser. It helps to improve the texture and strength.

    Uses of Melon

    • The outer layer of the melon is peeled before eating.
    • Melon is used to make smoothies.
    • It is also consumed by making fruit salad.
    • Melon seeds are made into tea and consumed.
    • The seeds of melon are also used for making laddus.
    • Its seeds are made into powder and consumed.

    Side effects of Melon

    • Some people may be allergic to consuming melon therefore such individuals should not consume it.
    • Water should not be drunk immediately after eating melon. Doing so can lead to a major contributor of getting cholera.
    • A person suffering from severe cough, cold or sinus should use it in small quantities.
    • Melon should not be consumed in the morning on an empty stomach. Doing so can cause bile disorders in the stomach.
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    जानें, आयुर्वेद में मुनक्का के फायदे और महत्व

    Posted 24 May, 2022

    जानें, आयुर्वेद में मुनक्का के फायदे और महत्व

    अंगूर को विशेष तरीके से सुखाकर मुनक्का तैयार किया जाता है। यह एक प्रकार का मेवा है, जो दो रंग के होते हैं। पहला लाल मुनक्का और दूसरा काला मुनक्का। अंगूर के सभी गुण इसमें पाए जाते हैं। इस मेवे में खूब विटामिन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जिनमें भरपूर औषधीय गुण पाए जाते हैं। मुनक्का खाने से पाचन क्रिया दुरुश्त रहती है और कोलेस्ट्रॉल कम होता है। साथ ही मुनक्का के सेवन से दिल दुरुस्त रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अपने डाइट में मुनक्का को शामिल करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं। इसलिए आयुर्वेद में मुनक्का को सेहत के लिए अच्छा माना गया है।

    आयुर्वेद में मुनक्का का महत्व-   

    आयुर्वेद के अनुसार इसकी तासीर गर्म होती है। मुनक्का में विटामिन ए, सी, बी6, फोलेट के अलावा कई प्रकार के मिनरल्स जैसे पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और सेलेनियम भी पाए जाते हैं। जो हमारे स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए फायदेमंद होते हैं। इनका सेवन कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। इस रूप में मुनक्का हृदय संबंधित रोग और अन्य बीमारियों से बचाव करने में मदद करता है। इसका मुख्य घटक रेस्वेराट्रोल (resveratrol) यानी एक प्रकार का पॉलीफेनोल है। जो मानव रोगों में विभिन्न औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसी वजह से मुनक्का को आयुर्वेद में स्वास्थ्य और सौंदर्य का खजाना बताया गया है।

     मुनक्का के फायदे-

    कब्ज को दूर करने में सहायक-

    गलत खान-पान की वजह से कई लोग कब्ज से परेशान हैं। इससे निजात पाने के लिए फाइबर युक्त डाइट जरूर लेनी चाहिए । वहीं, मुनक्का में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। जो कब्ज की परेशानी को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकती है। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर जठरांत्र (Gastrointestinal) मार्ग से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे राहत पाने के लिए सुबह खाली पेट10 मुनक्का को दूध में उबालकर पिएं। ऐसा कम से कम एक हफ़्तों तक करने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।

    दातों के लिए फायदेमंद-

    मुनक्का का सेवन दातों के लिए लाभकारी होता है। इसमें ओलेनोलिक एसिड पाया जाता है, जो एक तरह का फाइटोकेमिकल होता है। यह सभी प्रकार के दंत एवं मुंह से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है। इसके लिए मुनक्का को रात में पानी में भिगोकर रख दें। उसके बाद अगले सुबह इस मुनक्के को खाली पेट सेवन करें। ऐसा करने से मुंह की बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।

    अनिद्रा को दूर करने में मददगार-

    मुनक्का का सेवन अनिद्रा (नींद न आना) को दूर करने में मददगार साबित होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व नींद के समस्या को ठीक करते हैं। इसके लिए रात को बिस्तर पर जाने से पहले मुनक्का को दूध में उबालकर सेवन करें। ऐसा करने से यह मस्तिष्क को शांत करती है। साथ ही अच्छी नींद आती है।

    हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक-

    मुनक्का हृदय को स्वस्थ रखने में बेहद लाभदायक होता है। इसमें विविध प्रकार के फायटोन्यूट्रियन्ट्स पाए जाते हैं। जो हृदय प्रणाली की रक्षा करने में सक्षम होते हैं। यह हृदय पर ऑक्सीडेशन से होने वाली क्षति पर रोक लगा कर हृदय रोगों को बढ़ने से पहले ही रोक देते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने का काम करता है। जो एक स्वथ्य हृदय के लिए बहुत जरूरी होता है।

    ब्लड प्रेशर के लिए-

    मुनक्का रक्तचाप सामान्य करने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद गामा-लिनोलेइक एसिड, जो एक प्रकार का एंटी- इंफ्लामेंटरी फैटी एसिड है। जिसका मुख्य काम नसों को आराम पहुंचाने का होता है। इसके अलावा मुनक्का में पोटैशियम की उच्च मात्रा होती है, जो उच्च रक्तचाप को सामान्य बनाए रखने में मदद करती है। जिससे शरीर में रक्तचाप सामान्य बना रहता है।

    इम्यूनिटी के लिए लाभप्रद-

    मुनक्का रोग-प्रतिरोधक (इम्युनिटी) बढ़ाने के लिए लाभप्रद है। दरअसल, मुनक्का में अच्छी मात्रा में विटामिन और खनिज होता है। जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए मुनक्का को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

    कैंसर से बचाव में असरदार-

    मुनक्का एंटी ऑक्सीडेंट एवं फायटोकैमिकल्स से भरपूर है। इसलिए यह कैंसर को शरीर पर कब्जा करने एवं ट्यूमर के विकास को रोकता है। साथ ही कैंसर की कोशिकाओं (cancer cells) को नष्ट भी करता है। मुनक्का स्तन के कैंसर को रोकने में विशेष रूप से फायदेमंद है।

    हड्डियों को मजबूत बनाने में कारगर-

    मुनक्का  मिनरल्स एवं फायटोकैमिकल्स का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। इसलिए इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, ऑस्टियोपोरोसिस और रूमेटोइड गठिया जैसी बीमारियों को रोकने में मदद करता है। इसमें कैल्शियम और पोटैशियम भी निहित होते हैं। जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं। इसमें पाए जाने वाला प्रोएंथोस्यानिडींस (proanthocyanidins) नामक पॉलीफेनोल हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। इसके अलावा मुनक्का का सेवन शरीर में सूजन और मुक्त कणों के उत्पादन को भी रोकता है। जो हड्डियों को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं।

    आंखो के लिए फायदेमंद-

    आंखों के रोशनी के लिए मुनक्का का सेवन लाभकारी होता है। क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए और बीटा कैरोटीन जैसे पॉलीफेनोलिक फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। जो दृष्टि को कमजोर करने वाली मुक्त कणों को कम करके आंखों की रक्षा करने में मदद करते हैं। जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती हैं। इसके अलावा नियमित रूप से मुनक्का का सेवन करने से आंखों की कमजोरी, मांसपेशियों की क्षति एवं मोतियाबिंद जैसीबिमारियों से बचाव होता है।

    त्वचा के लिए फायदेमंद-

    मुनक्का का सेवन त्वचा के लिए बेहद अच्छा होता है। यह त्वचा की सेहत का ध्यान रखने का काम करता है। इसमें मौजूद एंटीआक्सीडेंट और रेस्वेराट्रॉल (Resveratrol) त्वचा से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करता है। यह त्वचा की कोशिकाओं की रक्षा करता है। साथ ही यह फ्री रेडिकल्स से होने वाली नुकसान से बचाता है। इस प्रकार यह त्वचा को स्वस्थ्य और सुंदर बनाए रखता है। इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन ए और ई त्वचा के बाहरी परत में नई कोशिकाओं के विकास में सहायक होती है।

    बालों के लिए फायदेमंद-

    मुनक्का एक पौष्टिक मेवा हैं। जिसका सेवन बालों के लिए हितकारी होता हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों को स्वस्थ्य बनाने और उन्हें मजबूती प्रदान करने का काम करते हैं। इसमें मौजूद विटामिन ई बालों को जरूरी पोषण देता है। साथ ही बालों के विकास को भी बढ़ावा देने का काम करता है। इसके अलावा मुनक्का में मौजूद विटामिन सी बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखता है।

    मुनक्का के उपयोग-

    • मुनक्का का उपयोग दूध में उबालकर सेवन किया जाता है।
    • इसका उपयोग रात को पानी में भिगोकर अगली सुबह सेवन किया जाता है।
    • मुनक्का का उपयोग आइसक्रीम या फालूदा के रूप में किया जाता है।
    • मिठाई या लड्डू के रूप में मुनक्का का उपयोग किया जाता है।

    मुनक्का के नुकसान-

    • इसके अधिक सेवन से कैलोरी की मात्रा अधिक हो जाती है। जिससे शरीर की वजन बढ़ा सकता है।
    • मुनक्का में ट्राइग्लिसराइड की उच्च मात्रा पाई जाती है। इसलिए इसका अधिक सेवन ह्रदय रोग, फैटी लिवर और मधुमेह का कारण बन सकता है।
    • जिन लोगों को मुनक्का से एलर्जी है। ऐसे लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए।
    • कुछ लोगों को मुनक्के की अधिक मात्रा में सेवन करने से उल्टी, दस्त एवं बुखार की समस्या हो सकती है।
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